साप्ताहिक हाट मामला : विरोध के चलते प्रशासन ने बदला निर्णय, छोटे व्यापारियों से चर्चा के बाद आगे की रणनीति-

- नपा पार्षद दल बोला- पीआईसी और परिषद की मीटिंग में निर्णय नहीं तो कैसे बदलेंगे व्यवस्था

- रेडिमेड कपड़ा व्यापारी भी विरोध में, बैठक में नहीं बनी सहमति

शाजापुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

साप्ताहिक हाट के मुद्दे पर आखिरकार जिला प्रशासन को अपना निर्णय बदलना पड़ा। रविवार की जगह बुधवार को हाट बाजार लगाने के निर्णय के जमकर हो रहे विरोध के चलते गुरुवार को निर्णय लिया गया कि इस सप्ताह हाट रविवार को ही लगेगा। अधिकारी हाट बाजार में पहुंचकर छोटे व्यापारियों और शहरवासियों से चर्चा करेंगे। इसके बाद स्थायी रूप से व्यवस्था में बदलाव हो या नहीं, इस पर निर्णय होगा। इधर, व्यवस्था में बदलाव के विरोध में नपा पार्षद दल भी मैदान में कूद पड़ा। कांग्रेसी पार्षदों ने कलेक्टर के पास जाकर हाट के दिन को बदलने के निर्णय का विरोध जताया। बोले कि हाट बाजार की व्यवस्था नपा के जिम्मे है। पीआईसी या परिषद की बैठक में कोई बात ही नहीं हुई तो बाले-बाले निर्णय क्यों लिया जा रहा है।

व्यापारी महासंघ ने विधायक की मौजूदगी में 9 फरवरी को कलेक्टर से मिलकर शहर में लगने वाले साप्ताहिक हाट बाजार को रविवार की जगह बुधवार को करने की बात कही थी। इसके बाद 21 फरवरी से व्यवस्था में बदलाव करने का निर्णय लिया गया। जल्दबाजी में हुए इस निर्णय का शहर में जमकर विरोध हो रहा है। युकां प्रदेश प्रवक्ता नरेश कप्तान के प्रदर्शन के बाद आमजनों ने खुलकर इस निर्णय का विरोध किया। आखिरकार प्रशासन को अपने निर्णय से पलटना पड़ा। गुरुवार को प्रशासन ने 18 फरवरी को आ रहे रविवार के दिन दुकानें पूर्व की तरह यथावत तरीके से ही लगाने का निर्णय लिया। एडीएम मीनाक्षी सिंह ने बताया इस रविवार को साप्ताहिक बाजार लगेगा। इसमें प्रशासनिक दल या तो मौके पर पहुंचेगा, या फिर छोटे व्यापारियों के दल को बुलाकर बात करेगा। व्यापारी और आमजनों की जो सहमति होगी, उस पर ही निर्णय लिया जाएगा।

पार्षदों ने सौंपा ज्ञापन, निर्णय का विरोध जताया

इसी मुद्दे पर गुरुवार सुबह नपा पार्षदों का एक दल कलेक्टर श्रीकांत बनोठ से मिलने पहुंचा। इनमें एक भाजपा पार्षद भी शामिल थे। सभापति राजेंद्रसिंह सेंगर, अकरम अली, धर्मेंद्र प्रजापत, पार्षद सनी दुबे, वीलेश व्यास, पार्षद प्रतिनिधि कैलाश गवली, आजम खान आदि ने ज्ञापन सौंपा। सभापति सेंगर ने कहा कि दो-चार व्यापारी को फायदा पहुंचाने के चलते यह गलत निर्णय लिया गया है। हाट रविवार को ही लगे। बुधवार को सैकड़ों व्यापारियों की रोजी-रोटी पर संकट आ जाएगा। खास बात ये है कि हाट की व्यवस्था नपा करती है किंतु पीआईसी या परिषद की बैठक में कोई निर्णय नहीं लिया गया। पार्षद दल ने मांग रखी कि जनता और छोटे व्यापारियों से भी सहमति ली जाए। आवेदन में हाट बाजार क्षेत्र में 3 स्कूल होने की बात भी कही गई।

बॉक्स लगाएं...

रेडिमेड कपड़ा व्यापारी संघ की बैठक में उठा मुद्दा

हाट को रविवार की जगह बुधवार को लगाने के मुद्दे पर बुधवार रात में रेडिमेड कपड़ा व्यापारी संघ की बैठक हुई जिसमें चर्चा की गई। सूत्र बताते हैं कि बैठक में ज्यादातर व्यापारी बुधवार को हाट करने के पक्ष में नहीं थे। ज्यादातर ने कहा कि वे रविवार को दुकानें बंद नहीं रखेंगे। चाहे हाट बुधवार को लगे या रविवार को। कुछ व्यापारी महासंघ के पदाधिकारी भी यहां पहुंचे थे। जिनकी व्यापारियों ने बात नहीं सुनी।

----------