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    आ गई सर्वेक्षण की घड़ी, पहली टीम ने दस्तावेज जांचे, आज डोर-टू-डोर सर्वे

    Published: Thu, 15 Feb 2018 07:28 PM (IST) | Updated: Thu, 15 Feb 2018 07:28 PM (IST)
    By: Editorial Team

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    स्वच्छता सर्वेक्षण : मुमकिन है... देश के साफ शहरों में शामिल हो शाजापुर-

    - दिल्ली की दूसरी टीम पूछेगी आमजन से- कैसी है सफाई व्यवस्था

    - ट्रेंचिंग ग्राउंड में सुधार करने से देश के टॉप-10 में आने की उम्मीद

    शाजापुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

    बीते साढ़े 4 महीने से सफाई व्यवस्था में दिन-रात एक कर रही नगर सरकार की परीक्षा की घड़ी आ गई है। स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए गुरुवार को पहली टीम शाजापुर पहुंची और नपा में कई दस्तावेज देखे। इनमें अटेंडेंस, ऑनलाइन प्रक्रिया, स्वच्छता एप समेत कई बिंदु शामिल हैं। दूसरी टीम शुक्रवार को शहर में डोर-टू-डोर सर्वे करेगी। ये टीम शहरवासियों से सफाई व्यवस्था का फीडबैक लेगी। शनिवार को भी टीमें इस काम में जुटी रहेंगी। इधर, ट्रेंचिंग ग्राउंड में अब तक पिछड़ रही नपा ने काफी कुछ सुधार किया है। ऐसे में मुमकिन है... सबके प्रयासों से देश में शहर टॉप-10 की लिस्ट में आ जाए। यदि ऐसा हुआ तो शहर विकास के दरवाजे खुलेंगे और सरकार से बड़ा पैकेज नपा को मिल सकेगा। इसलिए शहरवासी भी अपनी आदतें सुधारें। जिम्मेदारों के मुताबिक डोर-टू-डोर फीडबैक लेने वाली टीम को यदि शहरवासी पॉजीटिव फीडबैक देते हैं तो रैंकिंग में काफी फायदा मिलेगा।

    गुरुवार को पूरे दिन दिल्ली की 3 सदस्यीय टीम नपा में दस्तावेज समेत अन्य मामलों में छानबीन करती रही। यह पेपर वर्क वाली टीम है, जो कागजों में अब तक हुए कामों की हकीकत जान रही है। टीम मोबाइल एप, फेसबुक पेज, अटेंडेंस समेत अन्य बिंदुओं पर जांच करती रही। सीएमओ भूपेंद्र दीक्षित समेत पूरा अमला मौजूद रहा। कई बार टीम विभिन्न कक्षों में जाकर जांच करने में जुटी रही।

    डोर-टू-डोर में जानेगी हकीकत

    तीन दिन के सर्वेक्षण में दिल्ली की टीमें डोर-टू-डोर कचरा प्रबंधन, स्वच्छता एप डाउनलोडिंग, पेपर वर्क, ई-अटेंडेंस, ऑनलाइन मिलने वाली शिकायतों का निराकरण आदि पर फोकस करेगी। शुक्रवार को डोर-टू-डोर कचरा प्रबंधन की मॉनीटरिंग होगी। टीम सफाई व्यवस्था को लेकर जनता की न सिर्फ राय पूछेगी, बल्कि मौके पर जाकर हालात भी देखेगी। इससे सीधे तौर पर जनता की भागीदारी हो जाएगी। जिम्मेदारों का मानना है कि शहर को साफ-सुथरा रखने की सबकी जिम्मेदारी है। नपा ने सब प्रयास किए। अब शहरवासियों को फीडबैक देने की बारी है। अच्छा फीडबैक शाजापुर को देश के साफ शहरों में ला खड़ा करेगा।

    अव्वल आना मुमकिन है...

