कई बार महिला प्रत्याशियों आजमाया हाथ पर नहीं मिली सफलता

- पार्टी नहीं देती सक्रीय महिला प्रत्याशियों को मौका, नेताओं के परिवार की महिलाओं को भी मिलता है मौका

सीहोर। जिले में चार विधान सभाओं में वर्तमान में आठ लाख 86 हजार 602 मतदाता हैं। पिछले 66 साल में जिले के मतदाता 14 विधान सभाओं में भागीदारी दे चुके हैं। जिनमें 47.82 प्रतिशत महिला मतदाता भी हैं। वह भी अपनी भूमिका निभाती हैं। इसके बाद भी अब तक हुए 14 विस चुनावों सिर्फ एक महिला को ही मतदाताओं ने विधानसभा तक पहुंचाया है। हांलाकि पार्टियां भी चुनाव जीतने के लिए पुस्र्‌ष प्रत्याशियों पर ही दाव लगाती है। हर बार महिला नेत्रियां टिकट मांगती हैं, लेकि न पार्टी सिर्फ महिला आरक्षति सीटों पर ही टिकट देती है। जिनमें से अधकितर टिकट कि सी प्रभावशाली नेता के परिवार की महिला को ही दिया जाता है।

अब तक हुए चुनावों के आंकड़ों और परिणामों को देखा जाए तो बहुत ही चौकाने वाली बात समाने आती है। जिले में पहली बार 1952 में विस चुनाव हुए। तब से अब तक 14 विस चुनवा हो चुके हैं। जिनमें सैंकड़ों महिला व पुस्र्‌ष प्रत्याशियों ने हाथ आजमाए, लेकि न एक ही बार महिला प्रत्याशी पर वोटरों ने विश्वास जताया और उसे विधानसभा तक पहुंचाया। अब तक हुए 14 विस चुनाव में जिले से 55 विधायकों को जनाता ने विजय दिलाई है। जिसमें सिर्फ एक महिला सबीता वाजपेयी ही हैं जो जीत हांसिल कर पाई हांलाकि दूसरी जब उन्होंने फिर से जब चुनाव लड़ा तो उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा। सबीत वाजपेयी के अलावा कई अन्य महिला प्रत्याशी भी चुनाव में अपना भाग्य आजमा चुकी हैं, लेकि न उन्हें सफलता नहीं मिली।

1977 में हांसिल की जीत 80 में देखना पड़ा हार का मुंह

1977 में सबीता वाजपेयी पहली बार चुनावी रण में थी। उन्हें जनता नें पसंद कि या और जीत भी हांसिल हुई। उनहें अपने निकटतम प्रतिद्वंदी से दोगुने वोट मिले थे। उनके प्रतिद्वंदी अजीज कु रेशी थे, जिन्हें 12 हजार 708 वोट मिले थे और वे 1972 के चुनाव के विजयी प्रत्याशी भी थे। वहीं सबीता वाजपेयी को 22 हजार 956 वोट मिले थे। जो अपने प्रतिद्वंदी से दोगुने थे। वहीं फिर 1980 में जब सबीता वाजपेयी ने अपना भाग्य आजमाया तो वे विफल रहीं। 1980 के चुनाव में उन्हें अपने प्रतिद्वंद्वी को मिले वोट का दसवां हिस्सा भी नहीं मिल सका था। उनके सामने सुंदर लाल पटवा और अमर चंद्र रोहिला भी मैदान में थे। विजयी प्रत्याशी सुंदर लाल पटवा को 19 हजार 833 वोट मिले थे। वहीं अमर चंद्र रोहिला को 19 हजार 657 वोट और सबीता वायपेयी को मात्र एक हजार 751 वोट ही मिल पाए थे।

सीट आरक्षति हो तो मिल सकता है मौका

जिले की एक भी विस सीट अभी तक कभी आरक्षति नहीं हुई। यदि सीट आरक्षति हो जाए तो चुनावी मैदान में सिर्फ महिला प्रत्याशी ही आमने-सामने होंगी। तब महिलाओं को ही मौका मिलेगा।

क्यों महिलाओं को नहीं मिल पाती फतह

- महिलाओं का क्षेत्र में अधकि संपर्क नहीं होता। इसलिए पार्टियां उन्हें कम टिकट देती हैं।

- पार्टियों में सक्रिया कार्यकर्ता और पदाधकिारी महिलाएं कम हैं और पुस्र्‌ष ज्यादा हैं। इसलिए उन्हें ही मौका मिलता है।

- गुटबाजी, खीचतांन और शक्ति प्रदश्‌ान के मामले में महिलाएं पीछे रह जाती हैं। इसके चलते भी उन्हें मौका नहीं मिल पाता।

विस सीटों पर महिलाओं की संख्या

विस-पुस्र्‌ष-महिला-कु ल

बुधनी-127847-116724-244580

आष्टा-129101-119040-248148

इछावर-104544-94825-199371

सीहोर-101058-93437-194503

कु ल-462550-424026-886602

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अधिकारियों व कर्मचारियों के अवकाश पर प्रतिबंध

