भोपाल। नवदुनिया रिपोर्टर

रियलिटी शो 'दिल है हिंदुस्तानी' के जरिए पूरे देशभर के दिलों में जगह बनाने वाली विदिशा की सौम्या शर्मा ने शनिवार को नवदुनिया के दफ्तर में विजिट की। सौम्या सोलो में शो की सेकंड रनरअप रही है। विजिट के दौरान उन्होंने शो से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। 12 की सौम्या कहती हैं एक समय था जब मेरे परिवार के लोग ही मुझे जानते थे। इस शो के जरिए अब पूरा देश मुझे जानता है। अब मैं कही जाती हूं तो लोग मुझे तुरंत ही पहचान लेते हैं, बहुत प्राउड फील होता है। जब मैं 5 साल की थी तब स्कूल में सोलो परफॉर्मेंस दी थी। इसके बाद स्कूल टीचर शिल्पा ने मेरे पैरेंट्स को स्कूल बुलवाया। सभी परेशान हो गए कि क्यों बुलाया है कहीं कोई गड़बड़ तो नहीं कर दी, लेकिन जब पैरेंट्स पहुंचे तो उन्होंने कहा कि मैं बहुत अच्छा गाती हूं। मुझे संगीत प्रशिक्षण दिलाना चाहिए। इसके बाद से मैं विदिशा में ही आशुतोष पाठक से संगीत शिक्षा प्राप्त कर रही हूं। इसके अलावा मुझे डॉ. अश्विना रांगड़ेकर भी संगीत का प्रशिक्षण देती है। मैं पिछले 3 साल से लाइट म्यूजिक सीख रही हूं। इसके पहले हारमोनियम बजाना सीखती थी।

लता दी के गाने भी गवाए जाएं

बहुत मेमोरेबल समय है मेरे लिए जब अभिनेत्री रेखा ने मेरे साथ पौने दो घंटे बिताए थे। प्रोडक्शन वाले बहुत स्ट्रेस में आ गए थे कि यदि मुझे ही सारा समय दिया गया तो बाकी प्रतिभागियों को कैसे प्रजेंट करेंगे। मेरा गाना सुनकर वे रोने लगी थीं। आशा भोसले ने प्रोडक्शन हाउस से कहा कि यह लता दी जैसे दिखती है, इसमें उनकी गायकी की तरह ही रंग दिखते है। लता दी के गाने भी इससे गवाए जाने चाहिए। सौम्या कहती है कि मैं प्रस्तुतियों के दौरान कभी डरी नहीं थी। मेरे पापा कहते थे, बिना डर के आगे बढ़ती रहो। मुझे पता ही नहीं चला कि कैसे मैं फाइनल तक पहुंच गई। सुखविंदर सिंह के साथ भी प्रस्तुति रही। उन्होंने रिहर्सल में अपने गाने की कुछ लाइने बदल ली थी। मैंने उसी आधार पर खुद को तैयार कर लिया। लेकिन प्रस्तुति में उन्होंने फिर से लाइने बदल ली और घबरा गए कि कहीं मैं गा पाऊंगी कि नहीं। उसके बावजूद भी मैं गाती रही तो उन्हें बहुत आश्चर्य हुआ। उन्होंने मेरी बहुत तारीफ की। कुमार सानू मेरे लिए गिफ्ट में हारमोनियम लेकर आए।