उज्जैन। नईदुनिया प्रतिनिधि ग्राम गनावा की नाबालिग द्वारा एक युवक पर दर्ज कराए दुष्कर्म के प्रकरण में नया खुलासा हुआ है। दरअसल नाबालिग ज्यादती के बाद मां बनी थी और उसने धर्मेंद्र आंजना नामक युवक पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। मगर डीएनए रिपोर्ट के अनुसार दुष्कर्म पीड़ित नाबालिग का बच्चा आंजना का नहीं है। इस आधार पर कोर्ट ने आंजना की जमानत भी मंजूर की है। प्रकरण 29 जनवरी 2018 को भैरवगढ़ थाना क्षेत्र में दर्ज हुआ था। नाबालिग ने शिकायत की थी कि धर्मेंद्र आंजना ने उसके साथ 8 महीने पहले बलात्कार किया था और जान से मारने की धमकी दी थी। पेट दर्द होने और सोनोग्राफी कराने पर मालूम पड़ा कि उसे 8 माह का गर्भ है।


इसके बाद पुलिस आंजना को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ रासुका की कार्रवाई भी कर दी थी। हाईकोर्ट में की अपील आंजना के वकील वीरेंद्रसिंह परिहार ने बताया कि इस संबंध में हाईकोर्ट में डीएनए टेस्ट कराने की अपील की गई थी। 23 अप्रैल को डीएनए सेंपल लिए गए। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि धर्मेंद्र आंजना बच्चे का पिता नहीं है। इस पर उज्जैन के विशेष सत्र न्यायाधीश गजेंद्रसिंह ने आंजना को जमानत दी। हालांकि पुलिस द्वारा रासुका लगाने के कारण आरोपित जेल से नहीं छूट सका है।

जानलेवा हमले के बाद लगाई थी रासुका -

एसपी सचिन अतुलकर ने कहा कि आरोपी के खिलाफ रासुका की कार्रवाई धारा 307 जानलेवा हमला और एससीएसटी एक्ट के प्रकरण के बाद लगाई गई थी न कि दुष्कर्म के बाद ।