उज्जैन। ज्येष्ठ अधिकमास में देशभर से श्रद्धालु महाकाल दर्शन के लिए आ रहे हैं। छुट्टियों के चलते बीते एक सप्ताह में दर्शनार्थियों की संख्या में खासा इजाफा हुआ। इसका असर राजा के खाजाने पर भी दिखाई दे रहा है। मंदिर प्रशासन के अनुसार एक सप्ताह में दान में बढ़ोतरी हुई है। विशेष दर्शन, अभिषेक आदि की रसीद तथा लड्डू प्रसाद की बिक्री से प्राप्त राशि में भी बढ़ोतरी हुई है।

सहायक प्रशासनिक अधिकारी आरके तिवारी ने बताया मंगलवार को नंदी हॉल की भेंट पेटी की गणना हुई। इसमें से करीब 16 लाख की दानराशि प्राप्त हुई है। गिनती के दौरान 2 हजार के नोट की पांच गड्डियां निकली हैं, यह रकम 10 लाख रुपए बताई जा रही है। इसके अलावा 250 रुपए के शीघ्र दर्शन टिकट, अभिषेक-पूजन की रसीद तथा लड्डू प्रसाद की बिक्री से बीते 5 दिन में समिति को करीब 44 लाख रुपए से अधिक की आय हुई है। तिवारी ने बताया कलेक्टर मनीषसिंह ने दर्शन व्यवस्था को पारदर्शी बनाया है। आय में लगातार हो रही वृद्धि को इसका कारण माना जा रहा है।

सोमप्रदोष पर सबसे अधिक दान -

बीते एक सप्ताह में सोमवार को सोमप्रदोष पर सबसे अधिक आय दर्ज की गई। मंदिर से प्राप्त जानकारी के अनुसार 8 जून को 8.50 लाख, 11 जून को 26 लाख तथा 12 जून को 9.80 लाख की आय हुई है।