श्योपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

जंगली क्षेत्र में वनविभाग की सक्रियता के बाद भी जंगल तस्करों के हौसले बुलंद हैं। वे दिन में जंगलों में उतरते हैं और रात के अंधेरे में लकड़ी तस्करी को अंजाम देते हैं। इसके लिए वे किसी भारी वाहन नहीं बल्कि बैलगाड़ी और मोटरसाइकिलों से लकड़ी तस्करी कर रहे हैं। इस महीने ही करीब आधा दर्जन केस सामने आए चुके हैं। जिनमें तस्कर तो वन टीम के हाथ नहीं लगे लेकिन बैलगाड़ी और मोटरसाइकिलें जब्त की गई हैं। सबसे ज्यादा लकड़ी तस्करी कराहल क्षेत्र के जंगल में हो रही है। जहां से सागौन, खैर, सतरूखा आदि किस्म की लकडिय़ों की तस्करी की जा रही है। बताया गया है कि इस तस्करी में स्थानीय माफिया हैं जो जंगली क्षेत्र को टारगेट बना रहे हैं। इनको रात के अंधेरे में लाई गई लकड़ी को बेचने के लिए बाहर भी नहीं जाना पड़ता। लोकल स्तर पर कई लोग ऐसे हैं जो इस बेसकीमती लकड़ी की खरीदी कर लेते हैं। अब वन विभाग लगातार बढ़ती तस्करी को रोकने फोकस कर रहा है। जहां लकड़ी तस्करी के केस सामने आए हैं वहां कड़ी नजर रखी जा रही है। इसके बाद भी जंगल कटाई का सिलिसिला जारी है। यही हाल वनक्षेत्र में अवैध अतिक्रमण का बना हुआ है। विभागीय पदाधिकारियों ने अतिक्रमण के खिलाफ जो मुहिम छेड़ी थी उसका असर कुछ दिन तो दिखा लेकिन बाद में ये गर्माहट भी दूर हो गई। बाद में जिन लोगों को वनभूमि से हटाया था वे फिर से सक्रिय हो गए। अब तो उन दबंगों की फॉरेस्ट में फसलें तक लहलहा रही हैं।

यहां पकड़ी जा चुकी है तस्करी

केसः 01

पिछले सप्ताह रात के अंधेरे में कुछ लोग बैलगाड़ियों के साथ जंगल में उतरे और वहां लकड़ी की तस्करी करते पकड़े गए। रात का फायदा उठाकर तस्कर तो भाग गए लेकिन बैलगाडी मय लकड़ी के जप्त कर ली गई। बाद में वनविभाग ने मामला दर्ज भी किया।

केसः 02

विजयपुर के मैदावली क्षेत्र के जंगल में 1 नवंबर को कुछ लोग मोटरसाइकिलों से लकड़ी की तस्करी करते पकड़े गए। पहले इन जंगल तस्करों ने लकड़ी काटी उसके बाद रात के अंधेरे में उसकी तस्करी करते पकड़े गए। लेकिन सूचना पर मौके पर पहुंची वनटीम ने तत्काल कार्रवाई की। साथ ही मामला दर्ज कराया।

केसः 03

31 अक्टूबर को कराहल के रानीपुरा क्षेत्र में लकड़ी तस्करी की जानकारी मिली तो टीम मौके पर पहुंची तब टीम को देखकर लकड़ी तस्कर भाग गए। मौके से वनटीम ने एक बैलगाड़ी लकड़ी जप्त कर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कराया।

वर्जन

- जंगल की सुरक्षा पर हमारी पूरी नजर है। लकडी तस्करी के कई केस पकड़े भी जा चुके हैं। यह तस्कर रात के अंधेरे का फायदा उठाकर लकड़ी तस्करी को अंजाम देते हैं।

एमएम शर्मा

एसडीओ, कराहल वनक्षेत्र

फोटो : 07

कैप्शन : जंगल में पकड़ी लकड़ी से भरी बैलगाड़ी । फाइल फोटो