उज्जैन। शिप्रा नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए खान डायवर्शन प्रोजेक्ट पर 100 करोड़ रुपए खर्च करने के बाद समस्या दूर होने की जगह और बढ़ गई है। बुधवार को हुई जिला योजना समिति की बैठक में गृह, परिवहन और जिले के प्रभारी मंत्री भूपेंद्रसिंह को तमाम जनप्रतिनिधियों के सवालों का सामना करना पड़ा। सांसद ने कहा 100 करोड़ खर्च करने के बाद भी खान नदी का पानी शिप्रा में मिल रहा। खान नदी को रोकने की सारी कोशिशें नाकाम हो गईं। जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा अब 1 करोड़ और खर्च क्यों, चूक कहां रह गई, इसकी जांच कराएं क्योंकि सरकार के पैसों का दुरुपयोग हुआ है।

सिंहस्थ मेला कार्यालय में प्रभारी मंत्री सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में ज्यादातर समय खान डायवर्शन प्रोजेक्ट ही गूंजता रहा। खुद मंत्री भी इस मामले में सदन को ठोस जवाब नहीं दे सके। जनप्रतिनिधियों ने मंत्री के सामने अपने क्षेत्र की परेशानियां गिनाईं। बैठक में महापौर मीना जोनवाल, यूडीए अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल, कलेक्टर मनीष सिंह, एसपी सचिन अतुलकर आदि मौजूद थे।

सांसद और दक्षिण के विधायक में भी टकराव -

शुरुआत में सांसद ने जैसे ही खान डायवर्शन प्रोजेक्ट का मुद्दा उठाया, विधायक मोहन यादव ने बीच में हस्तक्षेप कर कहा पहले यह 400 करोड़ की योजना थी। बाद में 90-100 करोड़ तक लाए। बारिश का पानी शिप्रा में मिलता है। विधानसभा क्षेत्र के तहत गोठड़ा गांव में एक स्टॉपडेम बनाने की जरूरत बताई। स्टॉपडेम को लेकर सांसद और विधायक यादव के विचारों का टकराव भी सामने आया। सांसद ने कहा स्टॉपडेम गोठड़ा में नहीं, हामूखेड़ी या उससे पहले बने।

प्रोजेक्ट पर जनप्रतिनिधियों के तेवर -

1. सांसद ने कहा सारे प्रयास निष्फल -

खान डायवर्शन प्रोजेक्ट पर सबसे पहले सांसद ने सवाल खड़ा किया। कहा, यह सबसे बड़ा मुद्दा है। खान नदी का पानी शिप्रा में मिलने से रोकने के सारे प्रयास निष्फल हो गए हैं। सुझाव दिया पानी साफ करने के लिए उज्जैन में ही ट्रीटमेंट प्लांट बनाएं।

2. पैसों का दुरुपयोग ही होगा -

जिला पंचायत अध्यक्ष महेश परमार ने कहा खान 100 करोड़ रुपए खर्च करने के बाद भी शिप्रा में खान नदी का पानी मिल रहा है। बड़ी चूक देखने को मिल रही है। प्रभारी मंत्री से कहा 1 करोड़ रुपए और खर्च करने से पहले इसकी जांच कराएं कि ऐसा क्यों हुआ।

3.गंदा पानी महिदपुर भेज दिया -

महिदपुर विधायक बहादुरसिंह चौहान ने कहा खान नदी का पानी कालियादेह के आगे से शिप्रा नदी में छोड़ा जा रहा है। उज्जैन वालों ने गंदा पानी महिदपुर भेज दिया। महिदपुर के लोग पानी पिएं तो कैसे? उज्जैन में ही ट्रीटमेंट प्लांट लगाकर साफ पानी छोड़ा जाए, जिससे महिदपुर तक अच्छा पानी आ सके।

विधायक ने मंत्री से कहा करप्शन की बू आ रही -

- जनप्रतिनिधियों की परेशानी, उनकी जबानी -

- विधायक बहादुरसिंह चौहान ने कहा प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में मकान मंजूर हुआ, पहली किस्त मिली और प्लिंथ तक बना भी। बाद में जनपद पंचायत सीईओ कहते हैं निरस्त करेंगे। कुछ समय बाद उसे स्वीकृत कर दिया। ऐसे क्षेत्र में 7-8 मामले हैं। इससे करप्शन की बू आ रही, जांच करवा दें।

