पन्ना। नईदुनिया प्रतिनिधि

पूरे पन्ना शहर के नाले व नालियों का दूषित पानी को नगर की एकमात्र किलकिला नदी में समाहित किया जा रहा है और इसके समीपी लगभग तीन किमी में स्थित खेतों में इसी दूषित जल का उपयोग कर सब्जी-भाजी का धंधा फल-फूल रहा है। यही दूषित सब्जियां पूरे नगर में आकर बेची जाती हैं जो घर-घर पहुंचाकर अनचाही बीमारियों को जन्म देती हैं। शहरभर का गंदा पानी इस नदी में डाले जाने से नदी का पानी काला व बदबूदार हो गया है। नदी के समीप जाने पर ही इसका एहसास हो जाता है कि इसका पानी किस प्रकार दूषित हो गया है। साथ ही इससे उठने वाली गंध पूरे वातावरण को भी दूषित कर रही है। नदी के गंदे पानी से सींचकर उगाई जा रही सब्जी अपने साथ अनेकों बीमारियों के जीवाणु लोगों के घर तक पहुंचा रही है। अच्छी सेहत के लिए हरी सब्जियों का सेवन बेहतर माना जाता है लेकिन इस गंदे व दूषित पानी से उगाई जा रही ये हरी सब्जियां सेहत के लिए फायदेमंद होने के बजाय बीमारियां परोसने में मददगार साबित हो रहीं हैं। इस बात की पुष्टि उपसंचालक उद्यानिकी भी करते हैं कि इस प्रकार के गंदे पानी में ऑक्साईड, रासायन, फंगस आदि रहता है जोकि सब्जियों के माध्यम से हमारे शरीर में जाने का खतरा बना रहता है।

एनजीटी के आदेशों का हो रहा उल्लंघन

एनजीटी के स्पष्ट आदेश हैं कि सीवर के पानी से सिंचाई कर सब्जियां न उगाई जाए। इस संबध में प्रदेश सरकार को भी एनजीटी में बीते साल आदेशित करते हुए कहा था कि प्रदेश में कहां-कहां सीवर के पानी से सब्जियों का उत्पादन किया जाता है, इसका पता लगाया जाए। सीवर के पानी से उगाई जाने वाली सब्जियां लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। एनजीटी ने इस प्रकार से उगाई जा रही सब्जियों में रोक लगाने के निर्देश दिये थे व उगाई हुई सब्जियों को भी नष्ट करने की बात कही थीं लेकिन पन्ना नगर में इन आदेशों का कोई परिपालन नहीं किया जा रहा है और खुलेआम सीवर के पानी जो कि नदी में भरा हुआ है उसका उपयोग समीपी कास्थकार पम्प लगाकर खेतों में सिंचाई कर सब्जियों का उत्पादन कर रहे हैं।

सब्जियों से आती है दुर्गंध

इस प्रकार के दूषित पानी से उगाई गईं खासकर जमीन के अंदर पैदा होने वाली कंदरूपी सब्जियां जिसमें आलू, शलजम, गाजर, मूली, अरबी आदि-आदि सब्जियां जब बाजार में आती हैं। इनमें उस गंदे पानी की महक होती है जिनकी सिंचाई से इनका उत्पादन किया गया है।

प्रशासन को उठाना चाहिए कारगर कदम

पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष व जल बिरादरी के अध्यक्ष बृजेन्द्र सिंह बुंदेला का कहना है कि जन स्वास्थ्य से जुड़े इस गंभीर मामले पर प्रशासन को अविलम्ब कारगर और प्रभावी कदम उठाना चाहिए। उन्होंने बताया कि यह बेहद संवेदनशील विषय है जिस पर त्वरित कार्यवाही की जरूरत है क्योंकि शौचालय व घरों का गंदा पानी नालियों के द्वारा किलकिला नदी में पहुंचता है और इसी गंदे तथा संक्रमित पानी का उपयोग सब्जियों के उत्पादन में किया जा रहा है।

....................... सीवर व दैनिक उपयोग के गंदे पानी से उगाई जाने वाली सब्जियों में ऑक्साइड, रसायन व फंगस रहने की आशंका रहती है जो स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक है। इस प्रकार के गंदे पानी से सब्जियां नहीं उगाई जानी चाहिए।

-महेन्द्र एम. भट्ट, सहायक संचालक, उद्यानिकी विभाग पन्ना।