भोपाल। मिसरोद में मॉडल को बंधक बनाने वाले रोहित से परिवार भी परेशान था। मई माह में बहन की शादी में शामिल होने अपने घर लोधा आया तो पैसे की मांग करते हुए मारपीट तक की। इससे गुस्साए उसके पिता रेशमपाल ने संपत्ति से बेदखल कर दिया। इसकी कानूनी प्रक्रिया कर थाना पुलिस को भी जानकारी दी। यहां से रोहित दो दिन पहले ही भोपाल गया था।

लोधा गांव निवासी रेशमपाल मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं। आर्थिक स्थिति परिवार की काफी खराब है। मात्र 50 गज जमीन है, उसपर ही वह ईंट आदि जोड़कर रहते हैं। रोहित एकलौता पुत्र है, जो कि हाईस्कूल तक पढ़ा है। दो बहनें हैं, जिनकी शादी हो गई है।

ढाई साल पहले रोहित ने गांव में चोरी की थी, जिस पर कुछ लोगों ने उसकी पिटाई की। इसके बाद वह मुंबई भाग गया। वहां किसी स्टूडियो में काम करने लगा और मॉडल के संपर्क में आ गया।

इस मॉडल पर शादी के लिए दबाव डालने लगा। जनवरी में मॉडल अपने घर भोपाल चली गई। फरवरी में रोहित उसके घर पहुंच गया और तमंचा दिखाकर उसे छत पर ले गया था। तब किसी तरह मॉडल को उसने छोड़ा लेकिन पुलिस के हाथ नहीं आया। इसकी तलाश में पुलिस लोधा भी आई।

इस घटना के बाद परिजनों ने मॉडल को मुंबई नहीं भेजा। ग्राम प्रधान लवकुश सिंह ने बताया कि परिजनों के कहने पर वह भी लोधा थाने गए थे। पुलिस को बताया था कि रोहित से अब कुछ लेना-देना नहीं है।

मॉडल को दिया था झांसा

रोहित ने मॉडल को भी झांसे में रखा था। वह मॉडल को बताता था कि उसकी अलीगढ़ में फैक्ट्री है। घर आने पर गांव के लोगों को वह मॉडल की फोटो दिखाता था। कहता था कि वह गांव में आना नहीं चाहती है, इसलिए शादी की देरी हो रही है।

रोहित के साथ जो चाहो वो करो, मथुरा से लौटे वापस

बेटे की हरकतों से पिता रेशमपाल का दिल पूरी तरह से फट चुका था। इसलिए शुक्रवार शाम छह बजे भोपाल से किसी पुलिस अधिकारी का फोन आया था तो उन्होंने कहा कि साहब जो चाहो वो करो, अब उससे मेरा कोई लेना-देना नहीं है।

ग्रामीणों के अनुसार इतना कहते ही रेशमपाल की आंखें भर आईं। दोपहर तीन बजे वह भोपाल जाने की तैयारी करने लगे। वह गांव से निकल भी गए थे, मगर बताया जाता है कि किसी का साथ नहीं मिला तो वह मथुरा से पहले ही वापस आ गए। भोपाल में मॉडल को बंधक बनाने की घटना गांव में दिनभर चर्चा का विषय बनी रही।