उज्जैन। इस बार मकर संक्रांति का पर्व काल दो दिन रहेगा। 14 जनवरी को सूर्यदेव शाम 7.51 बजे धनु को छोड़कर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। ज्योतिषियों के अनुसार सूर्य का मकर राशि में प्रवेश अगर सायंकाल होता है तो पर्वकाल अगले दिन मनाया जाना चाहिए। 14 जनवरी को पतंगबाजी का त्योहार मनाया जाएगा और शिप्रा स्नान और दान पुण्य 15 जनवरी को अमृतसिद्धि योग में किया जाएगा। ज्योतिषाचार्य पं.अमर डब्बावाला ने बताया कि इस दिन तांबे के कलश में काली व सफेद तिल्ली भरकर योग्य ब्राह्मण को दान दें। सफेद धान, खिचड़ी, गुड़, वस्त्र आदि का दान देना भी शुभफल दायी माना गया है।

स्नान-दान के लिए विशेष दिन

धर्मनगरी उज्जयिनी पर अंग्रेजी में पहला पंचाग प्रकाशित करने जा रहे दक्षिण भारतीय विद्वान चिल्लकमर्थी प्रभाकर चक्रवर्ती ने बताया ज्योतिष गणना से मकर संक्रांति का पर्वकाल 15 जनवरी को मनाना श्रेयष्कर रहेगा। इस दिन सूर्य के राशि परिवर्तन को उदयकाल का स्पर्श मिलेगा। तीर्थ स्नान व दान-पुण्य में उदयकालीन तिथि तथा अमृत सिद्धि जैसा महायोग विशेष महत्व रखता है। इस दिन तिल से बने उबटन द्वारा स्नान करने से आयु व आरोग्य की प्राप्ति होती है।

सिंह पर सवार होकर आएगी संक्रांति

ज्योतिष गणना के अनुसार इस बार मकर संक्रांति सिंह पर सवार होकर आएगी। संक्रांति का उप वाहन हाथी रहेगा। बैठी हुई सफेद रंग के वस्त्र ओढ़े हुए भुसुंडी आयुद्ध लिए स्वर्ण पात्र में अन्न् भक्षण करते हुए उत्तर दिशा में गमन करेगी। संक्रांति की दृष्टि ईशान कोण पर रहेगी। यह शुभ लक्ष्ण व्यापार व्यवसाय के लिए उन्न्ति का कारक है।