श्योपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

जिला अस्पताल में पिछले साल सामान खरीदी को लेकर सामने आए घोटाले की अभी जांच पूरी भी नहीं हो पाई कि अब बिना टेंडर के कूलर खरीदे जाने का मामला सामने आ गया। बिना टेंडर और कोटेशन के जिला अस्पताल में करीब 11 कूलरों की खरीद कराई गई है। इस तरह कराई गई खरीदी में नियमों को ताक पर रखकर पसंदीदा चेहरों को लाभ पहुंचाने का काम किया गया है। कूलर खरीदी का मामला अस्पताल में भी फिलहाल चर्चा का विषय बना हुआ है। क्योंकि इनकी खरीदी भी गिने चुने लोगों से कराई गई हैं जो इससे पहले भी अन्य कार्यों को लेकर विवादों में रह चुके हैं। बताया गया है कि अस्पताल में जो कूलर लगाए गए हैं वह सीधे ऑर्डर कर लगवा दिए गए हैं। इधर अस्पताल के स्टोर प्रबधंन को तो कूलरों की खरीदी के संबंध में जानकारी तक नहीं है।

जानकारी के अनुसार अस्पताल प्रबंधन एक लाख रुपए से कम कीमत के काम या सामान की खरीदी कोटेशन मंगाकर करा सकता है। अगर खरीदी एक लाख रुपए से ज्यादा कीमत की होगी तो उसके लिए टेंडर निकालने होंगे। लेकिन यहां इन नियमों को ताक पर रखकर मनमर्जी की खरीद कराई जा रही है। करीब एक महीने पहले ही नए कूलर डायरेक्ट खरीदकर अस्पताल में लगवा दिए गए हैं। इस खरीदी को लेकर लोकल वेंडर का कहना है कूलर खरीदने के लिए पिछले साल ही सीएमएचओ कार्यालय की ओर से कोटेशन मंगा लिए थे। उन कोटेशनों के आधार पर ही इन कूलरों की खरीदी की गई है। अब यह कूलर कितने के खरीदे गए हैं और कहां से खरीदे गए यह कोई बताने को तैयार नहीं है। इससे पहले ही बिजली का सामान सहित पंखे आदि खरीदे जाने में घोटाला सामने आया था। जो सामान खरीदा गया वह मार्केट की कीमतों से चौगनी रेट में खरीदा गया था।

ये मामले भी रह चुके हैं विवादों में

जिला अस्पताल में बिजली सामान, खरीदी के अलावा कराए गए निर्माण कार्य भी विवादों में रह चुके हैं। पिछले साल जिला अस्पताल का मुख्य गेट जिसका निर्माण बिना टेंडर के साढे तीन लाख रुपए में कुछ गिने चुने लोगों को ठेका दे दिया था। जिसे सही नहीं मानते हुए तत्कालीन सिविल सर्जन ने निर्माण कार्य पर रोक लगा दी। इसके बाद इसी कार्य को तीन जगहों में बांटकर उन्हीं पसंदीदा चेहरों को काम दिया गया जो पहले से निर्माण कार्य में सम्मिलित थे। इसी तरह पानी की समस्या को देखते हुए जिला अस्पताल में पानी के कैंपर रखवाए गए थे। इस काम के लिए न तो कई कोटेशन मंगाया गया और न ही टेंडर प्रक्रिया अपनाई गई। इस कार्य को व्यक्तिगत हाथों में थमा दिया गया। कितने कैंपर अस्पताल में आए और कितनो को पैमेंड किसे और कहां किया गया यह अभी तक सामने ही नहीं आ पाया। इस तरह की मनमर्जी के कार्य होने से विभागीय नियमों की तो धज्जियां उड़ ही रही हैं। खरीदी भी औने पौने दामों में कराई जा रही है। इससे सरकार को चूना लग रहा है।

वर्जन

आपको कूलर खरीदी को लेकर क्या करना है। जो लगे हैं वो लगे हैं। आपको जो लिखना है वो लिख दो।

डॉ. एनसी गुप्ता

सीएमएचओ. श्योपुर

फोटो : 03

कैप्शन : जिला अस्पताल में लगे नए कूलर।