उज्जैन। फव्वारा चौक निवासी 55 वर्षीय महिला मंगलवार सुबह करीब 8.40 बजे दोपहिया वाहन से दशहरा मैदान पर रहने वाले पेट्रोल पंप संचालक के घर पहुंची। यहां उसने पंप संचालक की पत्नी से पानी मांगा। जैसे वह किचन में पानी लेने के लिए गई तो महिला ने खुद के पास छुपाकर लाई बोतल से पेट्रोल डाला और माचिस से आग लगा ली। झुलसी महिला को गंभीर हालत में इंदौर रैफर कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि उसके पुत्र के खिलाफ पंप संचालक की पुत्री ने केस दर्ज करवाया था। मामले में उसे 6 साल की सजा हुई थी। दोनों पक्षों ने समझौता कर लिया था। इस पर 15 दिन पूर्व ही महिला का पुत्र जेल से छुटकर आया है।

फव्वारा चौक निवासी रोजी पति इंदरकुमार जुनेजा (55) मंगलवार सुबह करीब साढ़े 8 बजे दोपहिया वाहन लेकर दशहरा मैदान निवासी पेट्रोल पंप संचालक के घर पहुंची। यहां पंप संचालक की पत्नी घर पर मौजूद थी। रोजी जाकर हॉल में बैठ गई और महिला से पानी मांगा। वह किचन में पानी लेने के लिए गई। इस दौरान रोजी ने छुपाकर लाई प्लॉस्टिक की बोतल निकाली और उसमें से खुद पर पेट्रोल डाल लिया। इसके बाद माचिस निकालकर आग लगा ली। आग तेजी से भभकी और वह बुरी तरह झुलस गई। महिला पानी लेकर पहुंची तो उसने तत्काल सौफे पर रखा कवर निकालकर आग बुझाने का प्रयास किया। फिर ड्राइवर की मदद से पुलिस व एंबुलेंस को फोन कर बुलाया तथा रोजी को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया।

फर्जी आईडी बनाई और अश्लील फोटो किए थे अपलोड, मांगे थे 25 लाख

झुसली महिला रोजी जुनेजा के पुत्र वरुण जुनेजा ने पंप संचालक की पुत्री की फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर उस पर अश्लील फोटो अपलोड कर दिए थे। इसके अलावा उसे कई मैसेज व मेल भी किए थे। मामले में उसके खिलाफ सायबर सेल भोपाल को शिकायत की गई थी। वरुण के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। कुछ माह पूर्व उसे 6 साल की कैद हुई थी।

समझौता करने के बाद छूटा जेल से

वरुण के परिवार ने पंप संचालक के परिवार पर काफी दबाव बनाया। इसके बाद खत्री समाज व सिख समाज के लोगों ने मिलकर दोनों परिवार को समझाइश दी। इसके बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया था। जिसमें शर्त थी कि वरुण पंप संचालक के परिवार व उनकी पुत्री को परेशान नहीं करेगा। इसके आधार पर ही वह 15 दिनों पूर्व जेल से बाहर आया है।

मानसिक रूप से थी परेशान

बताया जा रहा है कि बेटे को सजा होने के बाद से ही रोजी जुनेजा मानसिक रूप से काफी परेशान हो गई थी। वह लगातार पंप संचालक के परिवार के पास जाकर माफी मांग चुकी थी। बेटे के जेल से आने के बाद भी वह काफी परेशान थी। उसे इस बात को लेकर अधिक चिंता थी कि उनका बेटा इतने दिनों तक जेल काटकर आया है। आशंका है कि पंप संचालक के परिवार पर दबाव बनाने व उन्हें परेशान करने की नीयत से ही रोजी उनके घर पहुंची और खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। हालांकि पुलिस जांच में जुटी है।

परेशान करने की नीयत से डाला खुद पर पेट्रोल

माधवनगर टीआई अरुण सोनी के अनुसार पुलिस को आशंका है कि रोजी पंप संचालक के घर परेशान करने की नीयत से गई थी। इस कारण उसने खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। उसका मकसद पंप संचालक के परिवार को धमकाना हो सकता है। हालांकि पूरे मामले की जांच की जा रही है।

एसपी से मिले समाजजन, मामले की हो जांच

पंप संचालक व झुलसी महिला के परिवार में समझौता करवाने में खत्री अरोड़वंशीय समाज व सिख समाज के वरिष्ठ लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। रोजी जुनेजा द्वारा आग लगाने जाने के बाद मंगलवार दोपहर सिख समाज के सुरेंद्रसिंह अरोरा, इकबालसिंह गांधी, खत्री समाज के ओम खत्री सहित अन्य लोग पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचे और एसपी सचिन अतुलकर से मुलाकात की। सभी ने बताया कि महिला के जलने में पंप संचालक के परिवार के सदस्य शामिल नहीं हैं। उनके घर में लगे सीसीटीवी फुटेज में पूरा मामला स्पष्ट है। पुलिस बगैर जांच किए कोई कार्रवाई ना करे। एसपी ने सभी को आश्वासन दिया कि जांच के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। झुलसी महिला के इंदौर के चौइथराम अस्पताल में बयान दर्ज करवाए गए हैं।