उज्जैन। विक्रांत भैरव के उपासक के रूप में प्रसिद्ध बाबा डबराल का बुधवार को निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार थे। इंदौर के निजी अस्पताल में 84 वर्ष की आयु में उन्होंने दोपहर 3.45 बजे अंतिम सांस ली। गुरुवार दोपहर 1 बजे ऋ षिनगर स्थित निवास से अंतिम यात्रा निकलेगी। ओखलेश्वर तीर्थ श्मशान में विक्रांत भैरव मंदिर के समीप बाबा का अंतिम संस्कार किया जाएगा।

भक्त रमेश दीक्षित ने बताया, बाबा का सांसारिक नाम गोविंद प्रसाद कुकरेती है। वे विक्रम विश्वविद्यालय के गणित विभाग में कार्यालय अधीक्षक के पद से दिसंबर 1966 में रिटायर हुए। युवावस्था से ही बाबा अष्ट महाभैरव में से एक विक्रांत भैरव के अनन्य उपासक रहे।

बाबा जीवनभर स्वयं को भैरव उपासक ही कहलाते रहे। देश-दुनिया के लोग उनके पास अपनी समस्याएं लेकर आते थे। ऋ षिनगर निवास पर भक्तों का तांता लगा रहता था। बाबा प्रतिदिन एक बार विक्रांत भैरव मंदिर अवश्य जाते थे। श्री दीक्षित के अनुसार बुधवार रात बाबा की पार्थिव देह को उज्जैन लाया गया। सुबह अंतिम दर्शन उपरांत अंतिम यात्रा निकलेगी।