उज्जैन। हरि और हर के आंगन में तिल उत्सव के रंग बिखरे। ज्योतिर्लिंग महाकाल में सबसे पहले तड़के 4 बजे भस्मारती में पर्व मनाया गया। पुजारियों ने भगवान महाकाल को तिल के उबटन से स्नान कराया। पश्चात आकर्षक श्रंगार कर तिल के पकवानों का भोग लगाकर आरती की गई।

इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली सांदीपनि आश्रम में मकर संक्रांति मनी। पुजारी रूपम व्यास ने बताया भगवान को तिल के पकवानों का भोग लगाकर आरती की गई। पर्व विशेष पर भक्तों ने मोक्षदायिनी शिप्रा में आस्था की डुबकी लगाई। आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्‍या में श्रद्धालु शिप्रा स्‍नान के लिए पहुंच थे। इसके बाद तीर्थ पर वैदिक ब्राह्मणों को दान-पुण्य किया।

मकर संक्रांति के मौके पर बड़ी संख्‍या में श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शनों के लिए पहुंचे। इस दौरान महाकाल मंदिर में श्रद्धालु की खासी चहल पहल रही। शहर के काल भैरव, हरसिद्धि सहित अन्‍य प्रमुख मंदिरों में भी दिन भर दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा।