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- निजी भूमि से वृक्ष काटने की अनुमति का मामलाःविभाग हर अनुशंसा पत्र में बदल रहे नियम

- अनुशंसा पत्र में अंतर कहीं 110 सेमी से ऊपर के वृक्षों की तो कहीं 61 सेमी के वृक्षों की देती अनुमति

सीहोर। जिले भर में किसान निजी भूमि से वृक्ष काटने की अनुमति मांग रहे हैं। जिन्हें काटने की अनुमति वन विभाग धड़ल्ले से दे रहा है। जिले में भर में लोग 50 हजार से ज्याद वृक्ष काटने की अनुमति मांग चुके हैं। किसानों ने एक साथ हजारों वृक्ष काटने की अनुमति राजस्व विभाग से मांगी है। जिनके भौतिक सत्यापन के बाद उनकी अनुशंसा करने का काम वन विभाग करता है। वन विभाग अपने अनुशंसा पत्रों में गलत जानकारी दे कर अनुमति देने के लिए राजस्व विभाग को दे रहा है।

हाल ही में इछावर वन क्षेत्र में किसानों ने निजी भूमि से सागौन के पेड़ काटने की अनुमति के करीब 50 आवेदन प्रस्तुत किए हैं। जिन पर राजस्व विभाग ने कार्रवाई करते हुए वन विभाग को भौतिक सत्यापन के लिए पत्र लिखा है। जबाव में वन विभाग ने लगभग सभी मामलों में अनुमति दे दी है। जिन मामलों में अनुमति नहीं दी गई है और जिन में अनुमति दी गई है। दोनों ही अनुशंसा पत्रों में अलग-अलग नियमों का हवाला दिया गया है। वन विभाग ने अधिकतर मामलों में जिनमें पेड़ काटने की अनुशंसा की गई है। उनमें वन वर्धनिक का हवाला देते हुए 61 सेमी से ऊपर के पेड़ों को काटने की अनुशंसा कर दी है। वहीं कुछ अनुशंसा पत्रों वन वर्धनिक का हवाला देकर 110 सेमी से उपर के वक्ष काटने की बात कही है। इस तरह के कई अन्य नियमों को वन विभाग दरकिनार कर मनमाने ढंग से अनुमति दे रहा है।

यहां देखी गई भिन्नता

इछावर निवासी रमेश पालीवाल ने 924 वक्षों को काटने की अनुमति मांगी थी। जिसपर राजस्व विभाग ने वन विभाग से अनुशंसा पत्र मांगा था। वन विभाग ने अनुशंसा पत्र में कई नियमों का हवाला नहीं दिया और लिखा है। कि वन वर्धनिक दृष्टिकोण से शासन द्वारा स्वीकृत कार्य आयोजना के मान से 110 सेमी के ऊपर के प़ेडों को का पातन किया जाना चाहिए। वहीं एक अन्य मामले में जिसमें इछावर वन क्षेत्र के ही दीनदयाल ने 262 सागौन के वृक्षों को काटने की अनुमति मांगी थी। वन विभाग ने इस मामले में अनुशंसा पत्र में वन विभाग ने 61 सेमी से ऊपर गौलाई के वृक्षों को काटने की अनुशंसा की है। इस तरह के कई अन्य मामलों में भी भिन्नता देखी गई है। जिससे वन विभाग को उद्देश्य पेड़ों को काटने की अनुमति देना दिखाई दे रहा है।

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काला मोतिया सप्ताह के तहत रैली निकाल कर किया जागरुक

फोटो 151 सीहोर। रैली में शामिल अस्पताल का स्टाप।

सीहोर। आंखों की रोशनी को चुपके से चुराता है काला मोतिया। ग्लूकोमा की इसी गंभीन बीमारी के बारे में आम लोगों को जागरुक करने के लिए काला मोतिया सप्ताह 11 से 17 मार्च के तहत गोविंद नेत्रालय ने रैली का आयोजन किया। रैली का शुभारंभ डॉ. उमेश श्रीवास्तव ने हरी झंडी दिखाकर किया।

