उज्जैन। जवान बेटी की अकाल मौत ने एक पिता को तोड़कर रख दिया। फिर सोचा सभी की बेटियों को अपना मानूंगा। उनका घर बसाऊंगा। यह सोच वसंत पंचमी पर रविवार को यहां साकार हुई। इस शख्स ने 21 बेटियों का कन्यादान किया। जेवर सहित गृहस्थी का सामान भी दिया।

ये हैं गोवर्धनलाल एच पटेल, जिन्होंने अपनी बेटी कामायनी की याद में रविवार को 21 गरीब परिवार की कन्याओं का विवाह कराया। दरअसल सालभर पहले कामयानी की अकाल मृत्यु हो गई थी।

बेटी के देहांत से वे और उनके दामाद डॉ. देवेंद्र साधुराम नारवाणी (सूरत) टूट गए थे। इस दुख से उबरने के लिए पटेल ने ठाना कि वे हर लड़की को अपनी बेटी मानेंगे और बनते कोशिश उनका विवाह कराएंगे।

इस सोच का समर्थन दामाद ने किया। कामयानी विश्व मंगल ट्रस्ट के माध्यम से वसंत पंचमी पर 21 जोड़ों का विवाह उज्जैन के त्रिवेणी स्थित स्वामी नारायण आश्रम में कराया। सभी दुल्हनों को जेवर सहित गृहस्थी का सामान दिया। जीविका उपार्जन के लिए सिलाई मशीन और ब्यूटी पार्लर की किट भी प्रदान की।

ई-रिक्शा में निकाली बारात, संतों का मिला आशीर्वाद

सभी दूल्हा-दुल्हन को ई-रिक्शा में बैठाकर बारात निकाली गई। ये बारात आश्रम से मेघदूत होटल होकर दोबारा आश्रम पहुंची। एक पंडाल में सभी का रीति-रिवाज से विवाह हुआ। आशीर्वाद देने स्वामी रंगनाथाचार्य महाराज, स्नेह सागर महाराज, स्वामी असंगानंद पहुंचे।