उचेहरा। नईदुनिया न्यूज

मैहर जनपद क्षेत्र के ग्राम पंचायत बड़ी जरियारी में भ्रष्टाचार की कहानी अजीबो-गरीब है। ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव ने मिलकर जो कारनामा किया है। उसमें हाथ क्षेत्रीय सहायक यंत्री व उपयंत्री का भी है। हैरानी की बात तो यह है कि एक माह पहले 29 जून को जांच रिपोर्ट मैहर एसडीएम को सौंप दी गई है। लेकिन अब तक कोई कार्रवाई दोषियों पर नहीं की गई। भ्रष्टाचार उजागर होने की जब शिकायत हुई तो ग्राम पंचायत द्वारा नई सड़क बना दी गई। वह भी गुणवत्ता विहीन मिली। सड़क मेजरमेंट बुक में चढ़ी ही नहीं थी। जांच ग्राम पंचायत में हुए भ्रष्टाचार की कहानी एकदम अजीबों-गरीब है। जहां काम ही नहीं हुआ वहां का मूल्यांकन भी हो गया। उसके बाद जो जांच हुई जांच में भी गड़बड़ी की गई। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के कार्यपालन यंत्री ने जिला पंचायत सीइओ को पत्र लगभग एक माह पहले लिखा है। लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई। पत्र में बताया गया है कि ग्राम पंचायत दिनेश पटेल घर से कोलान बस्ती तक की रोड पंच परमेश्वर योजना के तहत की सड़क बनाया जाना बताया गया है। इसमें 6.52 लाख रुपए भी आहरित हुए हैं। शिकायकर्ताओं का कहना है जांच दल गांव आया ही नहीं। घर बैठे ही प्रतिवेदन बनाकर भेज दिया गया है। मामले को निपटाने के लिए राजनीतिक दबाव की बात भी सामने आ रही है।

इन कामों की होनी थी जांच

य ग्राम पंचायत जरियारी रोड निर्माण दिनेश पटेल के घर के पास से कोलान रोड पर सीसी रोड का निर्माण किया गया है। जो उसके नीचे रोड पहले से बनी हुई थी। साथ ही सरपंच और सचिव द्वारा लागत से अधिक राशि का आहरण किया गया।

य ग्राम जरियारी के नया तालाब है। सेकेंडरी स्कूल से मुन्ना भाई के घर तक जो सीसी रोड का निर्माण किया गया है। यह रोड डस्ट से बनाई गई है और सड़क के किनारे पटरी का निर्माण कार्य नहीं किया गया। जिससे सड़क उखड़ने लगी है।

य ग्राम जरियारी के दीपक पटेल के घर के पास से पश्चिम की तरफ की सीसी रोड निर्माण कार्य किया गया। जिसमें लागत से अधिक दो लाख रूपए निकाल लिए गए।

य कैशा शुक्ला के घर के पास नाली का निर्माण किया गया। जिसका निर्माण टेस्ट से किया गया। जिसकी राशि 50 हजार रूपए आहरित की गई। साथ ही इस नाली का उपयंत्री के द्वारा मूल्यांकन कार्य भी नहीं किया गया है।

य आंगनवाड़ी की बावड़ी का घटिया कार्य किया गया और उसमें जो मूल लागत लगी हुई है और उस बाउंड्री में पिलर का निर्माण कार्य नहीं किया गया। साथ ही जो मूल लागत है। उससे से अधिक राशि का आहरण किया गया है।

य ग्राम जरियारी के कैश बुक एवं दिल बाउचरों की विशेष जांच की जाए। जिससे कि घटिया निर्माण होने पर दोषियों के विरुद्घ कार्रवाई की जाए।

य पूर्व में भी आवेदन पत्र दिनांक 29 साथ 2018 किया गया था। जो कि उसमें भी किसी प्रकार की कोई जांच नहीं की गई। उसकी भी जांच कार्रवाई कराई जाए।