रैली गंगा आश्रम स्थित गोविंद नेत्रालय से प्रारंभ हुई जो बड़े बाजार से होती हुए पुनः गोविंद नेत्रालय पहुंची। गोविंद नेत्रालय के नेत्र सर्जन डॉ. जितेंद्र मंघानी ने काला मोतिया से संबंधित जानकारी दी और बचाव के लिए समय-समय पर आंखों की जांच कराने का सुझाव दिया।

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मिनी टाईटेनिक 400 टन तक भार ले जा सकती है

फोटो 152, 153 रेहटी। नदी पार करता मिनी टाईटेनिक।

रेहटी। नर्मदा तट आंवलीघाट में मिनी टाईटेनिक के नाम से जानी जाने वाली विशालकाय नाव आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इसकी लंबाई दो हिस्सों में 120 फीट है। चौड़ाई 25 फीट है। नाव अपने साथ 400 टन भार तक ले जाने की क्षमता रखती है। नाव का संचालन लखनलाल ठेकेदार ने बताया कि नाव में तीन हार्रवेस्टर, 10 चार पहिया वाहन, 25-30 बाईक एक साथ 200 लोगों के साथ में नर्मदा के पार उतारी जा सकती है। यह नाव दो ईंजनों के माध्यम से चलाई जा रही है। जबकि कुछ साल पहले यह बिना ईंजन के हाथ से चलाई जाती थी। नदियों में चलने वाली यह अभी तक कि यह सबसे बड़ी नाव है।

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अधूरी सड़क निर्माण कार्य उलझा मामला न्यायालय पहुंचा

फोटो 154 रेहटी। अधूरी सड़क।

रेहटी। इटावा से ढामंडा चिचलाह सड़क, ढामंडा से सोयत सड़क का कार्य भूमि के विवाद के कारण 3 वर्षों से उलझा पड़ा है। कुछ किसान स्वयं की भूमि बताकर बल पूर्वक निर्माण कार्य रुकवा रहे हैं। जबकि कुछ किसानों ने इसी मामले को लेकर न्यायालय की शरण ली है। सरकार और न्यायालय के बीच विवाद में उलझी यह करोड़ों की सड़क 3-4 वर्षों से अधूरी पड़ी है। निर्माण कार्य नहीं हो पा रहा है। इस सड़क में घटिया निर्माण के चलते एक लोक निर्माण विभाग ने एक उपयंत्री को निलंबित कर दिया था। एसडीओ को भी विभागीय जांच का सामना करना पड़ा था। विभाग ने अधिकारियों के दोषी पाए जाने पर 3 किमी सड़क मार्ग जो कि सीसी निर्माण था जो कि उखाड़कर पुनः रिटेंडर कर नई सड़क के निर्माण कराने में एक किसान ने पुनः सड़क नहीं बनाने दी और टूटी सड़क पर अपना कब्जा दिखाकर न्यायालय चला गया। अब मामला यहां तक उलझा है कि यह सड़क मार्ग अधूरा पड़ा है। इसके चक्कर में दूसरे किसानों ने भी अपनी भूमि बताकर चिचलाह ढामंडा सड़क पर भी निर्माण में बाधा पहुंचाई। दोनों ही सड़क मार्ग अधूरे पड़े हैं। यह समझ से परे है कि यह दोनों सड़क निर्माण कब और कैसे पूरे होंगे।

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घटिया निर्माण की शिकायत की तो सरपंच के भाई ने दी हत्या की धमकी

सीहोर। भ्रष्टाचार की शिकायत से गुस्साएं सरपंच के भाई ने ग्रामीण को मौत के घाट उतारने की धमकी दे दी। शिकायतकर्ता ने नामजद रिपोर्ट अहमदपुर थाने में दर्ज कराई। सहायक कलेक्टर आदित्य जैन को कलेक्ट्रेट पहुंचकर घटिया सड़क की जांच कराने और दोषी सरपंच पर सख्त कार्रवाई करने की गुहार लगाई।

