के ले 40 से बढ़कर 50 रुपए दर्जन, सेवफल 80 से 100 रुपए कि लो

फोटो 1 सीहोर।

सीहोर। नवरात्र शुरू होते ही उपवास व आराधना का दौर आरम्भ हो गया है। माता के कई भक्त अन्न छोड़कर पूरी तरह से फलाहार ही लेते है। ऐसे में नवरात्र के पहले दिन से ही फल व्यापारियों ने फलों के भाव बढ़ा दिये हैं। अब तक अच्छे कि स्म के के ले 40 रुपए दर्जन तक मिल जाते थे, लेकि न अब उनका भाव बढ़ाकर 50 रुपए दर्जन कर दिया गया है। इसी तरह से 70 -80 रुपए में मिलने वाली सेवफल का भाव बढ़ाकर 100 रुपए कि लो कर दिया गया है। एक -दो दिन में यह भाव बढ़कर 120 रुपए तक पहुंचने की संभावना है।

धूमधाम से मातारानी की घटस्थापना बुधवार को हो चुकी है। इसके साथ ही कठिन तप भी आरम्भ हो गए है। लगातार नौ दिनों तक बगैर अन्ना के कई श्रद्घालु माता की उपासना करेंगे। आध्यात्मिक रुप से इस उपासना का काफी महत्व बताया जाता है। माता के उपासक फलों का सेवन करके ही मुख्यतः नौ दिन निकालते है। ऐसे में फलों की मांग बढ़ जाती है। मांग बढ़ने से भाव में भी एकदम वृद्घि कर दी गई है।

आगे से ही भाव में तेजी है

फल व्यापारी असलम खां ने बताया कि सीहोर में फल मुख्यतः महाराष्ट्र व गुजरात से आते है। नवरात्र में सबसे अधिक मांग के ले व सेवफल की रहती है। नवरात्र को देखते हुए बड़ी मंडियों में पहले ही भाव बढ़ गए है। यहां के व्यापारियों को महंगा माल मिल रहा है, इसलिए उन्हें भाव बढ़ाने पड़ रहे हैं।

मांग की पूर्ति नहीं कर पाते

वैसे तो जिले में पूरे बारह महीने ही के ले मिलते है। इसकी वजह यह है कि यहीं पर कई व्यापारियों ने के लों के गोदाम बना रखे है। कच्चे के ले वे अन्य स्थानों से मंगवाते है। यहीं गोदामों में दवा के माध्यम से कच्चे के लों को पकाया जाता है। बाद में ठेलागाड़ी वालों के माध्यम से इन्हे बेचा जाता है। व्यापारी महेश वर्मा का कहना है कि बाकी दिनों मे तो हम मांग की पूर्ति कर देते है। नवरात्र के दौरान मांग बढ़ जाती है। हम मांग की पूर्ति नहीं कर पाते है। करीब 100 ठेला गाड़ियों का माल प्रतिदिन शहर में बिकता है। इसलिए बाहर की मंडियों से माल लेना पड़ता है। इसलिए नवरात्र में भाव बढ़ाने पड़े है।