श्योपुर। कहा जाता है कि दुष्कर्म और छेड़छाड़ के आधे से ज्यादा मामले तो थाने तक पहुंच ही नहीं पाते। कोई महिला इज्जत के डर से तो कोई बदमाशों के खौफ से चुपचाप बैठ जाती है। 9 जुलाई को बड़ौदा के एक गांव में 14 साल की बालिका के साथ हुए दुष्कर्म के प्रयास के मामले में भी ऐसा ही हो रहा था।

मनचलों से चंगुल से बचने वाली बालिका ने डर के मारे तीन दिन तक किसी को कुछ नहीं बताया, लेकिन घटना के तीसरे दिन बालिका के भाई के मोबाइल पर वीडियो आया तो पूरे परिवार में हड़कंप मच गया। इसके बाद बालिका ने अपनी आप-बीती सुनाई और उसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। पुलिस ने शिकायत के 24 घंटे के भीतर ही दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।

9 जुलाई की दोपहर एक गांव में 14 साल की बालिका अपनी 11 साल की छोटी बहन के साथ खेत पर लगे जामुन के पेड़ की रखवाली कर रही थी। इसी दौरान गांव का रामू पुत्र देवीशंकर माली अपने दोस्त अमन पुत्र मुरारी धाकड़ के साथ जामुन खरीदने के बहाने बालिका के खेत पर पहुंच गया।

रामू बालिका का मुंह दबाकर नाले के पास ले गया। नाले के पास रामू ने बालिका से दुष्कर्म का प्रयास किया। इस बीच दूसरा युवक अमन धाकड़ मोबाइल से वीडियो बना रहा था। बालिका ने संघर्ष करते हुए खुद को बचा लिया। इस घटना का जिक्र बालिका ने परिवार में किसी से नहीं किया। उधर दुष्कर्म करने में दोनों आरोपित सफल नहीं हुए तो अमन धाकड़ ने इस वीडियो को वायरल कर दिया।

वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग की थी प्लानिंग

पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि दोनों मनचलों ने वीडियो बनाकर बालिका को ब्लैकमेल करके लंबे समय तक उसका शोषण करने की प्लानिंग बनाई थी।

इनका कहना है

-लड़की ने घर में किसी को कुछ नहीं बताया। तीसरे दिन भाई के मोबाइल पर वीडियो आया तब लड़की ने पूरी बात बताई। दोनों युवकों की मंशा वीडियो बनाकर बालिका का शोषण करने की थी। जिन लोगों ने बालिका का यह वीडियो वायरल किया है, उनके खिलाफ भी पॉक्सो एक्ट की कायमी की जाएगी।

-डॉ. शिवदयाल सिंह, एसपी, श्योपुर