श्यामपुर तहसील के ग्राम चरनाल में पंचायत ने घटिया मटेरियल से सड़क का निर्माण किया, गांव के जागरूक युवक राहुल गौर ने जनहित में उक्त निर्माण को रोकने व जांच कराने की मांग को लेकर जनपद पंचायत जिला पंचायत में शिकायत दर्ज कराई। आक्रोशित होकर सरपंच महेश गौर के भाई जय प्रकाश पिता जगन्नाथ गौर ने गालियां देते हुए मारपीट की व हत्या करने की धमकी भी दी। जिस की रिपोर्ट 13 मार्च को थाना अहमदपुर में की गई। पुलिस ने कोई कार्रवाई आरोपी पर नहीं की गई।

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मातृशक्ति को मिला पदमावति सम्मान, महाराणा प्रताप युवा संगठन ने मनाया स्थापना दिवस

- प्रमुख चौराहा पर लगेगी प्रताप की प्रतिमा-नपाध्यक्ष

फोटो 155 सीहोर। सम्मान पत्र के साथ मातृशक्ति।

सीहोर। राष्ट्र व संस्कृति विरोधी ताकतों को कुचलने के लिए राजपूत आगे आते हैं। महाराणा प्रताप केवल राजपूतों के ही नहीं संपूर्ण देश के लिए प्रेरणास्त्रोत है। नगर पालिका अध्यक्ष अमीता अरोरा ने महाराणा प्रताप की अश्वसवार प्रतिमा पावर हाउस चौराहा पर स्थापित करने की घोषणा की। महाराणा प्रताप युवा संगठन ने मातृशक्ति को रानी पदमावति सम्मान से सम्मानित कर नमन किया।

बुधवार को मां शारदा गार्डन में कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष अमीता अरोरा, विशेष अतिथि सासंद प्रतिनिधि वारिष्ठ भाजपा नेता जसपाल सिंह अरोरा, महाराणा प्रताप संगठन के राष्ट्रीयाध्यक्ष ज्ञान सिंह बाघेला, प्रदेश उपाध्यक्ष एलम सिंह राजपूत, प्रदेश प्रवक्ता भगवत सिंह राजपूत, प्रदेश महामंत्री हरिनारायण राजपूत ने महाराणा प्रताप के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जावलित माल्यार्पण कर किया। महाराणा प्रताप युवा संगठन ने समारोह पूर्वक दसवां स्थापना दिवस मनाया।

कार्यक्रम में अतिथियों ने वीर रानी पदमावति सम्मान से पार्षद यशोदरा मेवाड़ा, इंस्पेक्टर विनिता विश्वकर्मा, एसआई सुनीता राजपूत, आरक्षक नीतू, सरीता राजपूत, बाल साध्वी वैष्णवी, ओजश्वी हिन्दू नेत्री राखी परमार, नेशलन फूटबाल खिलाड़ी प्रिया, ज्योति, दिव्यांशी राजपूत, स्वर्णवति राजपूत, दीपा मेवाड़ा, बिन्दू मेवाड़ा सहित चुनी हुई 21 राजपुतानियों को सम्मानपत्र श्रीफल पुष्पमाला भेंट कर सम्मानित किया गया।

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वृद्घा की जमीन पर दबंगों का कब्जा, एसडीएम से लगाई न्याय की गुहार

