भोमा। सेवा सहकारी समिति भोमा में शिकायतों के बाद की गई जांच में 40 लाख रुपए का गबन सामने आया था। इस मामले में दोषी कर्मचारियों पर अब तक सहकारिता विभाग वसूली की कार्रवाई नहीं कर सका है। भोमा निवासी कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष रमेश प्रसाद साहू ने सेवा सहकारी समिति में आर्थिक अनियमितता व गबन की शिकायत की थी। शिकायत पर की गई जांच में 39 लाख 79 हजार 68 रुपए का गबन सामने आया था।

सहकारिता विभाग के आडिटर डीके झारिया, सब आडिटर डीके सोनी, एमजी सोनी द्वारा शिकायत कर्ता की उपस्थिति में समिति के रिकार्ड की जांच की गई थी। जांच में दिवंगत पूर्व प्रबंधक राजेंद्र हिरनखेड़े के कार्यकाल के दौरान लाखों रुपए की गड़बड़ी सामने आई थी।

ऋण वसूली में 14 लाख 54 हजार अंश राशि में 28 हजार भंडार बिक्री राशि में 2 लाख 33 हजार, रासायनिक खाद बिक्री में 2 लाख 70 हजार, बचत बैंक से आहरण में 3 लाख 54 हजार, जिंक सल्फेट विक्रय में 1 लाख 84 हजार सहित अन्य मदों में लाखों रुपए का गबन पाया गया था। इस अनियमितता में दिवंगत प्रबंधक राजेंद्र हिरनखेड़े के अलावा दैनिक वेतन कर्मचारी जितेंद्र हनवत, जागेश्वर भलावी, कम्प्यूटर आपरेटर अजय टेमर, भृत्य ब्रजमोहन सेन को जिम्मेदार पाया गया था। सभी कर्मचारियों से गबन की राशि वसूल करने के निर्देश जांच प्रतिवेदन में दिए गए थे लेकिन महीनों बाद भी सहकारिता विभाग कर्मचारियों से गबन की राशि वसूल नहीं कर सका है।

प्रभावित हो रहा काम - भोमा के करकोटी सेल्समेन राजेश रजक को हाल ही में भोमा समिति के प्रबंधक का दायित्व सौंप दिया गया है। समिति में लाखों रुपए गबन की वसूली लंबित होने से सोसायटी के काम प्रभावित हो रहे हैं। इस मामले में प्रबंधक राजेश रजक को कहना है कि सहकारिता विभाग के अधिकारियों को कर्मचारियों से राशि वसूल करनी है। संचालक मंडल या समिति स्तर पर कार्रवाई लंबित नहीं है।