श्योपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने से दो दिन पहले जिला पेंशन अधिकारी और आदिम जाति कल्याण विभाग के प्रभारी सहायक आयुक्त सुनील भदौरिया का भोपाल तबादला कर दिया गया है लेकिन, जिला प्रशासन ने उन्हें रिलीव नहीं किया। आचार संहिता के दौरान किसी भी अंडर ट्रांसफर अधिकारी-कर्मचारी से काम नहीं कराया जा सकता लेकिन, श्योपुर में सुनील भदौरिया को पांच विभागों का जिम्मा सौंप रखा है।

मप्र वित्त विभाग के उप संचालक मनोज कुमार जैन ने 04 अक्टूबर को प्रदेश के आठ अफसरों के तबादले किए थे। इनमें श्योपुर के जिला पेंशन अधिकारी सुनील भदौरिया को भोपाल मेट्रो सिटी परियोजना का वित्त अधिकारी बनाया गया है। उप संचालक श्री जैन के आदेश में लिखा है कि यदि श्योपुर कलेक्टर ने तीन दिन में सुनील भदौरिया को रिलीव किया तो तीन दिन के बाद वह स्वतः ही कार्यमुक्त हो जाएंगे। यानी इस आदेश के हिसाब से 06 अक्टूबर के बाद सुनील भदौरिया श्योपुर से रिलीव हो चुके हैं। लेकिन, हकीकत यह है कि, उन्होंनें अभी अपनी कुर्सी नहीं छोड़ी है। भोपाल से ही सुनील भदौरिया की जगह जिला कोषालय अधिकारी मुन्ना खांन को पेंशन अधिकारी का चार्ज दे दिया गया है। शासन के रिकार्ड में सुनील भदौरिया अब जिला पेंशन अधिकारी भी नहीं है लेकिन, श्योपुर में वह पेंशन अधिकारी के साथ-साथ चार विभागों के मुखिया बनकर काम कर रहे हैं। श्री भदौरिया के पास आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त, परियोजना अधिकारी कराहल, जिला योजना अधिकारी और उप संचालक सामाजिक न्याय के अतिरिक्त प्रभार हैं। वह पेंशन अधिकारी से ज्यादा दिलचस्पी आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त के तौर पर ले रहे हैं। यही कारण है कि, वह भोपाल जाना नहीं चाह रहे।