सीहोर। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी तरुण कु मार पिथोड़े ने निर्वाचन कार्य के सुचारु रुप से संपादन के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों की आवश्यकता तथा निर्वाचन के महत्व को देखते हुए सभी प्रकार के अवकाश पर प्रतिबंध लगाया है। कलेक्टर ने निर्देशित कि या है कि जिन कर्मचारियों की ड्यूटी निर्वाचन कार्य में लगी हुई है वह जिला जिला निर्वाचन कार्यालय में आवदेन प्रस्तुत करेंगे व जिन कर्मचारियों की ड्यूटी निर्वाचन कार्य में नहीं लगी है, उन्हें के वल दो दिवस तक का अवकाश चाहिए, जो कि मतदान दिवस से अलग हो, जिनके प्रकरणों में वह अपने-अपने मुख्यालय के अनुविभागीय अधिकारी व रिटर्निंग ऑफीसर को आवेदन प्रस्तुत करेंगे। यह आदेश तत्काल प्रभावशील है।

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विभाग प्रमुख निर्माण कार्यों से संबंधित जानकारी तत्काल दें: कलेक्टर

सीहोर। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी तरुण कु मार पिथोड़े ने निर्वाचन 2018 को लेकर समस्त जिला प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि वह अपने-अपने विभाग के अधिनस्थ कि ए जा रहे व आगामी कि ए जाने वाले निर्माण कार्यों से संबंधित जानकारी तत्काल जिला निर्वाचन कार्यालय को भेजना सुनिश्चत करें।

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प्रशिक्षण के लिए कृषि विषय के युवाओं से आवेदन आमंत्रित

सीहोर। केंद्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्रालय भारत सरकार के तहत राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंधन संस्थान द्वारा नाबार्ड की सहभागिता से एग्री क्लीनिक एण्ड एग्री-बिजनेस सेन्टर स्थापनार्थ प्रशिक्षण का आयोजन नोडल प्रशिक्षण संस्थान उद्यमिता विकास के न्द्र मध्यप्रदेश (सेडमैप) में कि या जा रहा है। कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण आधारित उद्योग व्यवसाय स्थापित करने में रुचि रखने वाले युवाओं का चयन साक्षात्कार के माध्यम से कि या जाएगा। आवेदन के लिए न्यूनतम योग्यता कृषि विषय में हायर सेकन्डरी उत्तीर्ण है। कृषि विषय में उच्च शिक्षित स्नातक अथवा स्नातकोत्तर युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। दो माह के निशुल्क रहवासीय प्रशिक्षण पष्चात एग्री क्लीनिक, एग्री बिजनेस सेन्टर, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग या अन्य कृषि आधारित व्यवसाय के लिए नाबार्ड पुनर्वित्तपोषित योजना के तहत बैंकों के माध्यम से 20 लाख रुपए तक ऋण की सुविधा है। आवेदन की अंतिम तिथि 21 अक्टूबर निर्धारित की गई है।

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स्क्रीनिंग कमेटी करेगी आयोग को भेजे जाने वाले प्रस्तावों का परीक्षण

सीहोर। सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी शासकीय विभागों को निर्देश जारी कि ए हैं कि अब कोई भी विभाग अपना प्रस्ताव स्क्रीनिंग कमेटी के परीक्षण और अनुशंसा के पहले मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के माध्यम से या सीधे भारत निर्वाचन आयोग को प्रेषित नहीं करेगा। शासन ने भारत निर्वाचन आयोग को भेजे जाने वाले शासकीय प्रस्तावों के परीक्षण के लिए एक स्क्रीनिंग कमेटी का गठन कि या है। समस्त शासकीय विभागों को स्क्रीनिंग कमेटी के सामने प्रस्ताव प्रस्तुत करने के बारे में विस्तृत निर्देश जारी कि ए हैं। स्क्रीनिंग कमेटी में सदस्य के रुप में अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन विभाग और प्रस्ताव प्रेषित करने वाले विभाग के विभागाध्यक्ष को शामिल कि या गया है। शासकीय विभागों से कहा गया है कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों का अध्ययन करने के बाद ही प्रस्ताव स्क्रीनिंग कमेटी के समक्ष प्रस्तुत करें। संबंधित विभाग को यह कारण भी स्पष्ट करना होगा कि चुनाव प्रक्रिया के पूरा होने तक प्रस्ताव को रोका क्यों नहीं जा सकता।

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दिन में गर्मी रात में ठंड

सीहोर। इन दिनों मौसम दो रंग दिखा रहा है। दिन में जहां तपन व उमस का असर रहता है तो रात में हल्की ठंडक रहती है। गुरुवार को भी मौसम के दो रुप देखने को मिले। अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस पर जा पहुंचा, जबकि न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज कि या गया। दिन में गर्मी होने से आमजन खासे परेशान हुए। कई वाहन चालक को मुंह पर कपड़ा बांधकर ही बाहर निकले, क्योंकि सूरज की तेज धूप चूभ रही थी। आरएके कॉलेज के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएस तोमर ने बताया अब धीरे-धीरे रात के तापमान में गिरावट आएगी। कु छ दिन बाद मानसून की भी विधिवत रूप से विदाई हो जाएगी।