श्योपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

मुझे लगभग डेढ़ महीना हो गया। इस दौरान सबसे बड़ी समस्या यही सामने आई है कि जिले में जमीनों का रिकॉर्ड अस्त-व्यस्त है। लैंड रिकार्ड दुरुस्त है नहीं। लोगों ने जमीनों के नक्शे-खसरे तक नहीं बनवाए। सबसे जरूरी मिशिल बंदोबस्त होता है जो, तहसील स्तर पर है ही नहीं। हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है इसलिए, हमने टारगेट बनाया है कि, तीन महीने में जमीनों के रिकार्ड को दुरुस्त किया जाए। पदस्थी के बाद पत्रकारों से पहली बार रूबरू हुए कलेक्टर सौरभ कुमार सुमन ने यह बातें कहीं।

कलेक्टोरेट सभागार में आयोजित पत्रकारों के साथ चर्चा में कलेक्टर सुमन ने कहा कि, जिले में पानी की समस्या है लेकिन, डेढ़ महीने में हमने इसमें बहुत सुधार किया है। अब उतनी शिकायतें नहीं आ रहीं जो पहले आ रही थीं। उन्होंने कहा कि कुपोषण और स्वास्थ्य व्यवस्था यहां की पुरानी समस्या है। इसे एक दम नहीं सुधारा जा सकता लेकिन, इसके सुधार में हम अपना पूरा योगदान देंगे। कलेक्टर ने बताया कि कई बुजुर्ग व आदिवासी महिलाओं को अभी भी पेंशन, कुपोषण के एक हजार रुपए नहीं मिल पा रहे। इस कमी को दूर करने का हम पूरा प्रयास कर रहे हैं।

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कैप्शन : पत्रकारों से चर्चा करते कलेक्टर सुमन।