उज्जैन। माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड परीक्षा में शुक्रवार को अलग ही नजारा दिखाई दिया। एक केंद्र पर इम्तिहान देने सिर्फ एक छात्र पहुंचा और उसकी परीक्षा लेने केंद्र अध्यक्ष के रूप में 1 प्राचार्य, सहायक केंद्र अध्यक्ष, पर्यवेक्षक, लिपिक के रूप में 3 टीचर और चपरासी के रूप में चार कर्मचारी पहुंचे।

सभी ने एक विद्यार्थी की परीक्षा के लिए भी वहीं सारी प्रक्रिया अपनाई, जो 500 विद्यार्थियों के होने पर भी वे अपनाते हैं। मसलन थाने से सुरक्षित प्रश्न पत्र लाना, परीक्षा लेना और उत्तर पुस्तिका जमा कराना।

मामला दशहरा मैदान स्थित शासकीय कन्या हायर सेकंडरी स्कूल परीक्षा केंद्र का है, जहां ड्राइंग एंड डिजाइनिंग विषय का पर्चा देने कक्षा 12वीं का सिर्फ एक ही छात्र पहुंचा था। केंद्र की उपस्थिति इसे मिलाकर 100 फीसदी थी। ऐसा ही मामला शासकीय सराफा कन्या हायर सेकंडरी स्कूल में भी था, जहां सिर्फ एक छात्रा परीक्षा देने पहुंची थी।

दोनों को गिनकर उपस्थिति 100 फीसदी रही। जिला शिक्षा विभाग के सहायक संचालक अभय तोमर ने बताया कि शुक्रवार को 12वीं की बोर्ड परीक्षा सिर्फ 2 केंद्रों पर हुई। दोनों केंद्रों पर 1-1 विद्यार्थी परीक्षा देने के लिए नामांकित थे। परीक्षा कराने के लिए माशिमं ने केंद्र अध्यक्ष का मानदेय 265 स्र्पए, सहायक केंद्र अध्यक्ष का 135 स्र्पए, लिपिक और पर्यवेक्षक का 100-100 स्र्पए और भृत्य का मानदेय 70 स्र्पए तय कर रखा है।