सीहोर। हाथ-पैर और आंखों से लाचार वृद्घा की जमीन पर दबंगों ने कब्जा कर रखा है। अब वृद्घा के मकान पर भी कब्जा चाहते हैं, जिसके लिए वह आए दिन गरीब, विधवा और लाचार वृद्घा को डराते हैं और धमकाकर उसे घर छोड़ने के लिए दबाव बनाते हैं। बुधवार को वृद्घा की बेटियों ने सीहोर एसडीएम राजकुमार खत्री को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। नगर के फ्रिगंज वार्ड क्रमांक 23 निवासी में वृद्घा भागवती बाई ने बताया कि उनके पति और उनके तीन बेटों की मृत्यु हो चुकी है। इसी बात का फायदा उठाकर उनके पड़ोस में रहने वाले रामस्वरूप सूर्यवंशी और उसके पुत्र राजकुमार, भरत और योगेश उर्फ गोलू ने उसकी जमीन पर जबरन कब्जा कर रखा है। अब वह मेरे मकान पर भी कब्जा करना चाहते हैं। वह आए दिन मुझे आकर डराते-धमकाते हैं और कहते हैं मकान खाली करो। दबंगों की धमकियों से वह हर समय भय में रहती है। वृद्घा ने गुहार लगाई है कि उसकी मृत्यु के बाद उसकी जमीन और मकान उसकी तीन बेटियों क्रांति, गीता और बेबी को दिलाई जाए और दबंगों से उसकी जमीन का जल्द से जल्द कब्जा छुड़ाया जाए। एसडीएम राजकुमार खत्री ने वृद्घा को कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

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राष्ट्रीय एकता शिविर में मोहित विश्वकर्मा कर रहे प्रदेश का नेतृत्व

सीहोर। राष्ट्रीय एकता शिविर का आयोजन भारत सरकार युवा कार्य और खेल मंत्रालय द्वारा कर्नाटक गुलबर्गाद्घ में किया जा रहा है। जिसमें 5 राज्यों के चयनित कुल 50 स्वयंसेवक सहभागिता करेंगे। यह शिविर 13 मार्च से 19 मार्च तक आयोजित हो रहा है। चंद्रशेखर आजाद शासकीय स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना छात्र इकाई के स्वंयसेक मोहित विश्वकर्मा का चयन बरकतउल्ला विश्वविद्यालय द्वारा मप्र के चयनित 10 स्वयंसेवकों में किया गया है। मोहित को मप्र स्वयं सेवक का दल नायक बनाया गया है। मप्र के दल का प्रतिनिधित्व कार्यक्रम अधिकारी डॉ.दिलीप लकी होली फेथ कॉलेज जिला हरदा कर रहे हैं। जिसमें 5 छात्र व 5 छात्रा स्वयंसेवक शामिल हैं। इस शिविर के दौरान सभी राज्य के स्वयंसेवक अपने-अपने राज्य की संस्कृति की प्रस्तुति देकर अपने राज्य का प्रदर्शन करेंगे। अलग-अलग स्थानों की वेशभूषा, भाषा एवं संस्कृति को जानेंगे व एक साथ रहकर एकता का परिचय देंगे। मोहित की इस उपलब्धि पर बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के रासेयो कार्यक्रम समन्वयक अनंत कुमार सक्सेना, मुक्त इकाई कार्यक्रम अधिकारी व प्रशिक्षक राहुल सिंह परिहार व जिला संघटक राजेश बकोरिया, कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र बरबड़े स्वयं सेवक साथी श्रद्घा तिवारी, शिवानी महेश्वरी, जया नाथ, नितीशा त्यागी अभिषेक मालवीय ने बधाई दी है।

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नगर पालिका ने लगाया सामाजिक सुरक्षा पेंशन सत्यापन शिविर

- हितग्राहियों को पेंशन का संपूर्ण लाभ देने नपाध्यक्ष ने दिए निर्देश।

सीहोर। नगर पालिक बुधवार को वार्ड 12 ग्वालटोली क्षेत्र में सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रहे 432 हितग्राहियों के भौतिक सत्यापन के लिए शिविर लगाया गया। शिविर लगाने का मुख्य उद्देश्य पेंशन प्राप्त कर रहे हितग्राहियों की वास्तविक स्थिति और आयु की जानकारी लेना है। पेंशन नियमों के अनुसार 60 वर्ष से 80 वर्ष तक की आयु के प्रत्येक हितग्राही को 300 रुपए पेंशन दी जा रही है। प्रमाण देखने के बाद हितग्राही यदि 80 वर्ष या इससे ऊपर का पाया जाता है। तो उसकी पेंशन नियमानुसार 300 रुपए से बढ़ाकर 500 रुपए की जाएगी। हितग्राहियों की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिलने के बाद नपाध्यक्ष अमीता अरोरा द्वारा हितग्राहियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन का पूर्ण लाभ मिल सके । इसके लिए निर्देशित कर उक्त शिविर लगवाया गया है। उन्हें जानकारी मिली थी कि कई हितग्राही ऐसे हैं। जो 80 वर्ष की उम्र पार कर चुके हैं और उन्हें 300 रुपए ही पेंशन प्राप्त हो रही है। सत्यापन होने के बाद ऐसे लोगों को उम्र के हिसाब से पेंशन की बड़ी हुई राशी मिलने लगेगी।

