सेंधवा (बड़वानी)। शहर स्थित सिविल अस्पताल में मरीजों के उपचार में डॉक्टरों द्वारा कोताही बरतने की खबरें आम होने लगी है। शुक्रवार सुबह भी ऐसा ही देखने को मिला। परिजन ने आरोप लगाए कि सुबह बच्ची को इलाज के लिए लाए तो डॉक्टर ने बच्ची की नब्ज देखे बिना कह दिया कि मेरी ड्यूटी खत्म होने वाली है, तुम दूसरे डॉक्टर को दिखा दो। इसके बाद परिजन ने मामले में बीएमओ से मौखिक शिकायत की। बीएमओ ने उपचार किया।

शुक्रवार सुबह सात बजे नंद कॉलोनी निवासी परिवार चार वर्षीय बेटी हिमांशी को लेकर अस्पताल पहुंचा। बच्ची के काका संतोष पटवा ने बताया कि अस्पताल में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। एक नर्स ने किसी डॉक्टर से फोन पर बात कर बच्ची को इंजेक्शन लगाया। करीब आधे घंटे बाद डॉ. सुरेश चौहान आए।

डॉ. चौहान ने आते ही बच्ची को बिना देखे कहा कि मेरी ड्यूटी एक-डेढ़ घंटे में खत्म हो जाएगी। बाद में पटेल डॉक्टर आएंगे उन्हें दिखा देना। इसके बाद परिजन बच्ची को लेकर अस्पताल के पीछे रहने वाले बीएमओ डॉ. जेपी पंडित के घर पहुंचे। यहां डॉ. पंडित ने बच्ची की नब्ज देखकर अस्पताल में भर्ती करवाया।

शाम तक अस्पताल में बच्ची का उपचार जारी रहा। बच्ची के साथ अस्पताल आए बच्ची के पिता के मित्र अंकित चावड़ा ने बताया कि ड्यूटी के बावजूद डॉक्टर अस्पताल में नहीं मिलते हैं, इसके कारण लोगों को परेशान होना पड़ता है। शुक्रवार को ही डॉ. चौहान नर्स द्वारा सूचना देने के करीब आधे घंटे बाद आए।

मामले में डॉ. सुरेश चौहान ने कहा कि बच्ची के मस्तिष्क में बुखार था। मेरी ड्यूटी नौ बजे खत्म होने वाली थी और नौ बजे बाद बच्चों के डॉक्टर आने वाले थे। इसलिए मैंने कहा था कि उन्हें दिखा देना। मैंने किसी डॉक्टर के घर जाने का नहीं कहा था। वहीं बीएमओ डॉ. जेपी पंडित ने कहा कि मामले से सीएचएमओ को अवगत करावाते हुए संबंधित डॉक्टर को नोटिस जार कर जवाब मांगेंगे।