टीकमगढ़। नईदुनिया प्रतिनिधि

गायत्री शक्ति पीठ परिसर में रविवार को एक बैठक का आयोजन किया गया। इसमें 10 नवंबर को होने वाले श्रद्घा संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण 108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ के बारे में विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्य प्रबंध ट्रस्टी दिलीप कटारे ने बताया कि शांतिकुंज द्वारा साल 2018-19 को श्रद्घा संवर्धन वर्ष घोषित किया गया है। इसी श्रृंखला में श्री कुंडेश्वर धाम परिसर में श्रद्घा संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण 108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा। बैठक में उपजोन समन्वयक डॉ. एमपी गुप्ता ने बताया कि समाज में व्याप्त कुरीतियों के उन्मूलन का एकमात्र माध्यम गायत्री साधना है। गायत्री मंत्र सद्बुद्घि और सन्मार्ग की ओर प्रेरित करने वाला मंत्र है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के प्रयाज कार्यक्रम के अंतर्गत पूरे जिले भर में गायत्री परिजनों द्वारा सवा करोड़ गायत्री मंत्रों का जाप किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यज्ञ में देव संस्कृति कॉलेज हरिद्वार के कुलपति और विश्व अध्यात्मिक कांग्रेस में भारत के प्रतिनिधि डॉ. चिन्मयी पंडया जी शामिल होंगे। जो यज्ञीय कार्यक्रमों के साथ-साथ जिले के युवाओं को संबोधित कर मार्गदर्शन भी देंगे।