बुरहानपुर। इंदौर-इच्छापुर हाईवे फिर तीन घरों के चिराग बुझा गया। रविवार रात को ट्रांसपोर्ट नगर की ओर बाइक से जा रहे तीन दोस्तों की ट्रॉले की टक्कर के बाद मौके पर ही मौत हो गई। घटना इतनी हृदय विदारक थी कि हर कोई देखकर दंग रह गया। एक दोस्त दूर फिंका गया, जबकि दो एकदूसरे से चिपके हुए थे।

जानकारी के अनुसार शिकारपुरा पानी की टंकी निवासी याकूब पिता मेहमूद 22 साल, अश्फाक उर्फ सोनू पिता गफ्फार और जलगांव जामोद महाराष्ट्र निवासी सैयद अमीर पिता सैयद अय्यूब तीनों बाइक से ट्रांसपोर्ट नगर की ओर जा रहे थे।

तभी रिलायंस पेट्रोल पंप के पास ट्रॉले ने तीनों को टक्कर मारकर रौंद दिया। घटना स्थल पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ लग गई। एक युवक के सिर से तो ट्रॉला निकलने से पूरे चिथड़ उड़ गए, जबकि दो दूर फिका गए। पुलिस मौके पर पहुंची तो भीड़ के कारण कुछ समझ नहीं पा रही थी। बाद में भीड़ को तितर बितर किया। जिला अस्पताल में तीनों को पहुंचाया गया, जहां परिजनों को खबर लगने के बाद सभी मौके पर पहुंचे और यहां रुदन चीत्कार मच गई। सूचना पर मंत्री अर्चना चिटनीस अस्‍पताल पहुंच गई थी। उन्‍होंने मृतकों के परिजनों को ढांढस बंधाया।

हर साल 150 घटनाएं

इंदौर-इच्छापुर राज्य मार्ग किलर-वे बन गया है। बुरहानपुर से कटी घाटी तक 30 किमी की सड़क में 50 अंधे मोड़ और शहर के बीच से गुजरे हाईवे पर कई ऐसे जोन बन चुके हैं, जहां आए दिन यहां दुर्घटनाएं होने से हंसते-खेलती जिंदगी मौत के मुंह में समा रही है। इन हादसों को रोकने के लिए हाईवे को फोरलेन बनाने को लेकर प्रक्रिया पिछले दो साल से चल रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। हर साल 150 घटनाएं हो रही हैं।