-सीएम दौरा : सीएम के सामने डूब पीड़ितों का विरोध, समस्याओं को लेकर नारेबाजी-

सीएम की घोषणा - संबल में अब 5 एकड़ वाले कि सान भी होंगे शामिल

- खुद को बताया कि सान का बेटा, कमलनाथ, दिग्गी और सिंधिया पर साधा निशाना, मांगा 50 साल का हिसाब

- एससी-एसटी एक्ट के विरोध के बीच सीएम का बयान, बोले- निर्दोष पर अन्याय नहीं होगा

आगर-मालवा/नलखेड़ा। नईदुनिया न्यूज

नलखेड़ा से 13 कि मी दूर ग्राम गोठड़ा के पास कालीसिंध नदी पर बनी प्रदेश की पहली बड़ी सूक्ष्म सिंचाई कु ंडालिया परियोजना का लोकार्पण बुधवार को मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के हाथों हुआ। लोकार्पण के साथ ही लगे हाथ डेम का नामकरण अटल सागर डेम कर दिया गया। इस डेम से आगर-राजगढ़ जिले के 1200 घरों में नल से पानी पहुंचेगा, जबकि 419 गांवों की सवा 3 लाख हेक्टेयर जमीन सिंचित हो सके गी। मंच से सीएम ने कमलनाथ, दिग्विजयसिंह और सिंधिया पर जमकर निशाना साधा। वहीं पिछले 50 साल का हिसाब कांग्रेस से मांगा। कु ल 3448 करोड़ रुपए लागत की परियोजना को सीएम ने 4 हजार करोड़ रुपए की बता दी। सीएम ने संबल योजना में 5 एकड़ जमीन वाले कि सानों को भी जोड़े जाने की बात कही। इधर, कु ंडालिया डेम डूब क्षेत्र के कई गांव के कि सानों ने पर्याप्त मुआवजा न मिलने और विभिन्न समस्याओं को लेकर सभास्थल पर नारेबाजी भी की। एससी-एसटी एक्ट के विरोध के बीच सीएम बोले कि निर्दोष पर अन्याय नहीं होगा। इस बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं।

सीएम के आने का निर्धारित समय शाम 4.15 बजे था, लेकि न वे 15 मिनट पहले ही आ गए। वहीं 55 मिनट पहले चले गए। मंच पर पहुंचते ही उन्होंने कु ंडालिया परियोजना का लोकार्पण कि या। खचाखच भरे पंडाल में बैठे लोगों को देखकर वे गद्गद् हो गए। अपने भाषण की शुरुआत उन्होंने भाजपा-शिवराज के कामों से की, जबकि कांग्रेस पर निशाना साधना शुरू कि या। कु ल 3448 करोड़ रुपए लागत की उक्त परियोजना को उन्होंने मंच से 4 हजार करोड़ रुपए की बता दिया। वे बार-बार इस बात को दोहराते रहे। साथ ही परियोजना से होने वाले फायदों को विस्तार से बताया। कहा कि मोहनपुरा, कु ंडालिया के बाद कालीसिंध में नर्मदा का पानी लाएंगे। इससे शाजापुर, राजगढ़ व आगर जिले की तस्वीर व कि सानों की तकदीर बदल जाएगी। सीएम के 40 मिनट के भाषण में कि सान, कांग्रेसी ही छाए रहे। एससी-एसटी एक्ट को लेकर चल रहे मामले पर बिना नाम लिए सीएम ने कहा कि सबके लहू का एक रंग है। मैंने सब योजना सबके लिए बनाई। निर्दोष पर अन्याय नहीं होगा। सब अपने हैं। सामाजिक समरसता बनाकर रखें। इसके पूर्व स्वागत भाषण सुसनेर विधायक मुरलीधर पाटीदार ने दिया। मंच पर सांसद मनोहर ऊंटवाल, रोडमल नागर, विधायक गोपाल परमार, कु ंवरजी कोठार, हजारीलाल दांगी, भाजपा जिलाध्यक्ष दिलीप सकलेचा, प्रेम मस्ताना, अशोक लोढ़ा, नप अध्यक्ष प्रेम राठौर, बड़ागांव नप अध्यक्ष उदयसिंह यादव, फू लचंद वेदिया ईश्वरसिंह, राजाराम गुर्जर आदि मौजूद रहे। संचालन एमपी एग्रो प्रबंधक ओपी विजयवर्गीय न कि या।

