उज्जैन। उमंग और उल्लास का पर्व वसंत पंचमी रविवार को सबसे पहले अवंतिकानाथ के आंगन में मनेगा। तड़के चार बजे भस्मारती में पुजारी भगवान महाकाल को वासंती पुष्प व गुलाल अर्पित करेंगे। पुष्टिमार्गीय वैष्णव मंदिरों में 40 दिवसीय फाग उत्सव की शुरुआत होगी। सर्वार्थसिद्धि व रवि योग के संयोग में आ रही पंचमी पर शुभ मुहूर्त में नवयुगल परिणय सूत्र में बंधेंगे।

पं. महेश पुजारी ने बताया कि महाकाल मंदिर की परंपरा अनुसार वसंत पंचमी पर भगवान को वसंत अर्पित किया जाता है। भस्मारती में पुजारी भगवान को वासंती पुष्प और हर्बल गुलाल अर्पित करेंगे, पश्चात आरती होगी। भगवान महाकाल को गुलाल अर्पित करने का क्रम धुलेंडी तक चलेगा। रंग पंचमी पर भगवान टेसू के फूलों से बने प्राकृतिक रंग से होली खेलेंगे।

महाप्रभुजी की बैठक के ट्रस्टी विजय गुप्ता ने बताया रंगपंचमी से ठाकुरजी के आंगन में 40 दिवसीय फाग उत्सव की शुरुआत होगी। प्रतिदिन भोग आरती में ठाकुरजी के आंगन में गुलाल उड़ाई जाएगी। 17 मार्च को रंगभरी एकादशी से ठाकुरजी चांदी की पिचकारी से गीले रंग से होली खेलेंगे। यह उत्सव धुलेंडी तक चलेगा। भरतपुरी स्थित इस्कॉन मंदिर व सिंधिया देव स्थान ट्रस्ट के प्रसिद्ध गोपाल मंदिर में भी वसंत पंचमी पर भगवान का विशेष श्रृंगार होगा।