कराहल। जिले में अल्पवर्षा के कारण फसलें खराब हो गईं। लोगों को काम नहीं मिल रहा। ऐसे में लोग अब गांव से पलायन करने को मजबूर हो गए हैं। बुधवार को कराहल में यह नजारा देखने को मिला, जहां चक बिलेंडी गांव के दो दर्जन परिवार मजदूरी की तलाश में गांव छोड़ गए।

ग्राम पंचायत कराहल के चक बिलेंडी गांव के मजदूरों ने बताया कि उन्हें गांव में कोई कम नहीं मिल रहा। इस बार कम बारिश होने के कारण फसल भी कम हुईं इसलिए सरसों कटाई का काम भी नहीं मिल रहा।

पलायन करने वाली शिमला बाई व निम्बो बाई ने बताया कि बस्ती के कई परिवार तो पहले ही राजस्थान और गुजरात जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि कराहल पंचायत सबसे बढ़ी पंचायत है फिर भी पंचायत में मनरेगा योजना के तहत एक भी काम नहीं चल रहा है और अगर काम चलता भी है तो वो मशीनों से काम कराया जाता है और उन्हें मजदूरी नहीं मिलती।

बच्चे हो रहे शिक्षा से दूर

आजीविका के अभाव में पलायन एक बहुत बड़ी त्रासदी की तरह है। पलायन करने वाले परिवारों के बच्चे शिक्षा जैसी सौगात से भी वचिंत हो रहे हैं। परिजनों के साथ पलायन को जाने वाले बच्चों में अधिकतर 5 से 10 के बच्चे हैं।

सोमवती बाई ने बताया कि सभी बच्चे गांव के प्राथमिक एवं मिडिल स्कूल में पढ़ाई करते हैं। गांव में कोई काम धंधा नहीं है इसलिए सभी परिवार मजदूरी करने जा रहे हैं। अब बच्चों को किसके भरोसे छोड़कर जाए इसलिए उनको भी साथ ले जाना पड़ रहा है। मध्यप्रदेश शासन की सर्व शिक्षा अभियान पर पलायन भारी पड़ रहा है।