-चार साल पहले प्रोजेक्ट को मिली थी हरी झंडी

- बीडीए को सौंपी गई थी शिफ्टिंग की जिम्मेदारी

भोपाल। नवदुनिया प्रतिनिधि

बीच शहर में चल रहीं 130 आरा मशीनों की शिफ्टिंग को लेकर भोपाल विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने सर्वे पूरा कर लिया है। जमीन आवंटन नहीं होने के कारण मामला अटका हुआ है। दरअसल, बीडीए ने सितंबर में जिला प्रशासन को चांदपुरा में जमीन के लिए पत्र लिखा था। तीन माह बाद भी जमीन को आवंटन नहीं हो सका है।

चार साल पहले चांदपुरा में ही आरा मशीनों व लकड़ी के पीठों को शिफ्टि करने पर सहमति बनी थी। वर्ष 2015 में इस काम की जिम्मेदारी बीडीए को सौंपी गई। मई 2016 में इस कार्य के लिए बीडीए ने 40 करोड़ रुपए की जरूरत बताई। निर्माण व विकास के लिए बीडीए ने नगरीय प्रशासन विभाग को पत्र भी लिखा था। इसके बाद तमाम पत्राचार के बाद मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। बीडीए की बैठकों में ही प्रोजेक्ट सिमट कर रह गया। शहर में आरा मशीनें छोला, भारत टॉकीज, छावनी-मंगलवारा, पातरा, बरखेड़ी, पुल बोगदा, आरा मशीन रोड (संत हिरदाराम नगर) में स्थित हैं। बीडीए के अधिकारियों के अनुसार शहर में 130 आरा मशीनें व पीठे हैं। इनकी शिफ्टिंग के प्रोजेक्ट के शुरूआती दौर में ही टिंबर एसोसिएशन ने अपनी सहमति दे दी थी पर जमीन फाइनल नहीं हो पाई।

इसलिए हो रही शिफ्टिंग की कवायद

सार्वजनिक और रिहायशी क्षेत्रों में ज्यादातर आरा मशीनें व लकड़ी के पीठे होने से इनकी शिफ्टिंग की कवायद शुरू की गई थी। पिछले सालों में आगजनी की बड़ी घटनाएं भी यहां हो चुकी हैं। साथ ही भारत टॉकीज क्षेत्र से आरा मशीनों की शिफ्टिंग न होने से सड़क चौड़ीकरण व सौंदर्यीकरण जैसे कई काम भी अटके हुए हैं।

वर्जन

आरा मशीनों की शिफ्टिंग को लेकर प्राधिकरण गंभीर है। हमारी तैयारी भी पूरी हो चुकी है। जमीन आवंटन के बाद काम शुरू कर दिया जाएगा।

बुद्धेश कुमार, सीईओ, बीडीए।