उमरिया। नईदुनिया प्रतिनिधि

किसी भी बैंक के एटीएम में कैश नहीं है और बैंकों में भी लोगों को बड़ी रकम नहीं मिल पा रही है। शादी का सीजन है, स्कूलें खुल गई हैं, फीस जमा करनी है लेकिन बैंकों से भी बड़ी रकम नकद नहीं मिल पा रहा है। बैंक मैनेजर कह रहे हैं कि आरबीआई से करंसी नहीं आ रही है जिसके कारण ये दिक्कत बनी हुई है। ये दिक्कत अभी और कितने दिनों तक बनी रहेगी इसका भी कोई जवाब बैंक अधिकारी नहीं दे पा रहे है। ग्राहक लाइन लगाकर खड़े रहते हैं लेकिन उन्हें नकदी नहीं मिल पा रहा है।

ये स्थिति कोई एक दिन में निर्मित नहीं हुई है बल्कि पिछले दो महीने से धीरे-धीरे अचानक नकदी कम होने लगी। पिछले एक सप्ताह से तो नकदी का अकाल पड़ गया। आज स्थिति यह है कि एटीएम बंद पड़े हुए हैं।

कहां गए बड़े नोट

ये एक बड़ा सवाल है कि आखिर बड़े नोट कहां चले गए। इसका जवाब यही है कि लोगों ने बड़े नोटों को दबा लिया है। ये चुनावी साल है और संभवतः चुनाव को ध्यान में रखते हुए ही बड़ी पार्टियों ने बड़े नोट छिपा लिए हैं।

नोटबंदी का असर है, पर कब तक रहेगा किसी को नहीं जानकारी

बैंक अधिकारी दबी जुबान में कहते हैं कि ये स्थिति नोटबंदी के कारण निर्मित हुई है। बैंकों ने आरबीआई को अपनी डिमाण्ड भेजी है इसके बावजूद कोई जवाब हासिल नहीं हुआ। पिछले चार महीनों से बैंक आरबीआई को लेटर लिख रहे हैं लेकिन आरबीआई से कोई जवाब बैंक अधिकारियों को नहीं मिल रहा है। बैंकों में करंसी न होने के कारण छोटे और पुराने नोट बैंक बांट रहे हैं। ये वे नोट हैं जिन्हें बैंक रिजेक्ट करने वाला था, मजबूरी में इन नोटों को लोगों को दिया जा रहा है। मजेदार बात यह है कि नोटों की किल्लत होने के बाद ये फटे और पुराने नोट भी ग्राहक हंसी-हंसी ले रहे हैं। बैंकों में नोटों की कितनी किल्लत है इसका उदाहरण है कि संजय गांधी ताप विद्युत गृह के आवासीय कॉलोनी स्थित सेन्ट्रल बैंक ऑफ इण्डिया शाखा मंगठार में सोमवार को तीन हजार रुपए का चेक क्लियर नहीं हो पाया। यही स्थिति उमरिया के बैंकों में भी बनी हुई है। जिन लोगों ने एडवांस चेक दिए हैं उनके चेक क्लियर नहीं हो पा रहे हैं। परिणामस्वरूप व्यापार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। छोटे व्यापार खासतौर से रुपयों की कमी के कारण प्रभावित हो रहे हैं। आमजन में इस स्थिति के कारण गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। गुस्से की वजह यह है कि घण्टों एटीएम की लाइन में लगने के बावजूद उन्हें पैसा नहीं मिल पा रहा है।

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नकदी की समस्या इसलिए बनी हुई है क्योंकि रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया से नकदी नहीं आ रही है। इस संबंध में हमने कई बार आरबीआई को पत्र भी लिखा है पर किसी भी पत्र का कोई जवाब नहीं आया। बैंक एक दूसरे से नगदी मंगवाकर काम चला रहे हैं।

-आरके भारद्वाज

प्रबंधक, स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया