-पंडित बैठेंगे आज से नए शेड में

आगर-मालवा। नईदुनिया न्यूज

बैजनाथ महादेव मंदिर परिसर में सप्तऋषि मंदिर के पुनर्निर्माण का रुका कार्य गत दिनों प्रशासन की प्रभावी पहल से आरंभ कर दिया गया। इधर परिसर में पूजा सामग्री लेकर बैठने वाले पंडितों के लिए सम्मानजनक स्तर का नवीन शेड बनकर तैयार हो चुका है। जहां चैत्र सुदी पूर्णिमा एवं हनुमान जयंती पर 19 अप्रैल से पंडितगण बैठेंगे।

वर्ष 2015-16 में मंदिर परिसर विस्तार के लिए शासन से तत्कालीन विधायक गोपाल परमार की पहल पर 40 लाख रुपए मंजूर हुए थे। परिसर निर्माण के लिए मंदिर के उत्तरी भाग में स्थित प्राचीन सप्तऋषि महादेव मंदिर को हटा दिया गया था तभी से इसके पुनर्निर्माण और मंदिर के साथ हटाए गए 7 शिवलिंगों की पुनः स्थापना की मांग श्रद्घालुओं द्वारा की जा रही थी। वर्ष 2017 में तत्कालीन विधायक परमार ने शासन से फिर इस हटाए गए मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए राशि मंजूर कराई। निर्माण एजेंसी हाउसिंग बोर्ड को बनाया गया। काम का ठेका हुआ। ठेकेदार ने काम शुरू किया और करीब 5-6 माह से आधा-अधूरा काम छोड़कर बंद पड़ा था। इधर गत सप्ताह नगर के श्रद्घालुओं ने कलेक्टर से मुलाकात कर मंदिर के रुके काम को पूरा कराने की ओर ध्यान आकर्षित कराया था। कलेक्टर ने तत्काल हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों को सख्त हिदायत के साथ निर्देश दिए और 4-5 दिन पूर्व से काम ठेकेदार ने पुनः शुरू कर दिया है। मंदिर की व्यवस्था के लिए कलेक्टर द्वारा नियुक्त नोडल अधिकारी भू अभिलेख अधीक्षक राजेश सरवटे ने बताया कि इस मंदिर का निर्माण कार्य पूर्ण करने के लिए अंतिम तारीख 20 मई नियत कर दी गई है। इसी प्रकार लंबे समय से मंदिर परिसर में पूजा सामग्री लेकर बैठने और दर्शन उपरांत भक्तो को तिलक लगाने के लिए एक दर्जन के लगभग पंडित नियमित रूप से बैठते आ रहे हैं। इनका स्थान सुनिश्चित नहीं था। ऐसे में ये अपनी मनमर्जी से जहां-तहां बैठते थे और इस बैठक के स्थान को लेकर इनमें आपस में विवाद की स्थिति जब-तब बनती थी। इस समस्या की ओर गत माह प्रशासन ने योजना बनाई और नोडल अधिकारी सरवटे ने पंडितों की सहमति से परिसर के प्रवेश मुहाने के पास कांक्रीट व टाइल्स लगाकर एक शेड का निर्माण जनसहयोग से करवा दिया। परिसर को रैलिंग लगाकर सुरक्षित भी करवा दिया गया है। इससे परिसर के ऊपर मवेशी के चढ़ने की समस्या से भी निजात मिल गई है।

18एजीआर 19 - आगर के बैजनाथ में पंडितों के बैठने के लिए बना नया शेड।