शिवपुरी। विधानसभा आम निर्वाचन के दौरान जिले में केबल चैनलों, समाचार पत्रों से प्रसारित कार्यक्रमों पर नजर रखी जा रही है। इसके लिये भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत जिला जनसंपर्क कार्यालय में जिले का मीडिया सेंटर स्थापित किया गया है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर पेडन्यूज पर नजर रखने के लिये जिला स्तर पर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में मीडिया अनुवीक्षण एवं प्रमाणन समिति (एमसीएमसी) गठित की गई है। आयोग ने पेडन्यूजपर बारीकी से ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। एमसीएमसी ही पेडन्यूज के संबंध में निर्णय लेगी। एमसीएमसी द्वारा ही मीडिया सेंटर के जरिए 24 घण्टे इलेक्ट्रोनिक मीडिया और प्रिंट मीडिया द्वारा प्रसारित होने वाली खबरों की गहन छानबीन की जा रही है। पेडन्यूज साबित होने पर संबंधित प्रत्याशी के निर्वाचन व्यय में पेडन्यूज प्रकाशन पर हुआ खर्च जोड़ा जायेगा।

पहले लेनी होगी अनुमति

इलेक्ट्रोनिक मीडिया पर चुनाव-प्रचार संबंधी कार्यक्रम व क्लिपिंग इत्यादि प्रसारित करने के लिए अनुमति लेनी होगी। इसके लिए प्रमाणित स्क्रिप्ट दो प्रति में राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय पार्टी को टेलीकास्ट करने से तीन दिन पूर्व तथा निर्दलीय एवं अन्य को सात दिन पूर्व देनी होगी। मूल स्क्रिप्ट सहित सम्पूर्ण चुनाव प्रचार सामग्री की बारीकी से जा?च करने के बाद ही इलेक्ट्रोनिक मीडिया से चुनावी प्रचार संबंधी कार्यक्रम व विज्ञापन पट्टिया? प्रसारित करने की अनुमति दी जायेगी। इस जा?च में खासतौर पर यह देखा जायेगा कि इस प्रचार-प्रसार में राजनैतिक दलों व प्रत्याशियों द्वारा चुनावी खर्चा तो नहीं छुपाया जा रहा।

इस तरह रखी जा रही है खबरों एवं विज्ञापनों पर नजर

मीडिया सेंटर में केवल चैनलो व एफएम रेडियो चैनल से प्रसारित होने वाले कार्यक्रमों को रिकॉर्ड करने के लिये टीव्ही ट्यूनर युक्त कम्प्यूटर लगाए गए हैं। इन कम्प्यूटर पर चार पालियों में पृथक-पृथक अधिकारी व कर्मचारी 24 घंटे तैनात किए गए हैं। केबल चैनलों व स्थानीय एफएम रेडियो चैनल से प्रसारित हो रहे कार्यक्रम चुनावी प्रचार से संबंधित होने पर एक बटन दबाते ही रिकॉर्ड हो जाएंगे। इस प्रकार रिकॉर्ड किए गए कार्यक्रमों का एमसीएमसी कमेटी द्वारा परीक्षण किया जाएगा। इसी प्रकार प्रिंट मीडिया अर्थात अखबारों में प्रकाशित होने वाली चुनाव से संबंधित पेडन्यूज सहित अन्य चुनावी खबरों व विज्ञापनों पर नजर रखी जा रही है। एमसीएमसी कमेटी द्वारा खबरों की जा?च की जाएगी और जो खबर पेडन्यूज साबित होगी उसका खर्चा संबंधित प्रत्याशी के चुनावी व्यय में जोड़ने के लिये निर्वाचन व्यय अधिकारी को भेजा जाएगा।