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महिलाओं को पेटीएम की दी जानकारी

सीहोर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वकांक्षी योजना डिजिटल इंडिया के तहत बुधवार को वार्ड 3 की आंगबाड़ी में कार्यकर्ता क्षमा मालवीय, क्षेत्रीय पार्षद कांता गुलाब मालवीय, साहिका दुर्गा लोधी के द्वारा महिलाओं को केसलेस योजना के अंतर्गत बैंकों नागरिकों से आपसी लेन-देन वार्ड वासियों को बुलाया गया। पेटीएम खाते खुलवाए गए और केसलेस के लाभ बताए गए। इस अवसर पर उपस्थित अनेक महिलाओं ने पेटीएम के उपयोग की जानकारी ली और खाते खुलवाए।

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विधानसभा चुनाव से पूर्व हो कर्मचारियों की सभी लंबित समस्याओं का निराकरण : सेन

सीहोर। मप्र शासकीय अधिकारी, कर्मचारी जनकाल्याण संगठन के प्रांताध्यक्ष रामगोपाल सेन के नेतृत्व में 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव कार्यालय मंत्रालय में पहुंचकर प्रदेश के कर्मचारियों कि ज्वलंत समस्याओं का अलग-अलग विभाग वार ज्ञापन सौंपकर आगामी विधानसभा चुनाव से पूर्व सभी समस्याओं के निराकरण की मांग की है।

कर्मचारी जनकल्याण संगठन द्वारा सौपे गए। ज्ञापन में वर्तमान में आंदोलनरत संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों आंगबड़ीए सहकारी संगठन की सभी मांगों को मान कर आंदोलन समाप्त करने की मांग की है। केंद्रीय कर्मचारियों के समान महंगाई भत्ताए 2 जनवरी से 30 जून के मध्य नियुक्त कर्मचारियों को केंद्र के समान वेतन वृद्घी के साथ ही कर्मचारी नेता रामगोपाल सेन ने शिक्षा विभाग कि समस्याओं के तहत ई-अटेडेंस आदेश निरस्त करना। शिक्षा संवर्ग को 30 वर्ष कि सेवा पूर्ण करने पर अभी तक समयमान- वेतनमान नहीं देने वाले जिला शिक्षा अधिकारियों से तत्काल दिलवाना मुख्यमंत्री जी कि घोषणा अनुसार स्नातक सहशिक्षक, शिक्षक, प्रधान अध्यापक, व्याख्यता, प्राचार्य हाई स्कूल कि पदोन्नती सूची जारी करना, सेवा निवृत्त आयु 65 वर्ष करना, अध्यापक संवर्ग का तत्काल संविलियन, शिक्षासत्र 2018.19 से पूर्व पूर्ण कालिक वीईओ कि पदस्थापना कर संकुल व्यवस्था समाप्त करना, डेइसकोड और राष्ट्र निर्माता नेमप्लेट विभाग द्वारा निःशुल्क उपलब्धकराना, युक्ति-युक्तकरण प्रक्रिया जिला स्तर पर कराने कि मांग की है। कर्मचारी नेता रामगोपल सेन ने शिक्षकों की 1 अप्रैल से ऑनलाईन उपस्थिती के संबंध में बताया कि पहली बात तो यह लागू ही नहीं होगी। और हो भी गई तो इस में नया कुछ नहीं है। जो शिक्षक कर्तव्यनिष्ट और समय के पाबंद है। उन्हें कोई कर्फ नहीं पड़ता। ज्ञापन सौपने के अवसर पर प्रांताध्यक्ष रामगोपाल सेन सहित वीपी परिहार, सुधीर उपासनी, किशोर कुमार लोहाना, एलएन सेन, वीपी विश्वकर्मा उपस्थित थे।