कांग्रेस को जमकर कोसा, बोले- गरीबी की जगह गरीबों को ही हटा दिया

शिवराज ने मंच से कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। बोले कांग्रेसी मुझे डायर, मदारी, नालायक तक कहते हैं। इसकी मुझे चिंता नहीं। उन्हें तकलीफ होती है कि मैं कि सान का बेटा हूं। मैं जो भी विकास की बात कहता हूं तो कांग्रेसी मुझे सिर्फ हटाने की बात ही कहते हैं। मैं गरीबी मिटाकर ही चैन की सांस लूंगा। जबकि कांग्रेस ने तो गरीबी हटाने की बजाय गरीबों को ही हटा दिया। कांग्रेसियों को नींद में भी शिवराज याद आता है। उन्होंने कहा कि मप्र को पिछड़ा, बीमारू नहीं रहने दूंगा। भाजपा-शिवराज बांध बना सकता है तो कांग्रेस 50 साल में क्यों नहीं बना पाई, इसका जवाब कांग्रेसियों को देना पड़ेगा। कांग्रेस के राज में प्रदेश में सिर्फ साढ़े 7 लाख हेक्टेयर में सिंचाई होती थी, जबकि भाजपा के राज में 40 लाख हेक्टेयर में सिंचाई होती है। अगले 5 साल में 80 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की योजना है।

ये भी बोले शिवराज

- शाजापुर-आगर जिले के लोगों चिंता मत करना, यहां नंदन वन बना दूंगा। नेता वही होता है, जो रेत में भी तेल निकाल दे।

- शाजापुर के लोगों चिंता मत करना। जल्द ही कालीसिंध में नर्मदा का पानी लाऊंगा। जल्द ही भूमिपूजन करूंगा।

- प्याज, लहसुन, सोयाबीन, मक्का, चना, मसूर आदि फसलों की कि सी हालत में भी कम कीमत कि सानों को नहीं मिलेगी।

- 22 सितंबर तक शाजापुर, आगर और राजगढ़ के कि सानों को प्याज-लहसुन की समर्थन मूल्य की राशि मिल जाएगी। शाजापुर के कि सानों को प्याज का 16.38 करोड़ व लहसुन का 17.92 करोड़, आगर के कि सानों को लहसुन का 26.88 व प्याज का 13.16 करोड़ एवं राजगढ़ के कि सानों को लहसुन का 18.73 एवं प्याज का 27.93 करोड़ रुपए दिए जाएंगे।

- संबल योजना में 35 लाख लोगों के साढ़े 3 हजार करोड़ रुपए माफ हो चुके हैं।

- शिक्षक एवं पुलिस भर्ती में आधे पद महिलाओं के होंगे। बेटियों के हाथ में कमान होगी तो वे अपराधियों से सख्ती से निपट सकें गी।

सीएम के आते ही नारेबाजी, सारंगपुर के एक गांव के कि सानों का विरोध

मंच पर जैसे ही मुख्यमंत्री पहुंचे तभी सारंगपुर के कड़लावद के कि सानों ने नारेबाजी शुरू कर दी। वे पर्याप्त मुआवजा एवं विभिन्न समस्याओं को लेकर विरोध कर रहे थे। दरअसल, डूब क्षेत्र के ग्रामीणों ने पिछले दिनों जमकर विरोध जताया था। इसके चलते प्रशासन अलर्ट था कि कहीं कार्यक्रम में विरोध न हो जाए। बावजूद एक गांव के कि सानों ने विरोध प्रदर्शन कर ही दिया। सपाक्स समाज द्वारा काले झंडे दिखाए जाने की आशंका थी लेकि न ऐसा नहीं हुआ।

