-ग्राम मोडी में चल रही श्रीराम कथा में पं. शास्त्री ने कहा

सुसनेर। समीपस्थ ग्राम मोडी में चल रही श्रीराम कथा में पाचंवें दिन बुधवार को भगवान राम और सीताजी का विवाह हुआ। जैसे ही श्रीराम विवाह की बेला आई तो श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। किसी ने नृत्य कर तो किसी ने तालियों से विवाह की खुशियां जाहिर की। इस अवसर पर पं. रामस्वरूप शास्त्री ने कहा कि धर्म और अध्यात्म ही भारत का अति विशिष्ट स्वरूप है। भजन और सुमिरन स्वयं को खुद करना पडता है। हमारी श्रद्वा का भाव भगवान का परीक्षण करा देता है। जीवन में जब परमात्मा का भाव उतरता है तब भक्त का भक्ति में मन रमने लगता है। उन्होंने आगे कहा कि प्रेम के बिना परमात्मा मिलने वाले नहीं हैं। श्रीराम विवाह प्रसंग के बारे में पंडितजी ने कहा कि जब स्वयंवर में भगवान श्रीराम ने धनुष तोड़ कर विवाह की शर्त को पूरा किया तब श्रीराम और सीताजी का विवाह हुआ। कथा में अगले दिन श्रीराम का राज्याभिषेक होगा और फिर उनके वनवास का प्रसंग श्रवण कराया जाएगा। इस अवसार पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

चित्र-17 सुसनेर 4 कथा में हुआ सीताराम का विवाह।

17 सुसनेर 5 कथा करते पं. शास्त्री।

भागवत कथा में मनाया कृष्ण जन्मोत्सव

सुसनेर। समीपस्थ ग्राम खजुरी में चंद्रवंशी बागरी समाज के तत्वावधान में की जा रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा में तीसरे दिन भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर कथा पंडाल को आकर्षक रूप से सजाया गया। श्रद्धालुओं ने नृत्य कर जन्मोत्सव की खुशियां मनाई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शामिल होकर धर्मलाभ लिया।

चित्र-17 सुसनेर 7 खजूरी की कथा में मनाया गया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव।