शाजापुर। अभा किन्नर महासम्मेलन के 12वें दिन शहर में गंगा पूजन के बाद कलश यात्रा निकाली गई। सिर पर कलश उठाए सैकड़ों मंगलमुखियों ने उमड़े हजारों लोगों को दिल से दुआएं बांटी और देश में एकता, भाईचारे व सुख-समृद्धि की मंगल कामनाएं की। तरह-तरह की वेशभूषा में शामिल मंगलमुखियों ने फिल्मी, भजन एवं देशभक्ति गीतों पर जमकर डांस किया। इनका 60 से अधिक स्थानों पर लोगों ने स्वागत किया। सड़कें फूलों से पट गई।

शहर में 1 जनवरी से अभा किन्नर महासम्मेलन की शुरुआत हुई, जो 20 जनवरी तक चलेगा। 6 एवं 10 जनवरी को किन्नरों के जुलूस शहर में निकले तो शुक्रवार को उन्होंने कलश यात्रा निकाली। दोपहर 12 बजे से तालाब की पाल स्थित श्री लक्ष्मी मंदिर परिसर में गंगा पूजन की शुरुआत हुई। इसके बाद दोपहर 1.45 बजे से कलश यात्रा प्रारंभ हुई। इसमें किन्‍नर सिर पर कलश धारण किए हुए थे। जिनके लोगों ने दर्शन व पैर छूकर आशीर्वाद लिया।

चार किमी लंबा जुलूस, 60 से ज्यादा जगह पर स्वागत

कलश यात्रा के रूप में किन्नरों का तीसरा जुलूस निकला। तालाब की पाल से कसेरा बाजार, आजाद चौक, सराफा बाजार, सोमवारिया बाजार, कंस चौराहा, कुम्हारवाड़ा की घाटी, महूपुरा, गायत्री मंदिर रोड से धोबी चौराहा होता हुआ जुलूस सम्मेलन स्थल पर पहुंचा। यहां जुलूस का समापन हो गया। जुलूस को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ गई। सड़क के दोनों ओर हजारों लोग खड़े होकर मंगलमुखियों के दर्शन व आशीर्वाद लेने के लिए खड़े रहे। इनमें छोटे से लेकर बुजुर्ग तक शामिल थे। चार किमी तक निकले जुलूस का 60 से अधिक स्थानों पर शानदार स्वागत हुआ।

खारक से लेकर फलों से किन्नरों को तौला

जुलूस के दौरान शाजापुर कुनबे की प्रमुख बदरूबाई, इंदौर कुनबे की प्रमुख बहारबाई समेत अन्य मंगलमुखियों का रास्तेभर कई स्थानों पर स्वागत हुआ। किसी ने खारक से तौला तो कोई फलों से तौलने में पीछे नहीं रहा। सोमवारिया बाजार में वरिष्ठ कर सलाहकार रमणलाल सोनी के नेतृत्व में कर सलाहकारों ने स्वागत किया तो नवाब परिसर ने स्वागत किया। अन्य स्थानों पर भी स्वागत किया गया।