4 दिन पहले ऐनवक्त पर निरस्त हुआ था लोकार्पण

इससे पहले सीएम 8 सितंबर को यहां आने वाले थे कि ंतु ऐनवक्त पर उनका दौरा निरस्त हो गया था। सुबह 10.30 बजे उनके आने का निर्धारित कार्यक्रम था, जबकि सुबह 9.30 बजे ही भोपाल से खबर आ गई थी कि सीएम नहीं आ रहे हैं। इससे स्थानीय जनप्रतिनिधियों के चेहरे पर चिंता की लकीरें उभर गई थीं। वहीं सारी तैयारियां धरी की धरी रह गई थीं। हालांकि , तेज हवा और बारिश की वजह से टेंट उखड़ गए थे, जबकि कु र्सियां हवा में उड़ गई थीं। जनप्रतिनिधियों को चिंता इस बात की थी कि कहीं सीएम का कार्यक्रम लंबा न खिंच जाए। इसके चलते वे लगातार सीएम से संपर्क करने में जुटे रहे। आखिरकार 12 सितंबर तारीख तय हो गई और जनप्रतिनिधियों ने राहतभरी सांस ली।

कु र्सियां कम पड़ी

बारिश के अंदेशे के बीच डेम कि नारे ही प्रशासन ने बड़ा सा डोम बनवाया था, जो वाटरप्रूफ रहा। डोम से सटकर ही दोनों ओर टेंट लगवाए गए। वहीं हजारों कु र्सियां लगवाई गई थीं। ग्रामीणों को लाने ले जाने के लिए बसों की व्यवस्था भी की गई। सुबह से ही बसें ग्रामीणों को लेकर सभास्थल पर पहुंची। आगर व राजगढ़ से बसें ग्रामीणों को सभास्थल तक ला रही थीं। आगर, राजगढ़ व शाजापुर जिले से दर्जनों बसों में लोगों को सभास्थल तक लाया गया था।

इसलिए खास कु ंडालिया परियोजना

- प्रदेश की पहली बड़ी सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की कु ल लागत 3448 करोड़ रुपए आई है।

- राजगढ़ व आगर-मालवा जिले की सीमा पर कालीसिंध नदी पर बना है विशाल डेम। इससे सूक्ष्म प्रणाली से खेतों तक पानी पहुंचाया जाएगा। जिसका काम 2 हजार 500 करोड़ की लागत से होगा।

- परियोजना से राजगढ़ जिले के 255 गांव की 64 हजार 656 हेक्टेयर भूमि एवं आगर-मालवा जिले के सुसनेर व नलखेड़ा तहसील के 164 गांव की 60 हजार 344 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई का लाभ कि सानों को मिल सके गा।

ये भी जाने

- जलाशय की कु ल लंबाई 3 हजार 100 मीटर एवं अधिकतम ऊंचाई 44.5 मीटर है। जलाशय के जलनिकासी नियमन के लिए 11 गेट लगाए गए हैं। डेम की जल भराव क्षमता 552.75 मिलियन घनमीटर है।

- वर्तमान में बांध का जलस्तर 391.5 मीटर है। वहीं 212 मिलियन घनमीटर जल एकत्रित है।

- सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के लिए 1 हजार 200 करोड़ रुपए का टेंडर आगर जिले के पोषक क्षेत्र के लिए और 1300 करोड़ का टेंडर राजगढ़ जिले के पोषक क्षेत्रों में काम के लिए हो गया। जिसका काम शिलान्यास होने के साथ जल्दी ही शुरू होगा।

- सिंचाई का लाभ कि सानों को नवंबर 2019 से मिलना आरंभ हो जाएगा और नवंबर 2020 तक लक्ष्य के अनुरूप पूरे पोषक क्षेत्र के खेतों तक पानी पहुंच जाएगा।