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मुख्यामंत्री कन्यादान सम्मेलन 18 अप्रैल को झरखेड़ा में

श्यामपुर। नेशनल हाइवे 12 पर स्थित झरखेड़ा गांव में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के विवाह सम्मेलन 18 अप्रैल बुधवार को आयोजित किया जाएगा। झरखेड़ा के सरपंच प्रतिनिधि सुरेश विश्वकर्मा के अनुसार सम्मेलन का आयोजन क्षेत्रीय विधायक सुदेश राय के मार्ग दर्शन में किया जाएगा। सम्मेलन को सफल बनाने के लिए आयोजन समिति के सदस्यों द्वारा तैयारियां शुरू कर दी गई।

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चार दिवसीय निःशुल्क नेत्र शिविर में स्कूली बधाों की जांची आंखे

श्यामपुर। विकास खंड के स्कूलों में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा स्वास्थ्य सेवा संबंधित आरोग्य प्रकल्प के तहत नौ मार्च से 13 मार्च तक स्कूली बधाों का नेत्र परीक्षण किया गया। नेत्र परीक्षण शिविर गुरु देव अशुतोष महाराज की कृपा से बमुलिया दोराहा, श्यामपुर और हिंगोनी स्थित शासकीय स्कूलों आयोजित हुआ। नेत्र परीक्षण दिल्ली से आए नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. एनसी पाल और वंदना पाल के साथ उनके साथी सदस्यों ने किया। इस दौरान 104 विद्यार्थियों 68 ग्रामीणों सहित कुल 172 नेत्र रोगियों को लाभांवित शिविर के माध्यम से किया गया। इस दौरान जरुरत मंद मरीजों को निःशुल्क चश्में व दवाईयां वितरण किया गया। इस दौरान प्रदीप शर्मा, स्वामी निर्मलानंद, स्वामी महादेवा नंद प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

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अभियानों के नाम बदले पर स्वच्छता के हालात नहीं बदले

लापरवाहीः राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना नाम बदलकर तदर्थ स्वास्थ्य समिति सालों पूर्व तदर्थ स्वास्थ्य समिति बनी थी, अंत में स्वच्छ भारत मिशन।

- खाना पूर्ति के लिए स्वच्छता समितियां बनी गांवों में नहीं सका परिवर्तन, लापरवाही के कारण नहीं हो सके स्वच्छता के काम।

श्यामपुर। केंद्र व राज्य सरकारें गांवों की साफ-सफाई करने के लिए पहले राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना बनाए इसके फेल होते ही इसका नाम बदलकर तदर्थ स्वास्थ्य समिति चार साल पहले बना दी। लेकिन उनको अमलीजामा पहनाने में अधिकारी व कर्मचारी रुचि नहीं लें रहे हैं। यही लापरवाही का शिकार केंद्र सरकार की राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना काम नाम बदला गया। लेकिन उसके बाद भी गांवों की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। गौरतलब हैं कि पूर्व में केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्वच्छता मिशन योजना लाई गई थी। इसका सही क्रियांवयन नहीं होने से उस समय भी गांवों में स्वच्छता नहीं आ सकी है। वर्तमान केंद्र सरकार स्वच्छ भारत मिशन लेकर आई लेकिन गांवों की स्थिति वैसी की वैसी है बनी हुई है।

पांच वर्ष पूर्व वित्तीय वर्ष में नाम जरूर बदलकर तदर्थ स्वास्थ्य समिति कर दिया गया था। स्वास्थ्य जनपद विभाग की अनदेखी के चलते लापरवाही के बीच इसका क्रियांवयन हुआ। जिसमें तहसील मुख्यालय की ग्राम पंचायतों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत ग्राम स्वास्थ्य एवं स्वच्छता कमेटी का गठन होना था। उसमें भी समितियों का गठन करने में स्वास्थ्य विभाग को तीन वर्ष लग गए थे। योजना के अंतिम चरणों में स्वच्छता समिति के स्थान पर तदर्थ समिति का नामकरण कर दिया गया था।

