भोपाल। मप्र के नगरीय निकाय केबल सेवा, डीटीएच सेवा और अन्य मनोरंजन प्रदान करने वाले व्यापारियों पर उनके कुल वार्षिक टर्न ओवर का 20 प्रतिशत तक मनोरंजन टैक्स लगा सकेंगे। विधानसभा में मनोरंजन कर अधिनियम पारित होने के बाद नगरीय विकास विभाग ने कानून के नियम भी लागू कर दिए हैं।

स्थानीय निकाय अलग-अलग मनोरंजन सेवाओं के लिए अलग-अलग कर निर्धारित कर सकते हैं। नियम लागू होने से पहले के साल में 50 हजार रुपए से ज्यादा के टर्नओवर वाले व्यापारियों को यह टैक्स देना होगा।

जिन व्यापारियों का टर्नओवर नियम लागू होने की तारीख से पहले के साल में 50 हजार रुपए से ज्यादा नहीं है, उन्हें थोड़ी राहत दी गई है।

ऐसे व्यापारियों का टर्न ओवर जिस साल में 5 लाख रुपए से ज्यादा होगा, उस साल के लिए व्यापारी को 5 लाख रुपए से ज्यादा की राशि पर ही टैक्स देना होगा। लेकिन यदि कोई व्यक्ति प्रदर्शनी, सर्कस, संगीत कार्यक्रम, खेल प्रतियोगिताओं, स्टेट प्रस्तुति के जरिए स्थानीय क्षेत्र में मनोरंजन उपलब्ध कराने के व्यवसाय में लगा हुआ है तो उसके टर्नओवर पर विचार किए बिना कारोबार प्रारंभ होने की तारीख से टैक्स वसूला जाएगा।

राज्य सरकार नगरीय निकायों द्वारा लगाए गए मनोरंजन करों पर छूट दे सकती है। नगरीय निकायों को छूट देने के लिए राज्य सरकार से अनुमति लेनी होगी। एक से ज्यादा नगरीय निकायों में मनोरंजन का कारोबार कर रहे व्यापारियों को निकायों से अलग-अलग रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र लेना होगा। कारोबारियों को चालान के जरिए मनोरंजन कर देना होगा। टैक्स देने में देरी करने पर कारोबारियों पर डेढ़ प्रतिशत की दर से ब्याज वसूला जाएगा।