उज्जैन। शराब पीने के लिए रुपए नहीं देने पर पति ने पत्नी को मोगरी से पीट-पीटकर मार डाला था। हत्या का मुख्य गवाह पुत्र कोर्ट में गवाही के दौरान पलट गया। उसने बताया कि मां की छत से गिरने से मौत हुई है। कोर्ट ने परिस्थितिजन्य साक्ष्य के आध्ाार पर पति को आजीवन कैद व 500 रुपए का जुर्माना लगाया है।

उप संचालक अभियोजन डॉ. साकेत व्यास ने बताया कि 15 फरवरी 2017 को एकता नगर निवासी कृष्णाबाई को उसके पति राजू जाटव ने शराब के रुपए नहीं देने पर कपड़े धोने की मोगरी से पीट-पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। मारपीट से कृष्णाबाई के सिर व हाथ में गंभीर चोट आई थी।

इस दौरान पुत्र अजय ने बीच-बचाव किया था। अजय घायल मां को लेकर उपचार के लिए जिला अस्पताल ले गया था। जहां से उसे इंदौर रैफर कर दिया था। उपचार के दौरान कृष्णाबाई की मौत हो गई थी। पुलिस ने राजू जाटव को गिरफ्तार कर लिया था। मामले में मुख्य गवाह पुत्र अजय को बनाया गया था।

कोर्ट में गवाही के दौरान मृतका कृष्णाबाई के पुत्र अजय ने बताया कि वह 15 फरवरी 2017 को काम से घर लौटा था। बंदरों ने छत पर लगी चद्दर तोड़ दी थी तो वह मां के साथ उसे ठीक कर रहा था। इसी दौरान मां का संतुलन बिगड़ा और वह नीचे गिर गई थी। इससे उसके सिर व हाथ में गंभीर चोट आई थी। अजय के गवाही से पलटने के बाद भी कोर्ट ने उसके पिता राजू जाटव को परिस्थितिजन्य साक्ष्य के आधार पर आजीवन कारावास व 500 रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है।

मोगरी व पति के कपड़ों पर लगा खून एक ही, इस आधार पर सजा

पुलिस ने घटनास्थल पर खून से सनी मोगरी जब्त की थी। इसके अलावा मृतका के पति राजू जाटव के खून से सने कपड़े भी बरामद किए थे। एफएसएल जांच में यह सिद्ध हो गया कि मोगरी व राजू के कपड़ों पर लगा खून मृतका का ही है। इसके अलावा डॉक्टर की मेडिकल रिपोर्ट के आध्ाार पर भी कोर्ट ने राजू जाटव को पत्नी का हत्यारा मानकर सजा सुनाई है।