    शाजापुर शहर पहली बार स्वच्छता सर्वेक्षण की दौड़ में शामिल हुआ है। पहली ही बार में काफी अच्छे प्रयास नगर सरकार और जनता ने किए हैं। शहर की 80 हजार आबादी में से अधिकांश ने घर, दुकान का कचरा कचरा संग्रहण की गाड़ियों में फेंकने की आदत डाली तो 2 अक्टूबर से अब तक 95 प्रतिशत लोगों ने सफाई के मामले में अपनी कई आदतों में बदलाव किया है। अब लोग अपने घरों से निकलने वाले कचरे को 11 कचरा गाड़ियों में ही डाल रहे हैं। दुकान व सार्वजनिक स्थानों के बाहर रखी गई डस्टबिन में कचरा डालते हैं। इस कारण शहर के कई क्षेत्र, बाजारों में सफाई के प्रति खासा बदलाव आया है।

    ट्रेंचिंग ग्राउंड की चुनौती से पार पाया

    कुछ दिन पहले तक नपा के ट्रेंचिंग ग्राउंड के मामले में बुरे हाल थे। वार्ड 9 एवं 10 में ट्रेंचिंग ग्राउंड है। भिड़वाड़िया के पास ट्रेंचिंग ग्राउंड प्रस्तावित होने से ज्यादा प्रयास नहीं हुए लेकिन बीते दो-तीन दिन में नपा ने ट्रेंचिंग ग्राउंड की सूरत ही बदलकर रख दी। यहां सूखे-गीले कचरे के लिए अलग-अलग स्थान बनाए गए ताकि नपा खाद बना सके। फाटका मशीन के जरिए पॉलीथिन को प्रेस करेंगे ताकि पॉलीथिक के दानों से नपा कमाई कर सके। पौधे भी लगाए जा रहे हैं। इससे उम्मीद है कि ट्रेंचिंग ग्राउंड के कुछ न कुछ अंक तो जरूर मिलेंगे। जिससे ओवरऑल रैंकिंग में फायदा होगा।

    स्वच्छता सर्वे के लिए अब तक ये प्रयास

    - 11 गाड़ियों से डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण। हर दिन घरों से एक टन कचरा निकाला। टीम सबसे खास इसी पर जनता का फीडबैक लेगी।

    - बीते साढ़े 4 महीने से 100 से अधिक सफाईकर्मी सुबह व रात में सफाई में लगे रहे। बाजारों में रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था और मोहल्लों में सुबह के समय सफाई की गई।

    - दिन में एक बार नाले-नालियों की सफाई। बस स्टैंड समेत सार्वजनिक स्थानों पर एक कर्मचारी की तैनाती हुई।

    - 30 से ज्यादा डस्टबिन सार्वजनिक स्थानों पर रखवाई गई। जिसमें राहगीर कचरा डालते हैं। हालांकि कुछ डस्टबिन गायब हो गई।

    - स्वच्छता एप के जरिए लोगों में जागरूकता लाने के प्रयास किए गए। 3 हजार से अधिक एप डाउनलोड करने का दावा।

    इन मामलों में कमजोरी भी

    नपा ने जहां साढ़े 4 महीने में कई अच्छे प्रयास किए किंतु कुछ मामलों में वह कमजोर भी साबित हुई। इससे सर्वेक्षण में फर्क पड़ सकता है। हालांकि जिम्मेदार इनमें काफी सुधार होने का दावा कर रहे हैं।

    - पॉलीथिन पर पूरी तरह से प्रतिबंध नहीं। एक-दो बार ही कार्रवाई की गई।

    - एक-दो बार ही आवारा मवेशियों को पकड़कर गोशाला भेजा गया। इस कारण अब भी बड़ी संख्या में मवेशी हाईवे से लेकर नगर की अंदरूनी सड़कों पर स्वच्छंद विचरण करते नजर आते हैं।

    - बस स्टैंड समेत प्रमुख बाजारों में अब भी कई दुकानदार सड़क पर ही कचरा फेंक देते हैं। इस पर पूरी तरह से लगाम नहीं लग सकी।

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    सर्वेक्षण टीम आई

    - शहर में 2 अक्टूबर-17 से विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। सफाई व्यवस्था को चुनौती मानकर कार्य किया। इसके काफी अच्छे परिणाम सामने आए। स्वच्छता सर्वेक्षण टीमें आ चुकी हैं। उम्मीद है कि सर्वेक्षण में बेहतर मुकाम हासिल करेंगे। -शीतल भट्ट, नपाध्यक्ष शाजापुर

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