- विधायक यादव ने कहा चिंतामन जवासिया में रोटरी बनाने की योजना है, लेकिन अतिक्रमण की समस्या सामने आ रही है। उज्जैन से इंदौर की दूरी 57 किमी है, लेकिन चंदेसरा से विजयनगर को जोड़ने वाली रोड बन जाए तो 20 किमी का फासला तय कर इंदौर पहुंच सकते हैं। योजना की फाइल निकलवा दें।

- विधायक अनिल फिरोजिया ने कहा क्षेत्र में स्टॉपडेम बनाने की योजना है, लेकिन फाईल यहीं घूम रही है। भोपाल वाले कहते हैं फाईल उज्जैन में ही है और उज्जैन वाले कहते हैं वह भोपाल में है। समझ में नहीं आता फाईल कहां गायब हो गई। अफसर ने जवाब दिया भूअर्जन का प्रावधान है, जानकारी मांगी है। विधायक ने कहा इसके लिए भूअर्जन होना ही नहीं है।

- नागदा विधायक दिलीपसिंह शेखावत ने कहा क्षेत्र में 1100 घरेलू शौचालय बने लेकिन आईडी लॉक होने के कारण अधर में पड़े हैं। मुख्यमंत्री को भी पत्र भेजा है। स्कूलों के लिए विधायक निधि से पैसा देने के बाद भी मरम्मत नहीं हो रही। प्रधानमंत्री आवास योजना में 2-2 माह से किस्तें नहीं मिल रहीं।

- बड़नगर विधायक मुकेश पंड्या ने कहा असावता में तालाब की वाल की मरम्मत 2 साल से नहीं हो रही। कभी भी यह टूट सकती है। बालोदालक्खा तालाब में 1 हजार मीटर का नाला है, जिसका पानी खेत में जा रहा।

मंत्रीजी आपके चरण छूकर कहता हूं... पेयजल की स्थिति बहुत खराब है

जिला योजना समिति की बैठक में नल-जल योजना का मुद्दा भी गहराया। पीएचई के अफसरों ने कहा 229 नल-जल योजनाएं चालू हैं। जनप्रतिनिधियों ने इस पर भी सवाल खड़े किए। जिला पंचायत अध्यक्ष परमार ने प्रभारी मंत्री से कहा आपके चरण छूकर कहता हूं, पेयजल की स्थिति बहुत खराब है। नल बंद हैं और गांवों में लोगों की लंबी लाइनें लग रही हैं।

डबरीकांड गूंजा... दिग्विजय-शिवराज के नाम आए, मंत्री बोले कृपया इसे राजनीतिक मंच न बनाएं

बैठक में कांग्रेस शासनकाल का डबरीकांड भी गूंजा। कांग्रेस से जिला पंचायत उपाध्यक्ष भरत पोरवाल ने कहा वन विभाग ने ऐसी जगह पौधे लगा दिए जहां पानी ही नहीं, वे कैसे चल पाएंगे। डबरीकांड से बड़ा मुद्दा हो जाएगा। नगर निगम अध्यक्ष सोनू गेहलोत ने कहा डबरीकांड दिग्विजयसिंह के समय ही हुआ था। पोरवाल ने जवाब दिया कि शिवराज सरकार में पौधारोपण कांड न हो जाए। मंत्री ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कृपया इसे राजनीतिक मंच न बनाएं।

सरकार के साथ... कलेक्टर की तारीफ

मंत्री सिंह ने आखिर में अपना जवाब दिया जिसमें वे सरकार के साथ खड़े नजर आए। कहा, मप्र में उज्जैन का जितना विकास हुआ, उतना पहले कभी नहीं। उपार्जन के लिए उज्जैन जिले को 120 करोड़ रुपए मुख्यमंत्री ने दिए हैं। यह आंकड़ा 200 करोड़ तक पहुंच सकता है। पेयजल योजना के लिए पंच परमेश्वर की राशि से नलकूप खनन कराए जा सकते हैं, पंपी खरीदी हो सकती है। इस पर कोई रोक नहीं है। तालाब, कुएं और बावड़ी गहरीकरण के लिए मशीनों से भी 40 फीसदी खुदाई की अनुमति सरकार ने दी है। शिप्रा में साफ पानी आएगा, वह फिल्टर भी होगा। कहा उज्जैन को ऐसे कलेक्टर मिले हैं जिन्होंने इंदौर को स्वच्छता में पूरे देश में नंबर वन बना दिया।