उज्जैन। भरतपुरी स्थित इस्कॉन मंदिर में 12 से 18 सितंबर तक ग्लोबल रिट्रीट का आयोजन होगा। इसमें 9 देशों के 2500 से अधिक भक्त शामिल होंगे। उज्जैन में इस्कॉन के संस्थापक आचार्य स्वामी भक्तिचारूजी महाराज चार दिन तक गर्ग संहिता पर आधारित श्रीकृष्ण की लीलाओं पर व्याख्यान देंगे। 18 सितंबर को दीक्षा समारोह होगा। इसमें देश-विदेश के शिष्यों को गुरुदीक्षा दी जाएगी।

पीआरओ राघव पंडित दास ने बताया 17 सितंबर 1965 को इस्कॉन के संस्थापक आचार्य श्रील प्रभुपाद ने श्रीकृष्ण भक्ति के प्रचार के लिए अमेरिका की धरती पर कदम रखा था। आज विश्व के 400 से अधिक देशों में इस्कॉन द्वारा स्थापित भगवान श्रीकृष्ण के मंदिर हैं। अब भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली से स्वामी भक्तिचारूजी महाराज विश्वभर में श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का प्रचार कर रहे हैं। इसके अंतर्गत ग्लोबल रिट्रीट का आयोजन किया जा रहा है। इसमें 12 से 15 सितंबर तक गर्ग संहिता में उल्लेखित श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पर आधारित प्रवचन होंगे। 16 व 17 सितंबर को श्रील प्रभुपाद स्मृति महोत्सव मनाया जाएगा। 18 सितंबर को दीक्षा अनुष्ठान होगा।

गर्ग संहिता में कृष्णकाल का उल्लेख

ज्योतिषाचार्य पं.अमर डब्बावाला ने बताया श्रीकृष्ण कथा लीला अमृत के अनुसार आचार्य गर्ग ने अपनी संहिता में श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं का वर्णन किया है। इसमें श्रीकृष्ण की संपूर्ण द्वापर पद्घति तथा युग के अंतिम चरण का प्रभाव देखने को मिलता है। संहिता में श्रीकृष्ण के अवतारी रूप के समय गोकुल में आना तथा बाल क्रीड़ा करके महर्षि गर्ग को भ्रमित करने तक की अवस्था का वर्णन मौजूद है।