उज्जैन। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी पर गुरुवार को गुरु स्वाति योग में रिद्धि सिद्धि के दाता भगवान गणेश पधारेंगे। ज्योतिषियों के अनुसार चतुर्थी पर गणपति स्थापना के लिए दिनभर शुभ मुहूर्त है। भक्त किसी भी श्रेष्ठ मुहूर्त में घर, दुकान, कार्यालय आदि में गणपति स्थापना कर सकते हैं। विशिष्ट संयोग में गणेश चतुर्थी आने से यह दिन खरीदारी के लिए भी अनुकूल है।

ज्योतिषाचार्य पं.अमर डब्बावाला के अनुसार भगवान गणेश का जन्म मध्याह्न काल में माना गया है। इसलिए सुबह 11.30 से दोपहर 12.40 तक का समय गणपति की स्थापना के लिए सबसे शुभ है।

भाद्रपद चतुर्थी से चतुर्दशी तक 10 दिन गणपति आराधना के लिए विशेष माने गए हैं। इन दस दिनों में उज्जयिनी में विराजित षड् विनायक के दर्शन-पूजन से सुख-समृद्धि तथा मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।

चिंतामन को लगेगा महाभोग

चतुर्थी पर गुरुवार को प्रसिद्ध चिंतामन गणेश मंदिर में भगवान चिंतामन गणेश को लड्डुओं का महाभोग लगाया जाएगा। दिनभर लड्डू प्रसाद का वितरण होगा। पं.शंकर पुजारी ने बताया 10 दिवसीय गणेशोत्सव में प्रतिदिन श्रद्धालुओं को महाप्रसादी का वितरण होगा। मंदिर में आकर्षक विद्युत तथा पुष्प सज्जा होगी। बड़े गणेश मंदिर में मध्यान 12 बजे भगवान का जन्मोत्सव मनेगा। देश में सुख समृद्धि के लिए सहस्त्र मोदक से हवन होगा।

150 से अधिक पंडालों में विराजेंगे विघ्नहर्ता

शहर में 150 से अधिक छोटे बड़े पंडालों में विघ्नहर्ता गणेश की स्थापना होगी। प्रतिदिन धार्मिक व सांस्कृतिक आयोजन होंगे। सार्वजनिक पंडालों में इस बार भक्तों को गणपति की विशाल मूर्तियों के दर्शन होंगे।


बाजार में रौनक, मन मोह रहे बप्पा

फ्रीगंज, गोपाल मंदिर आदि क्षेत्रों में बुधवार सुबह से रौनक छाई है। भक्त भगवान गणेश की मूर्तियों को खरीदकर आस्था से घर ला रहे हैं। इस बार बाजार में बप्पा की मनोहारी मूर्तियां मौजूद हैं, जो बरबस ही भक्तों का मन मोह रही हैं।

गणपति स्थापना के मुहूर्त

-सुबह 6.16 से 7.46 शुभ

-सुबह 10.16 से 12.16 चर

-दोपहर 12.16 से 1.46 लाभ

-दोपहर 1.46 से 3.15 अमृत

-शाम 4.46 से 6.16 शुभ