श्योपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

मठेपुरा में रहने वाली वेवा रामनाथी बाई के लिए गांव का विकास अभिशाप बन गया है। ग्राम पंचायत द्वारा बनाई गई सड़क के कारण रामनाथ बाई का मकान नीचा रह गया। इससे नाली का पानी रामनाथी बाई के घर में घुसकर मेंढ़क व दूसरे कीड़े-मकोड़े के रहने का स्थान बन गया है। गंदे पानी का स्वीमिंग पुल बने घर के बाहर बैठकर समय व्यतीत करने के अलावा रामनाथी बाई के पास कोई चारा नहीं बचा है।

करीब 5 साल पहले गांव में बनाई गई सड़क के कारण रोड की ऊंचाई करीब 3 फीट हो गई। इससे सड़क किनारे के कई घर जमीन तल से नीचे हो गए। इन्हीं घरों में रामनाथी बाई का घर भी शामिल है। गांव के दूसरे लोग तो सामर्थ थे जिन्होंने मिट्टी भरवाकर घर की ऊंचाई बढ़ा ली। रामनाथी बाई ऐसा नहीं कर सकी। हालांकि, ग्राम पंचायत ने सड़क के साथ नाली भी बनाई है। नाली बनाते समय पानी निस्तारण की व्यवस्था नहीं हो सकी। ठेकेदार ने पानी का निकास खेतों में कर दिया। किसान सिंचाई के समय नाली के पानी का उपयोग कर लेते है लेकिन, जब सिंचाई की जरुरत नहीं होती है तो पानी का निकास बंद कर देते हैं। इससे नाली में पानी ओवरफ्लो होकर सड़क पर बहने लगता है। रामनाथी बाई के घर में नाली का यह पानी स्वीमिंग पुल की तरह भरा हुआ है। इससे रामनाथी बाई के सामने रहने की समस्या तो आ ही रही है साथ ही मच्छर व दूसरे कीड़े पनपने से बीमारियां फैलाने का संकट आ गया है।

फोटो : 08, 09

कैप्शन : घर के बाहर बैठी रामनाथी बाई।

गंदे पानी का तरणताल बना रामनाथी बाई का घर।