- डेम से सिंचाई रकबा बढ़ेगा। खेती की लागत घटेगी। सूखे की स्थिति में भी कि सान रबी की फसल ले पाएंगे। इससे खेती के साथ पूरा क्षेत्र समृद्ध होगा।

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इन गांवों की अधिग्रहीत हुई जमीन

बांध निर्माण से 3745 हेक्टेयर निजी भूमि, 3051 हेक्टेयर शासकीय (राजस्व) भूमि एवं 680 हेक्टेयर वन भूमि अर्थात कु ल 7476 हेक्टेयर भूमि डूब से प्रभावित है, जो राजगढ़ एवं आगर-मालवा जिले में आती है। परियोजना के अंतर्गत प्रेशराइज्ड इरिगेशन पद्धति से कृषकों को खेती के लिए पानी मिलेगा। परियोजना से राजगढ़ जिले के सारंगपुर, खिलचीपुर एवं जीरापुर तथा आगर-मालवा जिले के नलखेड़ा, सुसनेर विकासखंड के कु ल 419 ग्राम का करीब 1 लाख 25 हजार हेक्टेयर रबी क्षेत्र नवीन तकनीकी, ड्रिप इरिगेशन, स्प्रिंकलर आदि द्वारा सिंचाई से लाभांवित होगा। कु ंडालिया वृहद परियोजना के डूब क्षेत्र में आगर जिले के नलखेड़ा तहसील के 25 गांव की निजी भूमि लगभग 2007 हेक्टेयर, वन भूमि 405 हेक्टेयर एवं शासकीय भूमि 1363 हेक्टेयर अर्थात कु ल 3775 हेक्टेयर प्रभावित हुई है। वहीं डूब क्षेत्र से प्रभावित गांव गोठड़ा, कोठड़ी, पटना, मोल्याखेड़ी, पिपल्या सोनगरा, ढाबला सोनगरा, बेरछाखेड़ी, रोजड़ी, बिसनी, गुंजारिया, धनोरा, सामरी, भंडावद, पनाला, पनाली, कचनारिया, गड़िया, गोयल, महेंद्री, दात्या, लाडोन, लटूरी उमठ, टिकोन, गोकु लपुरा, कनाली आदि शामिल हैं।

झलकि यां-

- सभा में कु र्सियां कम पड़ गई। वहीं टेंट के बाहर जनता पहुंच गई। मंच के पास ही बैठ रहे लोगों पर पुलिसकर्मियों ने लाठियां चलाकर संभाला। यह देख सीएम ने शांति बनाने की बात कही।

- बड़े से क्षेत्र में बने विशाल डेम को निहारने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। इनमें कई वीआईपी भी शामिल रहे।

- सुसनेर व आगर विस चुनाव के दावेदारों की भी होड़ सी मची। हर कोई सीएम की नजरों में आना चाह रहा था।

- हेलिकॉप्टर को देखने के लिए डेम की पाल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित रहे। वहीं पंडाल भी खचाखच भर गया। इससे सीएम गद्गद् हो गए।

- मंच के पास ही बिजली के खुले तार पड़े थे। दो पुलिसकर्मी जनता को एक ओर जाने की बात कहते रहे। वे लोगों के जाने तक वहां डटे रहे।

फोटो : 12शाजापुर01

कै प्शन-परियोजना का लोकार्पण करते सीएम चौहान व अन्य।

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कै प्शन-सभा को संबोधित करते सीएम चौहान।

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कै प्शन-सभा में मौजूद लोग।

फोटो : 12शाजापुर04

कै प्शन-सारंगपुर के कड़वालद के कि सान विरोध दर्ज करते हुए।

फोटो : 12शाजापुर05

कै प्शन-भीड़ को पुलिस ने ऐसे संभाला।

फोटो : 12शाजापुर06

कै प्शन-हेलीपेड के आसपास लगी भीड़। हेलिकाप्टर को देखने की बनी उत्सुकता।

फोटो : 12शाजापुर07

कै प्शन-खुले तारों के पास पहरेदारी करते पुलिसकर्मी।

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