- आज से जरूरी संसाधन, फर्नीचर आदि रखना होगा प्रारंभ

- पुलिस मुख्यालय से भी मांगे संसाधन और फर्नीचर

शाजापुर। एसपी ऑफिस के पीछे लालघाटी पर पुलिस कंट्रोल रूम के लिए नई बिल्डिंग बनकर तैयार हो गई है। 3 फरवरी को निर्माण करने वाली एजेंसी ने भवन पुलिस विभाग को हैंडओवर कर दिया। नए भवन में कंट्रोल रूम संचालन प्रारंभ करने के लिए पुलिस मुख्यालय से फर्नीचर सहित अन्य संसाधनों की मांग की गई थी किंतु अब तक प्राप्ति नहीं होने पर विभाग के पास मौजूद फर्नीचर और संसाधनों को ही नए भवन में शिफ्ट करने की तैयारी कर ली गई है। शुक्रवार से यहां सामान रखना प्रारंभ कर दिया जाएगा।

माना जा रहा है कि जल्द ही पूरी तरह से यहीं से पुलिस कंट्रोल रूम का संचालन प्रारंभ हो जाएगा। इसके अलावा शहरभर में अत्याधुनिक कैमरे भी लगा दिए गए हैं, जिनमें से अधिकांश ने काम करना प्रारंभ कर दिया है। 3 हजार स्क्वेयर फीट जमीन पर बने दो मंजिला (जी प्लस वन) भवन में मीटिंग हॉल, सीसीटीवी सर्विलांस, कम्युनिकेशन कक्ष, डायल-100 कंट्रोल रूम बनाया गया है। ग्रामीण थानों के लिए अलग से देहात (ग्रामीण) कंट्रोल रूम का संचालन होगा। खास बात यह है कि शहर में 30 स्थानों पर लगाए जा रहे 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों में कैद रिकॉर्डिंग आदि पर नजर रखने के लिए यहां सीसीटीवी कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। कंट्रोल रूम में एफएसएल अधिकारी का दफ्तर भी लगेगा। डॉग स्क्वॉड के लिए भी कक्ष बनाए गए हैं। यहां एक कक्ष में बलवा किट आदि इस तरह से रखी जाएगी कि जरूरत पड़ने पर बहुत जल्दी इन्हें कक्ष से निकालकर उपयोग किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जल्द ही पुलिस कंट्रोल रूम अत्याधुनिक भवन में संचालित होगा। नए भवन में संचालन प्रारंभ होने से पुलिस को कई सुविधाएं होंगी।

अफसरों की नजर में रहेगा

नया कंट्रोल रूम भवन एसपी ऑफिस से चंद कदम दूरी पर ही है। इससे हर समय वरिष्ठ अधिकारियों की कंट्रोल रूम पर नजर रहेगी। अभी एसपी ऑफिस और कंट्रोल रूम में काफी दूरी है किंतु नए भवन में संचालन प्रारंभ होने पर एसपी ऑफिस के साथ ही एएसपी और एसडीओपी ऑफिस भी कंट्रोल रूम के पास ही रहेंगे। इससे अफसरों की सीधी नजर कंट्रोल रूम पर रहेगी। यहां मीटिंग, प्रशिक्षण आदि के लिए भी काफी स्थान रखा गया है। मीटिंग, प्रशिक्षण के साथ ही अन्य आयोजनों के लिए 1350 स्क्वेयर फीट का एक हॉल बनाया गया है। जिसमें एक साथ 150 लोगों के बैठने की व्यवस्था रहेगी।

जल्द ही पूरी तरह काम शुरू कर देंगे कैमरे

शहर के प्रमुख क्षेत्र सीसीटीवी कैमरे की नजर में हैं। 30 स्थानों पर कुल 156 कैमरे लगाए गए हैं। इनमें से अधिकांश चालू भी हो गए हैं। हालांकि अभी इनका ट्रायल ही चल रहा है। जल्द ही यह पूरी तरह काम करना प्रारंभ कर देंगे। शहर के प्रमुख स्थानों पर लगाए गए ये कैमरे भी साधारण न होकर खास हैं। ये अंधेरे में भी रिकार्डिंग कर सकते हैं। अब शहर के प्रमुख मार्ग, बाजार, चौराहे, शहर में प्रवेश करने व निकलने के रास्तों पर 24 घंटे तीसरी नजर का पहरा है। शहर में प्रवेश करने व निकलने वाले मार्गों और चौराहों पर जो कैमरे लगेंगे उनसे खासतौर पर वाहनों की नंबर प्लेट पढ़ी जा सकेगी। कैमरों के संचालन व निगरानी के लिए नए पुलिस कंट्रोल रूम में एक सर्वर, डिसप्ले रूम बनाया गया है। यहां से ही सभी कैमरों में कैद होने वाले घटनाक्रम पर सीधी नजर रखी जाएगी। यहां 24 घंटे पुलिस अफसर तैनात रहेंगे और सीसीटीवी मॉनीटर पर नजर रखेंगे। इसके लिए कंट्रोल रूम में बड़ी सी डिस्प्ले स्क्रीन लगाई जाएगी।

इन स्थानों पर लगे कैमरे

भूतेश्वर महादेव मंदिर नई सड़क, कृष्णा टॉकीज चौराहा, आदित्य नगर गणेश मंदिर के पास, ज्योतिनगर तिराहा, राज राजेश्वरी महिला सहकारी बैंक नई सड़क, जेल तिराहा एबी रोड, सरस्वती स्कूल तिराहा, टुकराना जोड़ एबी रोड, मनोरमा गार्डन, दुपाड़ा तिराहा, ट्रैफिक पॉइंट, सराफा बाजार, कंस चौराहा, मरीकलां बाजार, जामा मस्जिद, आजाद चौक, छोटा चौक, श्रीराम लॉज बस स्टैंड, फव्वारा चौक, मगरिया चौराहा, रूपा माता मंदिर कसेरा बाजार, मां राजराजेश्वरी मंदिर, रेलवे स्टेशन, किला गेट, महुपुरा चौराहा, टंकी चौराहा, धोबी चौराहा, बीएसएन कॉलेज एबी रोड, करेड़ी नाका और एसपी ऑफिस एबी रोड़ आदि क्षेत्रों में कैमरे लगाए गए हैं।

खास-खास

- एक करोड़ की लागत से बना भवन

- तीन हजार स्क्वेयर फीट से ज्यादा जमीन में फैला भवन व परिसर

- आधुनिक संसाधनों से लैस और पर्याप्त स्थान की सुविधा

- एसपी, एएसपी और एसडीओपी ऑफिस से नजदीक

- मीटिंग हॉल, सीसीटीवी सर्विलांस, कम्यूनिकेशन कक्ष, डायल-100 कंट्रोल रूम

- पूरे शहर पर नजर रखेगा सीसीटीवी कंट्रोल रूम

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आज से शिफ्टिंग करेंगे

- नए कंट्रोल रूम में संचालन जल्द ही प्रारंभ किया जाना है। इसके लिए शुक्रवार से फर्नीचर आदि की शिफ्टिंग प्रारंभ की जाएगी। पुलिस मुख्यालय से भी फर्नीचर और संसाधन मांगे हैं किंतु अब तक प्राप्त नहीं हुए। -आशीष तिवारी, रक्षित निरीक्षक

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