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- आज भी स्कूलों में होगा टेस्ट, एमपी करियर मित्र एप के माध्यम से हो रहा टेस्ट

- 140 प्रश्नों का जवाब देकर जानी खुद की रुचि और योग्यता

शाजापुर। सरकारी स्कूल में कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों की रुचि जानने के लिए शिक्षा विभाग द्वारा मोबाइल एप के माध्यम से ऑनलाइन टेस्ट आयोजित किए जा रहे हैं। गुरुवार से टेस्ट प्रारंभ हो गए। पहले दिन विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ टेस्ट दिया। अब शेष बचे विद्यार्थी शुक्रवार को भी टेस्ट देंगे। इसके बाद भी अगर विद्यार्थी टेस्ट देने से वंचित रहे तो 17 फरवरी को उनका टेस्ट लिया जाएगा। टेस्ट के प्रश्न मनोवैज्ञानिकों द्वारा तैयार किए गए हैं। कुल 140 प्रश्नों के इस टेस्ट के परिणाम से विद्यार्थी की किस विषय में ज्यादा रुचि है और किस विषय में वह कमजोर है, यह जानकारी सामने आ रही है।

दरअसल, कक्षा 10वीं की पढ़ाई के बाद अगली कक्षा में विद्यार्थी को विषय या करियर की राह चुनना पड़ती है। सरकारी शालाओं में पढ़ने वाले विद्यार्थी अधिकांशतः परंपरागत कोर्स आदि ही करते हैं जबकि वर्तमान में कई रोजगारोन्मुखी कोर्स भी हाईस्कूल परीक्षा पास विद्यार्थियों के लिए हैं। इसके अलावा विद्यार्थी कई बार दोस्त या परिवारजन के कहने से विषय आदि का चयन कर लेते हैं किंतु विषय में रुचि नहीं होने के कारण अपेक्षाकृत अच्छे परिणाम नहीं मिल पाते हैं। इन्हीं परिस्थियों से विद्यार्थियों को उबारने के लिए शिक्षा विभाग ने यह कवायद की है। टेस्ट मोबाइल एप एमपी करियर मित्र के माध्यम से लिया जा रहा है। टेस्ट के परिणाम के आधार पर विद्यार्थी यह तय कर पाएंगे कि उन्हें 11वीं में कौन-सा विषय लेकर आगे की पढ़ाई करना है या करियर में कौन सी राह चुनना है। टेस्ट तीन चरणों में होना है। फिलहाल पहला चरण चल रहा है। अभिरुचि टेस्ट के बाद होने वाले दो चरण एप्टीट्यूड टेस्ट और काउंसलिंग को लेकर तारीख तय नही है। यह दो चरण वार्षिक परीक्षा प्रोग्राम को देखते हुए तय किए जाएंगे।

ऑनलाइन टेस्ट में 140 प्रश्नों का जवाब

शिक्षकों ने उनके व विद्यार्थियों के स्मार्ट फोन पर मोबाइल एप डाउनलोड करवाकर टेस्ट किया। 10 विद्यार्थियों पर एक मोबाइल की जरूरत थी। कई स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या के मान से शिक्षकों के मोबाइल कम पड़ने की स्थिति में विद्यार्थियों के मोबाइल भी उपयोग किए गए। तय कार्यक्रम अनुसार 15 और 16 फरवरी को टेस्ट आयोजन होना है किंतु इन दो दिन के बाद भी अगर स्कूल में बच्चे टेस्ट देने से वंचित रहे तो 17 फरवरी को भी आयोजन किया जा सकेगा। अभिरुचि टेस्ट की कवायद करने के पीछे विद्यार्थियों को करियर मार्गदर्शन देना है। बच्चे कक्षा 10वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद आगे की पढ़ाई या करियर का राह चुनने में दिक्कतों का सामना करते हैं। इस दिक्कत के समाधान के लिए यह कवायद की जा रही है। टेस्ट के लिए शिक्षा विभाग के राधावल्लभ कारपेंटर और ओमप्रकाश पाटीदार को रिसोर्स पर्सन के रूप में प्रशिक्षण दिया गया है। जिले में कुल 106 हाईस्कूल हैें। इन स्कूलों के कुल 212 प्राचार्य और काउंसलर द्वारा टेस्ट आयोजित कराया जा रहा है।