धारनाकलां। नईदुनिया न्यूज

बरघाट विकासखंड के आष्टा अंखीवाड़ा गांव की वृहत्ताकार सहकारी समिति ने चार केंद्रों में साल 2018-19 में धान खरीदी करने 32 लाख रुपए खर्च कर दिए हैं। खर्च किए गए 32 लाख रुपए का हिसाब प्रबंधक सहाय सिंह चौधरी नहीं बता पा रहे हैं। इस मामले में समिति के संचालक बोर्ड ने बैठक कर सर्वसम्मति से प्रबंधक सहाय सिंह चौधरी को पद से हटा दिया है। फिलहाल संचालक मंडल ने सेल्समेन राजकुमार दशमेर को प्रबंधक का प्रभार सौंप दिया है।

समिति के सामने नहीं रखा हिसाब - आष्टा सोसायटी के उपाध्यक्ष सुनील पंद्रे ने बताया कि समिति के चार केंद्रों आष्टा, कल्याणपुर, नगझर व मलारा में सत्र 2018-19 के लिए धान खरीदी की गई थी। बीते दिनों हुई समिति की बैठक में मौजूद अध्यक्ष चैनसिंह चौधरी व सदस्यों ने प्रबंधक से धान खरीदी में खर्च की गई राशि का हिसाब मांगा तो प्रबंधक सहाय सिंह चौधरी ने एकमुश्त 32 लाख रुपए का खर्च बता दिया गया। इस पर विस्तार से कोई हिसाब प्रबंधक द्वारा समिति के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया गया। सदस्यों द्वारा जानकारी मांगने पर प्रबंधक जवाब देने से बचते रहे। इसके बाद बैठक में प्रस्ताव पारित कर प्रबंधक को हटाकर समिति के एक अन्य सेल्समेन को प्रबंधक का प्रभार सौंप दिया गया है।

प्रबंधक व सेल्समेन पर दर्ज है एफआईआर - बरघाट थाना पुलिस ने हाल ही में आष्टा अंखीवाड़ा समिति के प्रबंधक सहायसिंह चौधरी, सेल्समेन व केंद्र प्रभारी राजकुमार दशमेश व एक अन्य बिचौलिए धनीराम बघेल पर धारा 420, 34, 511 भादवि के तहत प्रकरण दर्ज किया है। खरीदी के दौरान ग्रामीणों ने 407 वाहन को 48 क्िवटल धान के साथ पकड़ा था। पकड़ी गई व्यापारी की धान को धनीराम बघेल समिति में बेचने के लिए ले जा रहा था। इस मामले की जांच में समिति के कर्मचारी भी शामिल पाए गए हैं।

पुलिस की पकड़ से दूर समिति कर्मचारी - आष्टा केंद्र में घटिया स्तर की धान व्यापारी से खरीदने का मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है। इस मामले में पुलिस ने आष्टा गांव निवासी धनीराम बघेल को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि समिति के कर्मचारी पुलिस की पहुंच से दूर हैं। आष्टा समिति के प्रबंधक सहाय सिंह चौधरी व सेल्समेन राजकुमार दशमेर ने पुलिस प्राथमिकी दर्ज होते ही अवकाश ले लिया है।

पुलिस से बचने दोनो कर्मचारी यहां-वहां भाग रहे हैं। कर्मचारियों की गिरफ्तारी के मामले में बरघाट पुलिस का नरम रवैया संदेह के दायरे में है।

पूछताछ में आ सकते हैं नए नाम - आष्टा केंद्र में व्यापारी की धान खरीदने के मामले में पुलिस की पूछताछ के बाद नए खुलासे हो सकते हैं। पुलिस की गिरफ्त में आया धनीराम बघेल खुद को बिचौलिया बता रहा है। उसका कहना है कि गोंडेगांव निवासी व्यक्तियों ने उसे धान समिति में बिकवाने के लिए कहा था। वहीं धान सहित पकड़ा गया 407 वाहन छुई निवासी दीपक साहू का है। जिसे पुलिस ने कार्रवाई के बाद छोड़ दिया है। पकड़ी गई धान में चांवड़ी समिति के टैग लगे पाए गए थे। पुलिस जांच के बाद इसमें नए खुलासे होने की बात कह रही है।

शिकायतों को नजरअंदाज कर रहा सहकारिता विभाग - समिति आष्टा द्वारा लंबे समय से सहकारिता विभाग की अनदेखी के चलते कर्मचारी मनमानी कर रहे हैं। सदस्यों का आरोप है कि पूर्व में किसानों को महंगे दर पर खाद बेचे जाने का मामला सामने आया था।

इसकी शिकायत ग्रामीणों ने कलेक्टर व सहाकारिता विभाग के उपायुक्त सहित संबंधित अधिकारियों से की थी। इसके बावजूद मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इससे आष्टा समिति से जुड़े किसानों में आक्रोश है। समिति की वार्षिक आम सभा में क्षेत्र के किसानों ने एकजुट होकर समिति अध्यक्ष व प्रबंधक को हटाए जाने सहित वैधानिक कार्रवाई की मांग सहाकारिता विभाग के उपायुक्त से की थी। लेकिन इस मामले में अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है।