- चुनाव अधिकारी नियुक्त, 2 मार्च को समाप्त हो चुका है वर्तमान पदाधिकारियों का कार्यकाल

भोपाल। नवदुनिया प्रतिनिधि

न्यू मार्केट व्यापारी महासंघ के चुनाव की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। इस चुनाव को संपन्न कराने के लिए चुनाव अधिकारी भी नियुक्त कर दिए गए हैं। इसमें मुख्य चुनाव धिकारी वैद्य गोपालदास मेहता एवं चुनाव अधिकारी सैय्यद नजमउद्दीन अहमद को नियुक्त किया गया है। बता दें कि वर्तमान के पदाधिकारियों का कार्यकाल दो मार्च को समाप्त हो चुका है।

न्यू मार्केट व्यापारी महासंघ भोपाल के सचिव संजय वलेचा ने बताया कि निर्वाचन पंजीयन नियमावली के अनुसार अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, सह सचिव, कोषाध्यक्ष एवं कार्यकारिणी सदस्य का होना है। एक बार निर्वाचन प्रक्रिया प्रारंभ होने के बाद पंजीयन नियमावली में संशोधन की कार्रवाई की जाना न्यायसंगत नहीं है।

- भ्रामक जानकारियां दे रहे हैं पदाधिकारी

सचिव संजय वलेचा का कहना है कि चुनाव टालने के लिए महासंघ के कुछ पदाधिकारी भ्रामक जानकारियां प्रसारित करवा रहे हैं। सह सचिव अजय देवनानी ने कहा कि हम चाहते हैं कि अध्यक्ष से लेकर कार्यकारिणी सदस्य तक के सभी 11 पदों पर चुनाव हों। महासंघ के अध्यक्ष गंगराड़े का कहना है कि अब तक हमारी अपील का निराकरण नहीं हुआ है। हमें 2016 का आदेश मान्य नहीं है। एक पद पर चुनाव से अध्यक्ष के लिए कार्य करना आसान होगा और वैमनस्यता दूर होगी। हमें उम्मीद है कि असिस्टेंट रजिस्ट्रार संशोधन के हमारे आवेदन को स्वीकार करेंगे।

- यह है विवाद

तीन साल पहले हुए चुनाव के विवाद अब तक नहीं निपट सके हैं और इसका साया चुनाव पर पड़ना तय है। उस समय पराजित प्रत्याशी अजय कुदेसिया ने महासंघ की सदस्यता सूची से लेकर अन्य मुद्दों पर असिस्टेंट रजिस्ट्रार को शिकायत की थी। असिस्टेंट रजिस्ट्रार ने अपनी जांच में कुदेसिया के आरोपों को सही मानते हुए निर्वाचित अध्यक्ष सतीश गंगराड़े को अप्रैल 2016 में दोबारा चुनाव कराने के आदेश दिए। गंगराड़े ने इसके खिलाफ रजिस्ट्रार कार्यालय में इसकी अपील कर दी। अब वैधानिक स्थिति यह है कि असिस्टेंट रजिस्ट्रार के आदेश पर स्थगन नहीं है, लेकिन अपील पर भी सुनवाई जारी है। उधर, दो साल पहले कुदेसिया का निधन हो गया। अभी नियमों में बदलाव संभव नहीं है। गंगराड़े ने महासंघ के आधे से अधिक सदस्यों के हस्ताक्षर के साथ असिस्टेंट रजिस्ट्रार एमजे कुरैशी को संस्था के नियमों में बदलाव के लिए आवेदन दिया है। कुरैशी ने गंगराड़े को लिखे पत्र में पहले 2016 में जारी आदेश के अनुसार चुनाव कराने के बाद ही प्रावधानों में बदलाव पर विचार करने की बात कही है।