पन्ना। नईदुनिया प्रतिनिधि

जिले में नसबंदी आपरेशन शुरू होते हुए आए दिन लापरवाही देखने को मिल रही है। सोमवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अजयगढ़ में एक दिन में 100 महिलाओं को नसबंदी आपरेशन करवाने का लक्ष्य रखा गया। अस्पताल में महिलाएं अपने परिजनों के साथ आईं। परीक्षण उपरांत ऑपरेशन प्रारंभ किया गया और 2 घंटे में 60 महिलाओं की नसबंदी आपरेशन कर दिए। जबकि आपरेशन के बाद महिलाओं को उचित व्यवस्थाएं नही की गई। नसबंदी के बाद महिलाओं को अस्पताल के फर्श पर लिटा दिया गया और इस भीषण ठंड में उन्हें गद्दे व रजाई की व्यवस्था नहीं की गई। इस कारण उनके साथ आये परिजनों ने इस ओर नाराजगी व्यक्त कर अपनी ओर से व्यवस्थाएं कर महिलाओं को कपड़े उपलब्ध कराए।

सोमवार की देर शाम सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अजयगढ़ में नसबंदी कैम्प का आयोजन किया गया था। इसमें महिलाओं को लाने के लिए मैदानी क्षेत्र में कार्यरत स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को लक्ष्य भी दिया गया था। भारी मशक्कत के बाद लगभग 107 महिलाएं नसबंदी के लिए आईं थीं और आनन-फानन में उनके नसबंदी आपरेशन प्रारंभ कर दिये गये। जबकि इतनी अधिक संख्या में आई महिलाओं के लिए स्वास्थ्य केन्द्र में न तो पर्याप्त जगह थी और न ही प्रबंध किये गये थे। शिविर में देर शाम तक महिला डॉक्टर द्वारा करीब 60 नसबंदी आपरेशन कर दिए गए। इसके अलावा करीब 40 महिलाओं को बेहोशी का इंजेक्शन लगाने के बाद उन्हें अस्पताल की फर्श पर लिटा दिया गया। जैसे ही इसकी जानकारी कुछ लोगों को लगी तो वहां लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई और नियम विरुद्घ हो रहे नसबंदी आपरेशन का विरोध किया जिसे देख वहां पर आई महिला डॉक्टर भाग खड़ी हुई। जबकि ऑपरेशन का इंतजार कर रही 40 महिलाएं बेहोश पड़ी रहीं।

कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में नसबंदी आपरेशन के दौरान हुई लापरवाही की जानकारी जैसे ही कलेक्टर मनोज खत्री को लगी तो उन्होंने सीएमचओ को उचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। कलेक्टर के निर्देश के बाद अजयगढ़ एसडीएम विनय द्विवेदी ने महिलाओं के बयान दर्ज कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में कुल 107 महिलाएं नसबंदी करवाने के लिए आई थीं। महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई। महिलाओं का नंबर के अनुसार आपरेशन करना निश्चित किया गया था। लेकिन महिलाओं के साथ आए परिजनों की जल्दबाजी के कारण 8 महिलाओं को बेहोशी का इंजेक्शन लगा दिया था। 60 ऑपरेशन के बाद आपरेशन नही किए गए। इस कारण केवल 8 महिलाएं ही बेहोशी का इंजेक्शन लगाने के बाद आपरेशन से वंचित रह गईं। इनका सुबह ऑपरेशन किया गया है।

-केपी राजपूत, बीएमओ, अजयगढ़।