पेपर में दिखा दिया समितियों का काम

क्षेत्र में तदर्थ समिति का गठन तो हुआ हैं, लेकिन समितियों के स्वच्छता के कार्य अभी भी केवल कागजों पर ही दिखाया गया। क्षेत्र के अधिकतर गांवों में गोबर के घूडे व गंदगी, सडक़ों पर पानी बह रहा हैं । तहसील मुख्यालय सहित पास के ही गांव में देखा जाए तो मिशन की कार्यप्रणाली उजागर हो सकती हैं। आशा कार्यकर्ता जो समिति की सचिव होती हैं। उसका दायित्व रहता हैं कि वह अरोग्य केंद्र की देखरेख व ग्रामीणों को सुविधा प्रदान करें। इसके लिए बैठक का भी प्रावधान हैं , लेकिन वह भी नहीं हुआ। स्वास्थ्य मिशन के तहत तदर्थ समिति के अध्यक्ष व सचिव राशि के लिए खर्च के पत्रक में फर्जी खानापूर्ति कर दिखाते रहे और स्वास्थ्य विभाग उन्हें भुगतान भी करता रहा। स्वास्थ्य , जनपद व अन्य जिम्मेदार विभागों के अधिकारियों ने निरीक्षण करना भी उचित नहीं समझ रहे है। इसके चलते योजना से गांवो में स्वच्छता नहीं आ सकी। जबकि तदर्थ समिति बनाई गई हैं। इन पर आशा कार्यकर्ता हैं।

अभियान के तहत होना था काम

स्वच्छ भारत मिशन से पहले राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत ग्राम तदर्थ समिति का गठन किया गया। समिति की अध्यक्ष ग्राम पंचायत की महिला पंच अध्यक्ष एवं आशा कार्यकर्ता सचिव होती हैं। यदि पंचायत में महिला सरपंच नहीं हैं। तो पुरुष सरपंच को इसका अध्यक्ष बनाया गया था। कमेटी बनाने का अधिकार ग्राम सभा के पास होता है। प्रतिवर्ष कमेटी को दस हजार रूपए सहायता राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग उपलब्ध कराने का प्रावधान है। भुगतान के बाद समिति को स्वास्थ्य विभाग को उपयोगिता प्रमाण पत्र देना होता है कि गांव में स्वच्छता के इस प्रकार के कार्य किए गए हैं।

स्थिति ज्यों के त्यो

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में स्वच्छता की इस राशि से अधिकतर जगह अध्यक्ष व सचिव मिलीभगत कर अपना ही भला करते रहे हैं। समिति को जो कार्य कराना थे, उनमें गांव में पानी बहता हैं। तो वहां सोख्ता गड्ढा बनवाना, ग्राम की साफ-सफाई कराना , सफाई के लिए कर्मचारी रखना , गांव में पेयजल की व्यवस्था ,गांव में स्वास्थ्य व स्वच्छता लाने के लिए जागरुकता कार्यक्रम करना, गरीबों को तत्काल स्वास्थ्य सुविधा के लिए रुपए उपलब्ध कराना थे।

स्वच्छ भारत मिशल चड़ा अनदेखी का भेंट

केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों को स्वच्छ रखना था। इसके लिए लोगों में जागरुता के साथ-साथ गांवों की सपडों व स्कूलों व शासकीय कार्यालयों के परिसरों को स्वच्छ रखना था। लेकिन लापरवाही के चलते इस अभियान ने भी दम दौड़ दिया है।

लापरवाहों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी

स्वच्छ भारत मिशन अभियान में जिन ग्राम पंचायतों में कर्मचारियों की लापरवाही दिखाई देगी उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

दिलीप जैन, सीईओ जनपद पंचायत