उज्जैन। सखीपुरा स्थित एक स्कूल के बाहर गुरुवार को हिस्ट्रीशीटर बदमाश ने बारहवीं कक्षा की छात्रा पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। गले और गाल पर हमले से घायल छात्रा को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। मौके पर लोगों ने बदमाश को पकड़ जमकर पिटाई की और उसके कपड़े फाड़ दिए। पुलिस ने मशक्कत के बाद उसे छुड़वाया और चादर लपेटकर उसे थाने ले गए।

बदमाश छात्रा से बीते कई दिनों से बात करने की कोशिश कर रहा था। इंकार करने पर उसने ये वारदात की। हिस्ट्रीशीटर ने छह माह पहले छात्रा की मां को चाकू अड़ाकर धमकी दी थी कि वह उसकी बेटी के चेहरे पर एसिड डाल देगा। तीन दिन पूर्व भी उसने फोन पर घरवालों को धमकी दी थी। डर के कारण परिजन पुलिस को नहीं बता रहे थे। पुलिस ने मामले में हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया है। आरोपित बदमाश पर कई थानों में एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। कुछ महीने पहले वह पुलिस को चकमा देकर भाग गया था।

महाकाल पुलिस ने बताया कि दीक्षा (16) सखीपुरा में विनय आदर्श स्कूल की 12वीं कक्षा की छात्रा है। गुरुवार सुबह करीब 10.30 बजे दीक्षा स्कूल से निकली थी। इसी दौरान स्कूल के बाहर खड़ी कार के पीछे छिपकर बैठे हिस्ट्रीशीटर बदमाश सागर परमार निवासी बारह खोली ने उस पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए। घायल छात्रा ने शोर मचाया तो लोगों ने सागर को पकड़ लिया और जमकर पीटा। सूचना मिलने पर आधा दर्जन पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और उन्होंने जैसे-तैसे सागर को लोगों से छुड़वाया। बाद में आरोपित को महाकाल थाने ले जाया गया। इधर घायल छात्रा को इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया।

बात नहीं करेगी तो तुझ पर एसिड डाल दूंगा

जिला अस्पताल में भर्ती छात्रा ने 'नईदुनिया' को बताया कि सागर उसके स्कूल के बाहर पताशे बनाने की दुकान पर काम करता है। वह एक साल से स्कूल आने-जाने के दौरान उसको परेशान कर रहा था। कहीं से मेरा मोबाइल नंबर ले लिया और मुझे कॉल करने लगा। मैंने उसे फोन लगाने से मना किया तो वह मुझे जान से मारने की धमकी देने लगा। सागर ने कहा कि वह बात नहीं करेगी तो उस पर एसिड डाल देगा। मैंने मां ज्योति को सागर के बारे में बताया तो मां उसे समझाने के लिए सागर के आदर्श राजीवरत्न कॉलोनी स्थित घर गई थी। यहां पर सागर ने मां पर चाकू अड़ा दिया और कहा कि वह मुझे जान से मार देगा बात नहीं करेगी तो एसिड डाल देगा।

भाई योगेश ने भी उसे फोन नहीं लगाने के लिए कहा तो सागर ने उसे हरिफाटक पुल के पास बाइक से टक्कर मारकर घायल कर दिया था। परिवार के लोग भी डर गए थे। तीन दिन पूर्व भी उसने फोन किया था। बात करने से मना करने पर सागर ने उसे जान से मारने तथा एसिड डालने की धमकी दी थी। इस कारण डर से दो दिन स्कूल नहीं गई थी। गुरुवार को जैसे ही वह करीब 10.30 बजे स्कूल से निकली कार के पीछे छुपकर बैठा सागर एकाएक सामने आ गया और चाकू मारने लग गया। थोड़ा पीछे नहीं हटती तो दीक्षा का गला कट जाता। इलाज के बाद छात्रा को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।

शौच के बहाने चकमा देकर भागा था, टीआई हुए थे निलंबित

पुलिस के अनुसार सागर के खिलाफ उज्जैन जीआरपी, इंदौर जीआरपी तथा नीलगंगा थाने में चोरी, मारपीट व लूट के एक दर्जन मामले दर्ज हैं। 27 जुलाई 2018 को सागर ने अपने दो दोस्त महेश व सिद्धार्थ उर्फ नया कपड़ा के साथ मिलकर रेलवे ट्रैक पर स्लीपर रख दिया था। इससे ट्रेन पटरी से उतर सकती थी। पुलिस ने तीनों के खिलाफ केस दर्ज किया था। 2 नवंबर 2018 को जीआरपी पुलिस ने महेश को गिरफ्तार कर लिया था। मगर महेश शौच जाने के दौरान चकमा देकर थाने से ही भाग निकला था।

मामले में जीआरपी टीआई विपिन बाथम को एसपी कृष्णावेणी देसावतु ने निलंबित कर दिया था। इसी मामले में सागर अब तक फरार था। जीआरपी टीआई अजय मिश्रा के अनुसार उसकी गिरफ्तारी ली जाएगी।