उज्जैन। पशु पालकों के अवैध निर्माण तोड़ने की कार्रवाई बुधवार को भी जारी रही। प्रशासन ने तीन अवैध पशु बाड़े और 100 वर्ष पुराना एक दो मंजिला भवन तुड़वाया। 41 मवेशी सहित तुड़ाई में मिला लोहे का सारा सामान भी जब्त कराया। कार्रवाई नगर निगम और पुलिस बल ने मिलकर कीं। पुरातत्व धरोहर में शामिल चौरासी महादेव मंदिर की दीवार में पशु बांधने के लिए कीलें ठुकी देख एसडीएम अनिल बनवारियां ने आश्चर्य जताया। कहा कि पशु पालकों की हिम्मत तो देखो पुरातत्व धरोहर को भी नहीं बक्शा। इनके खिलाफ तो एफआईआर होनी चाहिए।

मालूम हो कि कलेक्टर मनीष सिंह के आदेश पर नगर निगम प्रशासन बदमाश एवं पशु पालकों के अवैध निर्माण तोड़ने की कार्रवाई 1 दिसंबर से कर रहा है। इसी कड़ी में शनिवार को कार्रवाई की शुरुआत सुबह 11 बजे पानदरीबा स्थित मनोज पटेल के पुराने दो मंजिला मकान और पशु बाड़ा हटाने के साथ की। जेसीबी की मदद से बाड़ा और मकान घंटेभर में धराशायी कर दिया गया। कार्रवाई का परिवार के लोगों ने विरोध किया। लेकिन बिल्डिंग परमिशन की कॉपी उपलब्ध न करा पाने से पुलिस बल को देख जल्द ही शांत भी हो गए।

200 से अधिक मवेशी बांधते थे

लोगों ने बताया कि यहां 200 से ज्यादा मवेशी बांधे जाते थे, जिनकी वजह से सारे गली के लोग परेशान थे। इसी दरमियान निगम की दूसरी गैंग पास ही के महेश चौबे का पशु बाड़ा तोड़ने पहुंची। यहां चौरासी महादेव की श्रृंखला में 77वें क्रम के मंदिर पुष्पदंतेश्वर महादेव मंदिर की दीवार पर पशु बांधने को ठुके किले एवं पशुओं को पानी पिलाने के लिए दीवार से सटाकर बनाई होद को देखकर अफसरों ने खासी नाराजी जताई। कहा कि इनके खिलाफ तो एफआईआर होनी चाहिए।

उपयंत्री को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश

उपयंत्री को संबंधित पशु पालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। गैंग ने यहां से 15 मवेशी सहित 10 क्विंटल से ज्यादा वजनी लोहे की चद्दर, पाइप, मोटर पंप, घास कांटने की मशीन सहित पानी के पाइप जब्त कर लिए। सामान जब्त करने का परिवार ने विरोध किया, मगर प्रशासन ने उनकी नहीं सुनी। कहा कि जब्त सामान निगम में जुर्माना भरने पर वापस कर दिया जाएगा। इसके बाद निगम कलालसेरी में गोपाल नीमा का पशु बाड़ा हटाने पहुंची। निगम ने घंटेभर में यहां से भी पशु बाड़ा तोड़ दिया। शाम 4 बजे के करीब रिमूवल गैंग के साथी बंटी गिरजे के पिता के निधन की खबर मिलने पर कार्रवाई बंद कर दी गई। पूरी कार्रवाई के दौरान निगम के कार्यपालन यंत्री अरुण जैन, सहायक आयुक्त सुबोध जैन, गैंग प्रभारी मोनू थनवार साथ थे।

रोज की कार्रवाई में 50 हजार रुपए तक खर्च

अतिक्रमण हटाने के लिए हो रही कार्रवाई पर रोजाना 1 लाख रुपए तक खर्च हो रहे हैं। कार्रवाई करने वाले 120 कर्मचारियों के लिए चाय-नाश्ते, भोजन का खर्च ही रोज का 15 से 20 हजार रुपए बैठ रहा है। इसके अलावा इनका एक दिन का वेतन, जेबीसी, ट्रैक्टर ट्राली, ट्रक का डीजल भी खर्च हो रहा है। तुड़ाई के एवज में हो रहा ये खर्च अतिक्रमणकर्ताओं से वसूलने की अब तक कहीं भी कार्रवाई नहीं हुई है।