अर्से बाद अंचल में कांग्रेस भाजपा के अलावा अन्य दलों के प्रत्याशियों को भी माना जा रहा मुकाबले में

शिवपुरी। शिवपुरी जिले के राजनैतिक परिद्रश्य पर गौर करें तो यहां विधानसभा की 5 सीटों में से अधिकांश पर भाजपा कांग्रेस का ही कब्जा होता चला आ रहा है। अधिकांश विस क्षेत्र में चुनावी मुकाबले के केंद्र बिंदु में भी ये दोनों ही दल रहे हैं। अपवाद स्वरूप दशक भर पहले करैरा सीट पर बसपा प्रत्याशी लाखनसिंह बघेल ने जीत हासिल की थी। तो वहीं पोहरी सीट से कांग्रेस छोडकर समानता दल में गए हरीवल्लभ शुक्ला को भी जीत हासिल हुई थी। इसके अलावा शिवपुरी जिले में कांग्रेस व भाजपा के कब्जे में ही सीटें रहीं लेकिन लंबे अंतराल के बाद इस बार अंचल की राजनीति में परंपरागत राजनैतिक दलों के साथ साथ हाल ही में उभरे क्षेत्रीय दल के अलावा जातिगत आधार पर असितत्व में आए दलों सहित बसपा कुछ सीटों पर चुनौती पेश कर सकती है। मतदान में अभी करीब 18 दिन शेष हैं लेकिन फिलहाल जो परिद्रश्य सामने आया है उसमें सभी पांचों सीटों पर ये दल परंपरागत दलों को बडी चुनौती दे सकते हैं।

पोहरी में भाजपा कांग्रेस के अलावा 10 अन्य दलों के प्रत्याशी

दो बार से भाजपा के कब्जे वाली पोहरी सीट पर हमेशा से जातिगत समीकरण हावी रहे हैं। इस बार यहां भाजपा और कांग्रेस दोनों ने ही धाकड समुदाय के प्रत्याशी पर दांव खेता है। जो समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। यहां बसपा ने जहां भाजपा छोडकर आए युवा प्रत्याशी कैलाश कुशवाह पर दाव खेला है तो वहीं यहां स्वर्णिम भारत इंकलाव पार्टी, आजाद भारत पार्टी, बहुजन संघर्ष दल, जन अधिकार पार्टी,राष्ट्रीय लोक समता पार्टी, जयप्रकाश जनता दल, भारतीय राष्ट्रीय मजदूर दल, प्रजातात्रिक समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय समानता दल सहित समाजवादी पार्टी से प्रत्याशी मैदान में हैं यहां भाजपा के बागी विवेक पालीवाल ने प्रजातांत्रिक समाजवादी पार्टी से पर्चा दाखिल किया है। बता दें कि पोहरी क्षेत्र में 30 हजार से अधिक ब्राम्हण मतदाता हैं जबकि 40 हजार से अधिक धाकड, 20 हजार कुशवाह, 10 हजार बैश्य के अलावा अन्य जातियों के मतदाता शामिल हैं ऐसे में क्षेत्रीय व जातीय असितत्व वाले ये दल मुकाबले को रोचक बना सकते हैं।

करैरा में भी 12 अन्य दलों के प्रत्याशी भर रहे हुंकार

पोहरी के बाद करैरा में भी कांग्रेस भाजपा के अलावा 12 अन्य दलों के प्रत्याशी चुनावी हुंकार भर रहे हैं। जो दोनों दलों के लिए चुनौती पेश कर सकते हैं। भाजपा के बागी पूर्व विधायक रमेश खटीक सपाक्स से मैदान में हैं वे खुद के क्षेत्र में जनाधार और सवर्णों के वोट बैंक को अपना मजबूत पक्ष बता रहे हैं तो वहीं पूर्व प्रशासनिक अधिकारी लच्छीराम कोली राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी से मैदान में हैं। इसके अलावा यहां हर चुनाव में प्रभावी व निकटतम प्रतिद्वंदी की स्थिति में रहने वाली बसपा ने पिछले बार के प्रत्याशी प्रागीलाल जाटव को ही दोहराया है। इनके अलावा राष्ट्रीय रक्षक मोर्चा, आम आदमी पार्टी, महा संकल्प जनता पार्टी, आजाद भारत पार्टी, भारतीय राष्ट्रीय मजदूर दल, शिवसेना, जन अधिकार पार्टी, भारतीय प्रजा शक्ति पार्टी, बहुजन संघर्ष दल से भी प्रत्याशी मैदान में हैं।

शिवपुरी से सपाक्स, आप के अलावा दो अन्य दल मैदान में

कांग्रेस भाजपा के अलावा शिवपुरी में इस बार सपाक्स, बसपा व आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी भी चुनावी टक्कर में हुंकार भर रहे हैं। इनके अलावा राष्ट्रीय रक्षक मोर्चा व आजाद भारत पार्टी जैसे दलों के प्रत्याशी भी मैदान में हैं। बसपा जहां अपने परंपरागत वोट बैंक के सहारे मुकाबले में होने का दावा कर रही है तो वहीं सपाक्स आर्थिक आधार पर आरक्षण के समर्थकों और एससीएसटी एक्ट के विरोध को लेकर खडे हुए वर्ग के सहारे मुकाबले में होने की हुंकार भर रही है। इधर आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी भी जनाधार के दावे के साथ् मैदान में हैं ऐसे में इस बार शिवपुरी सीट पर भी कांग्रेस और भाजपा के बीच ही मुकाबला नहीं रहेगा बलकी ये अन्य दल भी मुकाबले को रोचक बना सकते हैं।

पिछोर में क्षेत्रीय दल उतरे मैदान में

पिछले पांच चुनावों से कांग्रेस के कब्जे में रही पिछोर सीट पर भले ही मुकाबला भाजपा से माना जा रहा है लेकिन यहां भी जातिगत वोट बैंक में सेंध लगाने के लिए क्षेत्रीय दलों के अलावा बसपा भी मैदान में हैं। बसपा ने यहां लालाराम को उतारा है तो वहीं दलित वोट बैंक के सहारे हुंकार भरने वाली बहुजन संघर्ष दल ने हरज्ञान को अपना प्रत्याशी बनाया है। इनके अलावा राष्ट्रीय रक्षक मोर्चा, प्रगतिशील मानव समाज पार्टी, आजाद भारत पार्टी व राष्ट्रीय आजाद मंच के प्रत्याशी भी यहां मैदान में हैं।

कोलारस में भी यही स्थिति

यहीं स्थिति कोलारस में भी हैं यहां बडी संख्या में अन्य दलों ने प्रत्याशियों पर दांव खेला है। सपाक्स ने जहां विनोद रघुवंशी को प्रत्याशी घोषित किया है तो वहीं बहुजन समाज पार्टी ने अशोक को मैदान में उतारा है इसके अलावा आजाद भारत पार्टी, शिवसेना, आम आदमी पार्टी, राष्ट्रीय लोकसमता पार्टी, बहुजन संघर्ष दल, राष्ट्रीय समानता दल सहित भारतीय अपना अधिकार पार्टी मैदान में हैं।