टीकमगढ़। नईदुनिया प्रतिनिधि

जिला अस्पताल में डॉक्टरों की मनमानी के चलते स्वास्थ्य सेवाएं सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं। वहीं अब डॉक्टरों द्वारा नियमों को भी ताक पर रख दिया गया है। हाल ही में जिला अस्पताल में तीन दिन पहले रात के समय ड्यूटी पर पदस्थ एक महिला डाक्टर द्वारा नियमों को ताक पर रखते हुए पीएम हाउस को खुलवाया गया। वहीं मृत महिला के पेट से एक बच्चे को निकलवाया गया। इसके बाद महिला डॉक्टर गुपचुप तरीके से बाहर भी निकल गईं। लेकिन अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में महिला डॉक्टर के पीएम हाउस के पास से बाहर निकलने और आने जाने की यह घटना कैद हुई है। पीएम हाउस रात के समय अचानक खुलवाने और मृत महिला के पेट से बच्चे को निकलवाने का आखिर क्या मामला है। यह एक स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के समक्ष जांच का विषय है। हालांकि इस मामले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अभी भी गंभीर नहीं है। जिसके चलते ऐसे मामले में किसी भी प्रकार से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। यदि अस्पताल में नियमों को ऐसे ही तोड़ा गया तो आने वाले समय में स्वास्थ्य सेवाओं का क्या हाल होगा यह समझ से परे है।

दरअसल 5 दिसंबर को शहर के राजमहल क्षेत्र से गर्भवती महिला जिला अस्पताल में प्रसव कराने के लिए भर्ती हुईं। जहां ड्यूटी पर पदस्थ महिला डॉक्टर द्वारा संबंधित गर्भवती महिला का इलाज किया गया। लेकिन महिला की मौत हो गई। देखते ही देखते शाम ढल गई। स्वास्थ्य विभाग की गाइड लाइन के अनुसार सूर्यस्त तक ही पीएम किए जाते हैं। लेकिन यहां ड्यूटी पर पदस्थ महिला डॉक्टर द्वारा मृत महिला को रात करीब साढ़े आठ बजे से 9 बजे के बीच पीएम हाउस में भिजवाया गया। वहीं महिला डॉक्टर द्वारा मृत महिला के पेट से बच्चे को निकाला गया। जिसके बाद मृत महिला को परिजनों को भी सौंप दिया गया। इसके बाद महिला डॉक्टर पीएम हाउस से बाहर निकल गईं। यहां महिला डॉक्टर द्वारा आनन-फानन में नियमों को तोड़ते हुए रात के समय अचानक से पीएम हाउस खुलवाने का मामला जोरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं रात के समय महिला डॉक्टर का अस्पताल में पीएम हाउस के पास से आने और जाने का वीडियो भी वायरल हो रहा है। इस पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अभी भी चुप्पी साधे हुए हैं।

पूरा मामला है गंभीर जांच का विषय

पीएम के दौरान महिला डॉक्टर सहित एक नर्स और एक 100 वाहन का ड्राइवर और पीएम हाउस खोलने वाला कर्मचारी मौजूद था। हालांकि यह पूरा मामला स्वास्थ्य विभाग के गंभीर जांच का विषय हैं आखिरकार रात के समय नियमों को तोड़ने वाली महिला डॉक्टर द्वारा रात के समय पीएम हाउस कैसे खुलवाया गया। जबकि शासन और स्वास्थ्य विभाग की गाइड लाइन है कि सूर्यस्त होने के बाद किसी भी प्रकार के पीएम नहीं होते हैं। और न ही पीएम के लिए पीएम हाउस को रात के समय खुलवाया भी नहीं जा सकता है। इसके बाद भी जिला अस्पताल में महिला डॉक्टर द्वारा ऐसी घटना को अंजाम देना कहीं न कहीं स्वास्थ्य विभाग के नियमों की धज्जियां उड़ाना है।

जांच के बाद की जाएगी कार्रवाई

सीएमएचओ सीबी आर्या का कहना है कि उक्त मामले में क्या घटना रही है। इसकी पूरी गंभीरता से जांच पड़ताल कराई जाएगी। महिला कब भर्ती हुई है और संबंधित गर्भवती महिला की क्या परिस्थितियां रही हैं इसकी भी संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली जाएगी।जानकारी लेने के बाद इस संबंध में आगामी कार्रवाई की जाएगी। यदि इस मामले में किसी कर्मचारी या डॉक्टर की लापरवाही मिलती है तो संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि यह पूरा मामला जांच का है जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।